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विद्युत समस्या:9 पावर सब-स्टेशन, फॉल्ट दूर करने को चाहिए 100 लाइनमैन, हैं सिर्फ 45, इसलिए ज्यादा बिजली कटौती

भागलपुरएक महीने पहले
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  • 2019 से बिजली कंपनी ने नहीं की लाइनमैन की नियुक्ति, एकसाथ फॉल्ट होने से बढ़ रही समस्या

शहर की बिजली व्यवस्था महज 45 लाइनमैन के भरोसे चल रही है। लाइन दुरुस्त करने के लिए 100 लाइनमैन की जरूरत है, लेकिन बिजली कंपनी ने 2019 से अब तक किसी की तैनाती ही नहीं की। नतीजा, संख्या कम होने से फॉल्ट ढूंढ़ने और बनाने में ही घंटों लग रहे हैं।

आलम यह है सामान्य फॉल्ट ढूंढ़ने में ही कर्मियों को तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। इसका खामियाजा रोजाना दक्षिणी क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र समेत नाथनगर इलाके में लोगों को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन हो रहे ओवरलोड से लाइन में फॉल्ट हो रहे हैं। जर्जर तारों में इन फॉल्ट को ढूंढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

हाल ही में दो दिन हुई आंधी और बारिश में 19 घंटे तक हुई कटौती

हाल ही में दो दिनी हुई आंधी-बारिश से कई इलाकों में 19 घंटे तक बिजली गुल रही। कंपनी की माने तो लाइनमैन की कमी से ही ज्यादा समय तक कटौती का दंश झेलना पड़ा। सबौर में ही 20 स्थानों पर लाइन में खराबी आ गई। झुरखुरिया के जंगल में ही 7 जगहों पर फॉल्ट मिले।

एक जगह कर्मचारियों ने फॉल्ट ढूंढ़े तो दूसरी ओर फॉल्ट हो गया। इससे लाइनमैन लगातार फॉल्ट ढूंढ़ने और उसे ठीक करने में उलझे रहे। जानकारों की माने तो लाइनमैन की संख्या पर्याप्त होती तो जल्द फॉल्ट ढूंढ़े जा सकते थे। बिजली कटौती की अवधि कम हो सकती थी।

बरारी के राजेंद्र नगर में गिर पड़ी हाईटेंशन तार, बिजली हो गई गुल

बरारी राजेंद्र नगर में शाम 7 बजे हाईटेंशन तार गिरने से इलाके में अंधेरा पसर गया। लोग गर्मी से परेशान रहे। पानी का संकट भी झेलना पड़ा। उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद बिजलीकर्मी तार ठीक करने 2 घंटे देर बाद पहुंचे। दूसरी ओर सुबह में तिलकामांझी के आनंदगढ़ कॉलोनी में एक फ्यूज उड़ने से कई उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती भी गुल हो गई। यहां भी शिकायत करने के बाद भी कर्मचारियों को पहुंचने में घंटाभर लगा। सुबह 11:30 बजे बिजली सप्लाई हुई तो लोगों को राहत मिली।

हम दूसरे पीएसएस से भी मदद ले रहे हैं

शहर में 9 पीएसएस हैं। एक पीएसएस में 5 लाइनमैन हैं। ऐसे में महज 45 लाइनमैन ही हैं। शिकायत मिलने पर जल्द ठीक करने की कोशिश की जाती है। लेकिन ज्यादा फॉल्ट होने पर परेशानी बढ़ जाती है। हालांकि इसे हम लोग दूसरे पीएसएस के लाइनमैन को बुलाकर ठीक करवा रहे हैं।
- श्रीराम सिंह, अधीक्षण अभियंता

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