व्यस्त बताकर थानेदार अब नहीं चलाते कार्यक्रम:अफसर के बदलते ही लोगों की समस्या जानने वाले कार्यक्रमों काे भूली पुलिस

भागलपुरएक महीने पहलेलेखक: राकेश पुराेहितवार
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पहले थानेदार गोष्ठी करते थे, महादलित बस्ती में चेतना सभा हाेती थी, मे आई हेल्प यू की भी सुविधा थी। - Dainik Bhaskar
पहले थानेदार गोष्ठी करते थे, महादलित बस्ती में चेतना सभा हाेती थी, मे आई हेल्प यू की भी सुविधा थी।

लोगों की सुविधा, उनकी समस्या जानने व उनसे जुड़ने के लिए पुलिस की ओर से शुरू किए गए कई कार्यक्रम अब बंद हो गए हैं। बुजुर्गों की देखभाल से लेकर महादलितों को उनके हक-अधिकार की जानकारी देने के लिए थाना और पुलिस के स्तर पर कई कार्यक्रम चलाए जा रहे थे, लेकिन अधिकारियों के बदलते ही ये कार्यक्रम बंद हो गए। थानेदार व्यस्तता बता नागरिकों से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को लंबे समय तक नहीं चलाते हैं।

जब तक अधिकारियों का दबाव रहता है, थानेदार जोड़-तोड़ कर ऐसे कार्यक्रम में रुचि लेते हैं। फिर धीरे-धीरे सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ जाता है। कमजोर वर्ग के आईजी ने हर थाने में बुजुर्गों की देखभाल के लिए कमेटी बनाने का निर्देश दिया है, लेकिन जिले में मात्र एक थाने में उक्त कमेटी बनी है।

लोगों की सुविधा के लिए शुरू हुए ये कार्यक्रम अब नहीं हाे रहे
मे आइ हेल्प यू डेस्क :
15 अगस्त 2019 को कोतवाली थाने में मे आइ हेल्प यू डेस्क की शुरूआत हुई थी। कोतवाली थाना पहुंचने वाले लोगों की उक्त महिला पुलिसकर्मी सहायता करती थी। जैसे थानेदार कहां मिलेंगे, एफआईआर कहां करानी है, आवेदन कैसे लिखना है आदि बातों की उन्हें जानकारी देती थी। जिले अन्य थानों में भी इस तरह का सुविधा की शुरुआत होनी थी, लेकिन नहीं हो पाई। कोतवाली थाने में खुला मे आइ हेल्प यू डेस्क भी बंद हो गया।
लोक संवाद गोष्ठी : हर महीने की पहली शनिवार को थाना स्तर पर लोक संवाद गोष्ठी की शुरुआत हुई थी। तत्कालीन डीआईजी विकास वैभव ने इसे शुरू किया था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद धीरे-धीरे गोष्ठी बंद हो गई। सार्वजनिक स्थान पर महीने में एक दिन थानेदार क्षेत्र के लोगों के साथ बैठते थे और उनकी समस्याएं सुनते थे। निराकरण की दिशा में भी पहल होती थी।

चेतना सभा : महादलित टोले में चेतना सभा के जरिए पुलिस एससी-एसटी वर्ग से जुड़े लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करती थी। सीओ और थानेदार महीने में एक महादलित टोले को चुनते थे और वहां जाकर उनकी समस्या सुनते थे। कमजोर वर्ग की ओर से इसकी शुरूआत हुई थी। बरारी के मुसहरी में पहली चेतना सभा हुई थी।

हर थाने में बुजुर्गों की देखभाल काे कमेटी नहीं : अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देख-रेख के लिए थाना स्तर पर सामाजिक स्वयंसेवक समिति के गठन का आदेश कमजोर वर्ग के आईजी ने दिया था। उक्त आदेश के आलोक में जिले में सिर्फ जोगसर थाने में कमेटी गठित हुई है। बाकी थानों में यह कमेटी नहीं बन पाई है। थानेदार भी इस दिशा में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। थानेदार के साथ मिलकर यह कमेटी अपने थाना क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार करेगी और उनकी सहायता व देखरेख करेगी।

लोक संवाद गोष्ठी के जरिए पुलिस सीधे जनता से जुड़ती थी
जिला शांति समिति के सदस्य विनय सिन्हा का कहना है कि हर माह होने वाली लोक संवाद गोष्ठी के जरिए पुलिस सीधे जनता से जुड़ती थी। महीने में एक दिन थानेदार इलाके के किसी सार्वजनिक जगह पर बैठक करते थे और उसमें इलाके को लोगों को बुलाते थे। लोगों की समस्या, सुझाव और शिकायत सुनते थे और उसका निराकरण भी करते थे। लेकिन अब लोक संवाद गोष्ठी बंद हो गई। इसे फिर से चालू करने के लिए एसएसपी से आग्रह किया है।

चुनाव बाद जनता से जुड़ने वाले कार्यक्रम हाेंगे
जनता से जुड़ने वाले पुराने कार्यक्रमाें काे जल्द शुरू करूंगी। काेराेना के कारण ये प्रभावित हुए हैं। अब पंचायत चुनाव के बाद उसे एक्टिव करेंगे। हर थाने में बुजुर्गों की देखभाल करने वाली कमेटी बनाने के लिए कहा है।-निताशा गुड़िया, एसएसपी

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