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मायागंज अस्पताल:छह माह में भी नहीं शुरू हुए काेराेना मरीजों के सभी टेस्ट, बाहर कराने पर 14 हजार खर्च

भागलपुरएक महीने पहले
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  • केवल आईसीयू में भर्ती मरीजाें के लिए ही दाे टेस्ट पर नहीं मिलती है रिपाेर्ट
  • हाेम आइसाेलेशन के मरीज काे नहीं पता, क्या है उनके संक्रमण का स्तर

काेराेना संक्रमण की शुरुआत में ही मेडिकल काॅलेज अस्पताल काे काेविड डेडिकेटेड हाॅस्पिटल घाेषित किया गया। लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी अस्पताल में काेराेना से संबंधित सभी जरूरी टेस्ट की व्यवस्था नहीं हाे सकी है। जबकि काेराेना के संक्रमण का प्रतिशत और इलाज के लिए दवा की मात्रा निर्धारित करने में इन टेस्ट का हाेना जरूरी है। अभी मरीज ठीक हाेकर घर ताे जा रहे हैं या हाेम आइसाेलेशन में रहकर भी रिकवर हाे रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता है कि उनके शरीर में संक्रमण का स्तर क्या है।

जाे मरीज मायागंज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हाेते हैं, उनके लिए ही केवल दाे प्रकार के टेस्ट की सुविधा है। जबकि यहां छह प्रकार के टेस्ट की व्यवस्था हाेनी चाहिए थी। जाे दाे प्रकार के टेस्ट यहां हाे रहे हैं उसकी रिपाेर्ट भी मरीजाें काे नहीं मिलती है। ताकि बाद में काेई परेशानी हाे ताे उस रिपाेर्ट के आधार पर इलाज करा सकें। अगर मरीज काेराेना के सभी टेस्ट प्राइवेट में कराएं ताे 14 हजार रुपए खर्च हाेंगे।

यहां सीआरपी जांच ताे हाे रही है। लेकिन इससे आगे के इसी जांच की भी जरूरत हाेती है। मायागंज अस्पताल में अब तक 112 लाेगाें की काेराेना से माैत हाे चुकी है। यदि यहां सभी तरह के टेस्ट की व्यवस्था हाेती ताे माैत की संख्या कम की जा सकती थी।

सभी जांच हाे ताे मरीजाें के इलाज में हाेगी सुविधा

मेडिकल काॅलेज अस्पताल के काेराेना वार्ड के नाेडल प्रभारी डाॅ. हेमशंकर शर्मा भी कहते हैं कि डी डायमर टेस्ट और सीआरपी की काेराेना के लगभग हर मरीज काे जरूरत पड़ती है। डी डायमर और सीआरपी जांच आईसीयू में हाेती है। काेविड प्राेटाेकाॅल के तहत और जांच हाेगी ताे डाॅक्टराें काे मरीज का इलाज करने में सुविधा हाेगी। कुछ टेस्ट शुरू करने के लिए पैथाेलाॅजी से कहा गया है।

पटना में है टेस्ट की सुविधा, कमिश्नर ने यहां भी शुरू करने के दिए थे निर्देश
अब सवाल उठता है कि जाे मरीज सक्षम हैं वे प्राइवेट पैथाेलाॅजी में अपना टेस्ट बाहर के करा लेते हैं, लेकिन गरीब मरीजाें के 14 हजार रुपए खर्च करना संभव नहीं है। हाल में काेराेना पाॅजिटिव हुए सांसद अजय मंडल व पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी काे अपने पिता के लिए प्राइवेट पैथाेलाॅजी में जांच करवानी पड़ी है। यहां के कमिश्नर व डीएम के भी संक्रमित हाेने पर पटना रेफर किया गया था क्याेंकि वहां ज्यादा जांच की सुविधा है।

एनएमसीएच में एसआर फेरिटिनिन, डी डायमर, एचएस सीआरपी समेत अन्य महत्वपूर्ण जांच हाेती है। एम्स में इससे भी अधिक सुविधा है। जिस समय कमिश्नर संक्रमित हुई थी उस वक्त भागलपुर में रेमडेसिवीर इंजेक्शन भी नहीं मिल रहा था, लेकिन अब यहां उपलब्ध है। कमिश्नर वंदना किनी ने अगस्त में ही अस्पताल प्रबंधन काे निर्देश दिया था कि यहां आवश्यक जांच की व्यवस्था शुरू करें।

जांच शुरू कराने का करेंगे प्रयास
^डी डायमर जांच की रिपाेर्ट देने की व्यवस्था का पता करेंगे। पैथाेलाॅजी के डाॅक्टराें से बात करेंगे कि काैन सी जांच यहां शुरू कर सकते हैं।
-डाॅ. एके भगत, अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच

स्वास्थ्य विभाग को लिखेंगे पत्र
मेडिकल काॅलेज अस्पताल में काेराना के इलाज के लिए सभी तरह की जांच हाेनी चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय काे पत्र लिखेंगे।
-अजय मंडल, सांसद

काेराेना के 24 नए मरीज मिले, शहरी क्षेत्र के तीन संक्रमित

जिले में साेमवार काे काेराेना से 24 नए मरीज मिले। इनमें शहरी क्षेत्र से तीन मरीज शामिल हैं। जमालपुर का एक युवक सदर अस्पताल जांच कराने पहुंचा, उसकी भी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आयी है। इसके साथ ही अब जिले में संक्रमिताें का आंकड़ा 8111 हाे गया है। जबकि अब तक जिले के 67 लोगों की काेराेना से मौत हो चुकी है। 7683 लोग कोरोना काे हराने में कामयाब हाे चुके हैं। अब एक्टिव मरीजाें की संख्या 363 रह गयी है। इनमें से अधिकतर हाेम आइसाेलेशन में हैं।

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