नतीजा आठ माह में सिर्फ 2 शिकायत:85 फीसदी मुखिया काे पता नहीं, मनरेगा योजनाओं की निगरानी कर रहे लाेकपाल

भागलपुर16 दिन पहलेलेखक: मदन
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भास्कर की टीम ने 151 मुखिया से बात की, 125 का जवाब था-पता नहीं, सिर्फ 26 ने कहा-पता है। - Dainik Bhaskar
भास्कर की टीम ने 151 मुखिया से बात की, 125 का जवाब था-पता नहीं, सिर्फ 26 ने कहा-पता है।

मनरेगा याेजना की निगरानी के लिए जिले में आठ माह पहले लाेकपाल की नियुक्ति हुई। लेकिन हैरत यह कि आम लाेगाें की बात ताे दूर की है, 85 फीसदी मुखिया काे ही इसके बारे में पता ही नहीं है। भास्कर की टीम ने जिले के सभी 16 प्रखंडाें की 151 पंचायताें के मुखिया से बात की। इस दाैरान पाया गया कि ज्यादातर काे इसके बारे में जानकारी नहीं थी। सभी मुखिया से एक ही सवाल किया गया-क्या मनरेगा याेजनाओं की निगरानी और उसकी जांच के लिए जिला में लाेकपाल है? इस दाैरान लाेकपाल का नाम सुनते ही ज्यादातर मुखिया चाैंक गए। इसमें से 125 का का जवाब था-नहीं।

इसमें कुछ ने कहा-पता नहीं। एक ने बताया कि हां पता है, आदमपुर में बैठते हैं। जबकि सिर्फ 26 मुखिया ने जवाब था-हां। अब जब मुखिया काे ही मनरेगा लाेकपाल के बारे में पता नहीं है, ताे ऐसे में मनरेगा याेजनाओं में गड़बड़ी की जांच कैसे हाेगी। यही वजह है कि आठ माह बीत जाने के बाद भी मनरेगा लाेकपाल के पास अब तक सिर्फ दाे शिकायत आई।

पहली शिकायत लाेकपाल के भागलपुर आने के बाद चार माह बाद और फिर दूसरी शिकायत सप्ताहभर पहले मिली। इनमें से एक में कुछ नहीं निकला। जबकि दूसरी शिकायत के लिए सप्ताहभर नाेटिस जारी किया गया है। हालत यह है कि मनरेगा लाेकपाल सुबह से लेकर शाम तक लाेगाें का इंतजार करते रहते हैं।

जिले में बीते अक्टूबर में मनरेगा लाेकपाल की तैनाती हुई

जिले में मनरेगा लाेकपाल के रूप में अरुण कुमार की पाेस्टिंग अक्टूबर 2021 में हुई। उनका काम है कि मनरेगा याेजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत वहां करने पर उसकी जांच की जाएगी। साथ ही याेजनाओं की निगरानी भी की जाएगी, ताकि अगर कहीं अनियमितता पाई गई ताे दाेषियाें के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। पहली शिकायत जनवरी में मिली। इसमें सुल्तानगंज की महेशी पंचायत के एक आवेदक ने कहा कि मनरेगा याेजना के तहत मृत व्यक्ति भी जाॅब कार्ड का लाभ लेकर पैसे उठा रहे हैं।

हालांकि जांच में इस मामले में कुछ नहीं निकला। दूसरी शिकायत दाे मई काे की गई है। इसमें नाथनगर के एक आवेदक ने कहा है कि ट्रस्ट की जमीन काे निजी बताकर याेजना का लाभ लिया जा रहा है। इसके लिए वहां के पीओं काे नाेटिस देकर तीन दिनाें के अंदर जवाब मांगा गया है। हालांकि अभी तक जवाब नहीं आया है।

मनरेगा लाेकपाल अरुण कुमार ने बताया कि लाेगाें के इसके बारे में जानकारी नहीं हाेने से आवेदन नहीं आ रहे हैं। लाेग निडर हाेकर आवेदन करें, उनकी शिकायत काे गंभीरता से लिया जाएगा और उस दिशा में उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अगर कहीं मनरेगा में जाॅब कार्ड में गड़बड़ी, 100 दिनाें की राेजगार गारंटी और अन्य याेजनाओं से संबंधित शिकायत कर सकते हैं। माेबाइल नंबर 9006463036 पर काॅल कर भी इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं। साथ ही कलेक्ट्रेट स्थित डीआरडीए भवन के प्रथम तल में ऑफिस आकर आवेदन देकर शिकायत कर सकते हैं।

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