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चार ऑक्सीजन प्लांट तैयार, 3 बंद:क्योंकि जनरेटर नहीं खरीद सका विभाग, एक में पाइपलाइन तक नहीं बिछी, मायागंज, कहलगांव, नवगछिया में है जनरेटर की जरूरत, सदर अस्पताल में पाइपलाइन बिछाई जाएगी

भागलपुर2 महीने पहले
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कहलगांव का ऑक्सीजन प्लांट - Dainik Bhaskar
कहलगांव का ऑक्सीजन प्लांट
  • पूर्व बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में रविवार को ऑक्सीजन लीक होने से एक मासूम की जान पर बन आई थी, जबकि सोमवार को भारत बंद में बाहर से लिक्विड ऑक्सीजन ही नहीं पहुंचा। यदि चार ऑक्सीजन प्लांट हो जाते शुरू तो नहीं होते ऐसे हालात...

जिले के 4 अस्पतालों में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट का काम अब तक पूरा नहीं हो पा रहा है। मायागंज और सदर अस्पताल के प्लांट ट्रायल होने के बाद भी शुरू नहीं किए जा रहे हैं। मायागंज में ठेका एजेंसी वार्डों में ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए मेनिफोल्ड बना चुका है, जनरेटर की जरूरत है।

सदर में 100 बेड तक ऑक्सीजन प्वॉइंट पहुंचाने के लिए पाइपलाइन ही नहीं बिछी है। कहलगांव अनुमंडलीय अस्पताल में प्लांट तैयार है, सिर्फ एक जनरेटर की जरूरत है। ऐसी ही हालत नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल की भी है। यहां भी प्लांट तकरीबन तैयार हैं, लेकिन कुछ पार्ट्स और जनरेटर लगना है।

विभागीय इस लेटलतीफी के बीच अस्पताल में ऑक्सीजन की परेशानी हो रही है। रविवार को जहां मायागंज में ऑक्सीजन प्वॉइंट लीक होने से 11 साल की बच्ची की जान पर बन आई, वहीं सोमवार को अकबरनगर के ऑक्सीजन प्लांट तक लिक्विड न पहुंचने से मुजफ्फरपुर की एजेंसी से लिक्विड मांग कर काम चलाना पड़ा। जानकारों की माने तो उक्त चारों प्लांट शुरू होने से अस्पतालों को प्रति मिनट 1200 लीटर ऑक्सीजन मिलेगी। एजेंसी पर निर्भरता घटेगी। मरीजों को समय रहते ऑक्सीजन दी जा सकेगी।

कोरोना की दूसरी लहर में मिली सीख तो प्लांट हुआ मंजूर
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों से भरे अस्पतालों को ऑक्सीजन की महत्ता का अहसास हुआ। मायागंज में जहां 22 मार्च से मई के पहले सप्ताह तक 500 से ज्यादा बेड पर कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन की दरकार थी, वहीं सदर और कोविड केयर में भी मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। हालांकि सिलेंडर से ऑक्सीजन दी जा रही थी, लेकिन फ्लो ज्यादा न होने से परेशानी हाे रही थी। ऐसे में सरकार ने जिले में 4 ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दी।

मुजफ्फरपुर से नहीं पहुंचता ऑक्सीजन तो होती परेशानी
मायागंज में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली एजेंसी का लिक्विड खत्म हाेने पर ऑक्सीजन की आपूर्ति मुजफ्फरपुर के प्लांट से की गई। अकबरनगर स्थित ऑक्सीजन प्लांट में लिक्विड पहुंचाने वाली गाड़ी साेमवार काे भारत बंद में फंस गयी थी। ऐसे में एजेंसी ने देर शाम 150 सिलेंडर दे मरीजों को राहत दी। मंगलवार काे भी 120 सिलेंडर ही मुजफ्फरपुर से ही भेजे गए। प्लांट संचालक धनंजय कुमार ने बताया, लिक्विड बाहर से आता है। अब प्लांट में लिक्विड की आपूर्ति हो गई है। बुधवार से हम अकबरनगर से ही सिलेंडर की आपूर्ति करेंगे।

जिले में इन चार अस्पतालों में चालू होना है प्लांट, जानिए क्या है वर्तमान स्थिति
1. मायागंज...
यहां राज्य व केंद्र सरकार से दाे प्लांट बनने हैं। माॅर्चरी के पास राज्य सरकार से स्वीकृत 2000 वर्गफीट पर 90% प्लांट बन चुका है। 30 मई तक इसे शुरू होना था, पर दो बार उपकरण चोरी होने से ट्रायल नहीं हुआ। अब ट्रायल होगा। इस प्लांट से हर मिनट 300 लीटर ऑक्सीजन मिलेगा।

2. सदर... इंडाेर के सामने बने प्लांट का ट्रायल हाे चुका है। मेनिफाेल्ड बनाने व 100 बेडाें के लिए पाइपलाइन का काम होना बाकी है। सीएस डाॅ. उमेश शर्मा का कहना है, एजेंसी को रिमाइंडर देकर जल्द शुरू कराएंगे। यहां से कोविड केयर सेंटर व इंडाेर में 50 बेड पर ऑक्सीजन मिलेगा।

3. नवगछिया... यहां प्लांट बन चुका है। डीएस अरुण कुमार ने बताया, 30 बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप बिछा दी है। जेनरेटर और कुछ पार्ट्स आने बाकी हैं। एजेंसी काे ऑर्डर दिया है।

4. कहलगांव...यहां भी प्लांट बना है। सिर्फ जेनरेटर खरीदनी है। डीएस डाॅ. विवेकानंद दास ने बताया, 99% काम हाे चुका है। एक सप्ताह में जेनरेटर आएगा। 76 बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई शुरू होगा।

  • एक प्लांट लगभग तैयार है। मेनिफाेल्ड भी लग गया है। जेनरेटर अाने के बाद यह चालू हाेगा, पर तीन सप्ताह और लगेंगे। - डॉ. असीम कुमार दास, अधीक्षक, मायागंज
  • सदर अस्पताल में प्लांट ट्रायल हाे चुका है। पाइपलाइन लगाने वाली एजेंसी ने दाे माह का समय मांगा है। हमने 15 दिन में 50 बेडाें पर कनेक्शन करने को कहा है। - डॉ. उमेश शर्मा, सिविल सर्जन
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