TMBU में स्थाई VC को लेकर आइसा का अल्टीमेटम:2 जून के बाद विश्वविद्यालय में होगा उग्र आंदोलन, विवि शिक्षा देने के बजाय बढ़ा रहा है फीस

भागलपुर4 महीने पहले
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आंदोलन की रुपरेखा तैयार करता AISA। - Dainik Bhaskar
आंदोलन की रुपरेखा तैयार करता AISA।

विभिन्न मुद्दों को लेकर आइसा अब उग्र आंदोलन के मूड में है। दिल्ली में जंतर मंतर पर छात्र संसद 31 मई 2022 को होने जा रहा है। उसको लेकर छात्र संगठन आइसा नई शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान में सिग्नेचर अभियान चला रहा है। बिहार आइसा के राज्य सचिव कामरेड साबिर ने कहा नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से केंद्र सरकार पूरे देश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को निजीकरण करने पर तुली हुई है। यूजीसी को खत्म कर लोन देने के लिए हेफ़ा नामक संस्थान बनाना विश्वविद्यालय में सीनेट को खत्म करना आदि साजिश है। इसके कारण विश्वविद्यालय छात्रों से मनमाना फीस वसूल सकेगी। छात्र बढ़ी हुई फीस भरने में सक्षम नहीं होंगे तो उन्हें पढ़ाई छोड़नी होगी। ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर गरीब वह वंचित छात्रों को जिनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं,उन्हेंें शिक्षा से दूर कर दिया जाएगा। हमारे समाज में जहां लड़कियां मोबाइल भी नहीं रख सकती उनकी पढ़ाई छूट जाएगी।

टीएमबीयू में स्थाई वीसी हो नियुक्त, नहीं तो होगा आंदोलन

आइसा के विश्वविद्यालय संयोजक प्रवीण कुशवाहा ने कहा कि टीएमबीयू में स्थाई वीसी की नियुक्ति नहीं होने से छात्र परेशान हैं। कई काम पेंडिंग है। इसके लिए आइसा ने उग्र आंदोलन की रुप रेखा तैयार कर ली है। 2 जून के बाद से इसको लेकर उग्र आंदोलन होगा। बैठक में इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव कॉमरेड गौरी शंकर राय ने

कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का सबसे महत्वपूर्ण व मूल बात निजीकरण है। आज केंद्र व राज्य सरकार के साथ-साथ विश्वविद्यालय प्रशासन को भी अच्छी शिक्षा देने की चिंता नहीं है। छात्रों से ज्यादा से ज्यादा ही कैसे वसूला जाए इसकी चिंता है।

विश्वविद्यालय महाविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता कायम है। नई शिक्षा नीति में अनुदान के जगह लोन देने की बात की जा रही है जो छात्र लोन लेकर पढ़ाई करेंगे वह रोजगार के अभाव में आत्महत्या को मजबूर होंगे।

शिक्षा व स्वास्थ्य बड़े उद्योगपति और माफिया के चंगुल में

बैठक में आइसा के विश्वविद्यालय संयोजक प्रवीण कुशवाहा ने कहा कि हमारे देश में शिक्षा व स्वास्थ्य के दोनों समाजिक सरोकार का क्षेत्र आज धीरे-धीरे बड़े उद्योगपति और माफिया के चंगुल में फंसा हुआ है। गरीब व मध्यम वर्ग को मुकम्मल शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए भी आने वाले दिनों में संघर्ष करना पड़ेगा। आइसा नेता अंबुज आनंद,और हेमंत कुशवाहा एवं सुमन यादव ने कहा कि आज नई शिक्षा नीति से सबसे ज्यादा दलित-गरीब तबके के छात्र -छात्रा पढ़ाई से वंचित होंगे। आज जरूरत है कि नई शिक्षा नीति के खिलाफ गांव-गांव में अभियान चलाकर कानून को वापस लेने की मांग को तेज करना होगा।

31 मई को जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन में छात्र हों शामिल

बैठक के अंत में छात्रों से जंतर मंतर नई दिल्ली में आयोजित 31 मई को छात्र संसद में भाग लेने की अपील हुई है। बैठक की अध्यक्षता आइसा नेता हेमंत कुशवाहा ने की। आइसा नेता सुमन यादव ,अंबुज आनंद ,सत्यम यादव, विकास राणा, प्रिंस कुमार, संतोष कुमार, अभिराज यादव, कुंदन कुमार सागर, आदित्य कुमार उपस्थित थे।