भागलपुर में सुसर ने किया बहू कन्यादान:दो साल पहले बेटे की मौत, बहू गुमसुम रहने लगी तो खुद ढूंढा रिश्ता; कराई शादी

भागलपुर3 महीने पहले
विवाह बंधन में बंधी अंजू। - Dainik Bhaskar
विवाह बंधन में बंधी अंजू।

भागलपुर में इन दिनों एक शादी की चर्चा काफी है। क्योंकि इस शादी जिस ससुर ने कभी बहू को विदा कर अपने घर लाया था, इसको फिर अपने हाथों से विदा किया। मामला भागलपुर के घोघा थाना क्षेत्र के जसीडीह का है। जहां ससुर ने पिता बन फर्ज निभाया। जसीडीह निवासी अनील मंडल ने पिता का फर्ज निभाते हुए विधवा हो चुकी अपनी पुत्र वधू अंजू देवी की दूसरी शादी करवाई है। ताकि बहू कि वीरान जिंदगी में फिर खुशियां आ सके। इधर, इस शादी की चर्चा काफी हो रही है। अनिल ने समाज को सोच बदलने का संदेश भी दिया।

बटेश्वर स्थान में शादी के समय उपस्थित ग्रामीण व पुलिस। इस शादी का चर्चा जोरों पर है।
बटेश्वर स्थान में शादी के समय उपस्थित ग्रामीण व पुलिस। इस शादी का चर्चा जोरों पर है।

बारात में शामिल हुए गांव वाले और पुलिस वाले

इस शादी में बारात के रूप में गांव व पुलिस वाले शामिल हुए थे। शादी स्थानीय बटेश्वरस्थान में कराई गई थी। इसी वजह से लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी लोग इस काम की सराहना कर रहे है। विवाह धूम-धाम से संपन्न हुआ। इसके बाद ग्रामीणों को भोज भी करवाया गया।

पहले पत्नी फिर बेटे की हुई मौत, इसके बाद बहू को बेटी मानने लगे

अनिल मंडल की जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव आया था। अनिल मंडल पत्नी मंजू देवी, पुत्र रविन्द्र कुमार और बहू अंजू देवी के साथ रहते थे। अनिल को रविंद्र कुमार के रूप में एक ही संतान था। पर 2020 में इन पर दुखों का पहाड़ टूट गया। जून 2020 को पत्नी मंजू देवी का देहांत हो गया। इसके बाद 27 जुलाई 2020 को पुत्र रविन्द्र कुमार की भी हृदयगति रुकने से मौत हो गई। इस प्रकार दो-दो घटनाओं से अनिल मंडल विचलित हो गए। बहू भी मानसिक रूप से परेशान और गुमसुम रहने लगी।

बहू का अकेलापन ससुर को नहीं लगा अच्छा, अपने रिश्तेदार में कराई शादी

अनिल को पुत्री नहीं होने की वजह से वो बहू को बेटी मानने लगे। बहु का अकेलापन और भविष्य के बारे में सोचते-सोचते ससुर अनिल ने शादी कराने का निर्णय ले लिया। फिर अपने ही रिश्तेदार में योग्य लड़का खोजा। इसके बाद बीते 14 मई को बटेश्वर स्थान में आठगांवा निवासी जयराम मंडल के पुत्र निर्मल राज (32) के साथ बहू अंजू (30) की शादी विधि विधान के साथ करा दी। संपूर्ण वैवाहिक कार्यक्रम में कन्या पक्ष की ओर से ससुर अनिल मंडल ने भूमिका निभाई। अनिल मंडल ने बताया कि मुझे बेटी नहीं है, लेकिन बहू ने सदैव मुझे अपने सगे पिता से भी बढ़कर ज्यादा मान सम्मान दिया। बहू से ज्यादा बेटी के रूप में मेरा अरमान पूरा किया मैं काफी खुश हूं।