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  • 99 Deaths Due To Corona In 3 Months In Government Records, But The Truth; That 335 Bodies Were Burnt By Kovid Protocol In 4 Crematoriums Itself

सरकारी आंकड़े V/s श्मशान का सच:भागलपुर में सरकारी रिकार्ड में 3 माह में कोरोना से 99 मौतें, पर सच्चाई यह कि 4 श्मशान में ही कोविड प्रोटोकॉल से जलीं 335 लाशें

भागलपुर17 दिन पहले
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बरारी श्मशान घाट की यह तस्वीर 26 अप्रैल की है। यहां एक लाइन में कई चिताए जल रहीं थीं। - Dainik Bhaskar
बरारी श्मशान घाट की यह तस्वीर 26 अप्रैल की है। यहां एक लाइन में कई चिताए जल रहीं थीं।
  • भागलपुर भास्कर टीम समेत जिले के 16 प्रखंडों से 16 रिपोर्टर की पड़ताल

कोरोना की दूसरी लहर में हुई मौतों की संख्या भागलपुर का स्वास्थ्य विभाग छिपा रहा है। विभाग का दावा है कि तीन माह मार्च, अप्रैल और मई में जिले में कोरोना से महज 99 मौतें हुई हैं। हकीकत इससे उलट है। महज जिले के चार श्मशान घाट बरारी, सुल्तानगंज, कहलगांव और नवगछिया में ही कोविड प्रोटोकॉल के तहत 335 लाशें जलाई गई हैं। इसके अलावा, 2020 के तीन माह की तुलना में इस बार 403 डेथ सर्टिफिकेट भी ज्यादा जारी हुए। 2021 मार्च से मई तक 1256 डेथ सर्टिफिकेट जारी, 2020 में इन्हीं 3 माह में 853 बने थे।

दूसरी ओर जिले के सभी 16 प्रखंडों, सीडीपीओ कार्यालय, नगर पंचायत, नगर परिषद से जारी डेथ सर्टिफिकेट भी विभागीय झूठ की पोल खोल रहे हैं। तीन माह में 1256 लोगों के डेथ सर्टिफिकेट जारी हुए हैं। यह अलग बात है कि इनमें कोरोना से मौत का जिक्र नहीं है। लेकिन 2020 के मार्च, अप्रैल व मई में जारी डेथ सर्टिफिकेट की संख्या से इस बार 403 प्रमाण पत्र ज्यादा बनाए गए हैं। पिछले साल इन्हीं तीन माह में 853 डेथ सर्टिफिकेट बने थे। भास्कर की 16 रिपोर्टर्स की टीम की 7 दिन तक 16 प्रखंडों के श्मशान की पड़ताल में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

16 में 15 ऐसे प्रखंड मिले, जहां पिछले साल की तुलना में इस बार मार्च से 24 मई तक डेथ सर्टिफिकेट अधिक बनाए गए। बिहपुर के मिल्की गांव में तो डेढ़-दो माह में 16 मौत हुई हैं। इसमें 7 संक्रमित थे। बाकी 9 को मामूली सर्दी-खांसी व बुखार था और उनकी मृत्यु हो गई। आशंका है कि उनकी मौत भी कोरोना से हुई। हालांकि इसका कोई सरकारी रिकार्ड नहीं है। इस बीच भास्कर टीम ने अलग-अलग इलाकों में पंचायत व जनप्रतिनिधियों से बात की तो पता चला की कोरोना से मौत का सरकारी आंकड़ों से दोगुनी होगी।

4 श्मशान में कोरोना संदिग्धों के 249 शव जलाए
बीते तीन माह में अलग-अलग श्मशान घाटों पर 249 से अधिक कोरोना संदिग्धों के शव जलाए गए हैं। लेकिन यह आंकड़ा सरकारी रिकार्ड से गायब है। सुल्तानगंज के श्मशान घाट पर लाश जलाने वालों ने बताया कि करीब 150 ऐसे शवों का दाह-संस्कार हुआ है। जिनकी मौत कोरोना से होने की आशंका है। यह आशंका इसलिए है, क्योंकि उन शवों के साथ गिनती के लोग आते थे और लाश को दूर से जलाते थे। कहलगांव के श्मशान घाट पर 39 ऐसे लोगों के शव जलाए गए, जिनमें कोरोना की आशंका थी।

