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सीएम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर निरीक्षण:बदहाल मायागंज 10 मिनट में ही संवर गया, ऑक्सीजन सिलेंडर बेड के पास, दी चादर, परिजन वार्ड से बाहर

भागलपुरएक महीने पहले
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सीएम को लैपटॉप लेकर आइसोलेशन वार्ड में व्यवस्थाएं दिखाते डॉक्टर। - Dainik Bhaskar
सीएम को लैपटॉप लेकर आइसोलेशन वार्ड में व्यवस्थाएं दिखाते डॉक्टर।
  • सीएम के वर्चुअल निरीक्षण से पहले बनीं व्यवस्थाएं, आइसाेलेशन वार्ड के 7 मरीजों से पूछा हालचाल
  • डीएम ने लैपटाॅप से दिखाई व्यवस्थाएं तो संतुष्ट हुए सीएम, अधीक्षक से पूछा-मौतें ज्यादा क्यों हो रहीं

मायागंज अस्पताल में पसरी अव्यवस्था शनिवार को सीएम नीतीश कुमार के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पहले ही दुरुस्त होती नजर आई। पहले जहां कोविड वार्ड में परिजनों का जमावड़ा था, प्रबंधन ने परिजनों को डीएम सुब्रत कुमार सेन के पहुंचने से पहले ही उन्हें रोक दिया। बिना बेडशीट वाले सभी बेड चमक उठे। धुली चादर मरीजों को दे दी गई। स्ट्रेचर पर भी बेडशीट बिछाई।

सीएम नीतीश कुमार शाम में ऑनलाइन जुड़े तो चकाचक अस्पताल में व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने मरीजों से भी हाल जाना। सीएम के वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुए निरीक्षण व व्यवस्थाओं के बीच सवाल अब भी यही है कि यह सुविधाएं लगातार रहेंगी या फिर बिना बेडशीट वाले स्ट्रेचर व ऑक्सीजन संकट के बीच ही इलाज होगा?

आइसोलेशन वार्ड में ऑनलाइन सीएम नीतीश कुमार रूबरू हुए। लैपटॉप पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएम ने एमसीएच बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में कमरा-16 और 18 में मरीजों से हाल पूछा। कमरा-16 में बांयी ओर बेड पर मरीज से पूछा, क्या हालचाल है? तबीयत कैसी है? मरीज ने सिर हिलाकर बताया, ठीक हैं।

दूसरे बेड की ओर लैपटॉप लेकर डीएम सुब्रत कुमार सेन गए तो फिर मरीज से पूछा। मरीज ने ऑक्सीजन मास्क हटाया और कहा, 7 दिन से भर्ती हूं। ऑक्सीजन लगाते ही लेवल 92-94 आता है। मास्क हटाते ही 85 पर आ जाता है। इसी कमरे के एक अन्य मरीज ने कहा, आज ही शिफ्ट हुआ हूं। सीएम ने पूछा, खाना खाए...मरीज ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। डीएम बोले-आज ही भर्ती हुआ है। बोलने की स्थिति में नहीं है।

भर्ती से इलाज तक की प्रक्रिया सीएम को बताई

लैपटॉप ले डीएम दूसरे कमरे में गए। वहां भोजन की जानकारी सीएम ने ली। अफसरों ने सीएम को काउंटर का वीडियो दिखाया। बताया, यहां कमरे में शिफ्ट करने से पहले गंभीर मरीजों को बाहर के दो बेड पर रख ऑक्सीजन देते हैं। तब तक कागज बनते हैं और ऑक्सीजन लेवल ठीक होते ही वार्ड में भर्ती करते हैं। ऑक्सीजन लेवल न सुधरने पर आईसीयू भेजते हैं। करीब 10 मिनट में सीएम ने व्यवस्था देख संतुष्टि जताई। फिर डीएम ने सुपरिटेंडेंट डॉ. असीम दास से बात की।

सवाल : सीएम को दिखाने के लिए बनी ये व्यवस्थाएं रोज रहेंगी या फिर परिजनों को खींचना होगा स्ट्रेचर

  • निरीक्षण से पहले...सीएम के निरीक्षण से पहले व्यवस्थाएं जानने डीएम आने वाले थे। तब स्ट्रेचर पर बेडशीट नहीं थी।
  • डीएम के पहुंचने के बाद...तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे डीएम, तब तक स्ट्रेचर पर बेडशीट बिछा दी गई।

डीएम बोले- आइसोलेशन वार्ड के लिए डॉक्टरों का फिर बनेगा रोस्टर

डीएम ने कहा, वे शुक्रवार शाम भी आए थे। कुछ मरीजों के परिजनों से बात की थी। शनिवार दोपहर भी बाहर परिजनों से बात की। सभी की शिकायत डॉक्टरों को लेकर है। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से डॉक्टरों का नया रोस्टर बनाने को कहा। उन्हें बताने को कहा कि डरने की बात नहीं है। पीपीई किट पहनकर वार्ड में जाएं। डीएम ने नर्सों से भी बात की। कहा, आपलोग अच्छा काम कर रहे हैं।

मरीजों का फीडबैक भी आपलोगों के प्रति ठीक है। इसी तरह काम करती रहें। कोई दिक्कत हो तो मुझसे सीधे बात करें। डीएम के साथ प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. उमाशंकर, नोडल अधिकारी डॉ. हेमशंकर शर्मा, मेडिसिन एचओडी डॉ. विनय कुमार, आइसोलेशन वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. पीबी मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा, एसडीएम आशीष नारायण, एएसपी पूरण झा आदि भी मौजूद थे।

सीएम के निरीक्षण के कुछ अंश...

सीएम...कोरोना से इतनी मौतें क्या हो रही? अधीक्षक... वायरस बेहद स्ट्रांग है। आने वाले मरीज सीधे ऑक्सीजन सपोर्ट या आईसीयू में जा रहे हैं। जब मरीज आते हैं, उन्हें निमोनिया शिकार बना चुका है। बिहार-झारखंड के 23 जिलों का लोड है। अलग-अलग जिलों से आए वायरस में वेरिएशन है।

सीएम...जिलेवार मरीजों का रिकॉर्ड भी बनता होगा? कितना है? (अधीक्षक नहीं बता सके। सीएम ने रिपोर्ट बनाने को कहा।) वे बोले-देरी से आने वाले गंभीर मरीजों की मौत हो रही है। अधीक्षक...एक कमरे में 5 बेड हैं। तीन पर सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन है। दो बेड पर सिलेंडर से दे रहे हैं।

सीएम...आईसीयू की स्थिति बताइए? अधीक्षक...दो मरीज बाइपैप पर हैं। वेंलिटेटर इंस्टॉल हैं, लेकिन किसी को नहीं लगाया है। इस पर 99 प्रतिशत की माैत हाे जाती है।

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