हालांकि, घाट पर तैनात कर्मियों के मुताबिक वे दूसरे इलाके के थे, इसलिए सही बात बताने से कतराते थे। इसके अलावा नवगछिया के बटेश्वर, गोपालपुर का स्पर संख्या 5, तीनटंगा और इस्माइलपुर घाट पर करीब 20 कोरोना संदिग्धों का अंतिम संस्कार किया गया। घाट के राजा ने ज्यादातर की मौत कोरोना से होने की आशंका व्यक्त की। जबकि गोपालपुर बीडीओ बीना कुमारी चौधरी ने बताया, करीब 4 शव का दाह-संस्कार कोविड प्रोटोकॉल से किया गया है। ऐसी ही स्थिति बरारी की भी थी। वहां लकड़ी बेचने वालों ने बताया कि करीब 40 ऐसे शवों का दाह-संस्कार किया, जिन्हें देखकर ही पता चला कि उनकी मौत कोरोना से हुई।

मिल्की गांव में डेढ़ माह में हुईं 16 मौतें
बिहपुर के मिल्की गांव में डेढ़ से दो माह में 16 लोगों की मौत हुई है। इन सबकी मौत दो-तीन दिनों के अंतराल पर होती रही। इनमें केवल 7 की मौत कोरोना से हुई है, जिसका सरकारी रिकार्ड है। बाकी मृत 9 लोगों को सर्दी-खांसी, बुखार था। स्थानीय प्रतिनिधियों को आशंका है कि उनकी मौत भी कोरोना से ही हुई। चूंकि उनकी कोरोना जांच नहीं हुई, इसलिए कंफर्म नहीं हुआ।

कोरोना से मरने वालों में ध्रुव नारायण दुबे (75), गिरिश शर्मा (55), साह वकील, योगेंद्र सिंह, अनिल शर्मा, सलाहउद्दीन, शेख मुश्ताक थे। मो. कासिम को डायबिटीज, रिजवान अली को हर्ट, शेख ग्यास को सर्दी-खांसी व बुखार, नसीमा खातून, अमिखा खातून को सर्दी-खांसी, बीबी सलीमा को डायबिटीज, शेख फिराेज काे सर्दी-खांसी-बुखार, मिथिलेश यादव काे लीवर, सैरून खातून काे सर्दी-खांसी थी। सभी की मौत हो गई। बिहपुर पूरब पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मो. रबूल हसन, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रोहित आनंद शुक्ला, कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष इरफान आलम ने बताया, गांव के 16 लाेगाें की माैत डेढ़-दाे माह में हुई है।

मार्च से अब तक जिले के केवल 99 लाेगाें की काेराेना से माैत
मायागंज अस्पताल अधीक्षक डाॅ. असीम कुमार दास ने बताया, मार्च से अब तक 182 मौतें कोरोना से हुई। इनमें भागलपुर के 81 हैं। सीएस डाॅ. उमेश शर्मा ने बताया, दूसरी लहर में अब तक 99 माैतें हुई हैं। निजी में 16, सदर अस्पताल में 2, मायागंज में 81 माैताें का डाटा है।

सवाल : जब प्रोटोकॉल से 304 लाशें जलीं तो सर्टिफिकेट 33 के ही क्यों
नगर आयुक्त प्रफुल्लचंद्र यादव ने बताया, निगम से मार्च 2021 से अब तक 410 मृत्यु प्रमाण पत्र बने हैं। अप्रैल में काेराेना से माैत हाेने पर 2, मई में 31 प्रमाण पत्र बने। पहले काेविड के फाॅर्मेट नहीं थे, इसलिए मार्च में जारी प्रमाण पत्राें में काेविड का जिक्र नहीं है। जबकि बरारी में मार्च 2021 से 30 मई तक 304 काेराेना मरीजाें के शव का अंतिम संस्कार हुआ है।

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