SSP पहुंचे थाना तो दारोगा-सिपाही ने हड़काया:भागलपुर में सादे ड्रेस में बाइक चोरी की रिपोर्ट लिखवाने गए, पुलिसवाले बोले- काहे झूठ बोल रहे हो

भागलपुर5 महीने पहले
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रविवार की देर रात थानों के भ्रमण पर सादी ड्रेस में निकले SSP अपने सहयोगी के साथ। - Dainik Bhaskar
रविवार की देर रात थानों के भ्रमण पर सादी ड्रेस में निकले SSP अपने सहयोगी के साथ।

भागलपुर के एक थाने के पुलिसकर्मी जिले के अपने सबसे बड़े अधिकारी को पहचान नहीं सके। हाल में ट्रांसफर के बाद SSP के तौर पर भागलपुर आए सीनियर IPS बाबू राम रविवार की रात थानों के निरीक्षण पर निकले थे। इसी क्रम में वो जोगसर थाने पहुंचे। सादे ड्रेस में एक सहयोगी के साथ थाने में आए SSP को पुलिसवाले पहचान नहीं सके। SSP बाबू राम ने बाइक चोरी की रिपोर्ट लिखवानी चाही। इसपर उन्हें दारोगा के साथ ही सिपाही की भी लताड़ सुननी पड़ी।

जानकारी के अनुसार SSP ने कहा कि मेरी बाइक थाने के सामने से चोरी हो गई है। मुझे इसकी रिपोर्ट लिखवानी है। इसपर वहां मौजूद पुलिसवालों ने कहा - 'तुम ज्यादा हीरो मत बनो। झूठ काहे बोल रहे हो। कहीं और बाइक छोड़कर आए हो और कह रहे हो कि थाने के बाहर से बाइक चोरी हो गई है।' उस वक्त थाने में ASI पीके पांडेय और सिपाही धर्मेंद्र कुमार मौजूद थे।

लेकिन इसी बीच थानाध्यक्ष अजय अजनवी को जानकारी मिल गई कि खुद SSP थाने में पहुंचे हैं। वो भागे-भागे थाने पर पहुंचे। वहां मौजूद पुलिसवालों को खरी-खोटी सुनाते हुए जानकारी दी कि रिपोर्ट लिखवाने आए शख्स और कोई नहीं बल्कि SSP साहब हैं। इस बात का पता चलते ही सभी के होश उड़ गए। थाने के सूत्रों के अनुसार सर्द रात की कनकनी में भी पुलिसवालों के माथे पर पसीना आ गया था।

IPS बाबू राम की फाइल फोटो।
IPS बाबू राम की फाइल फोटो।

सोमवार को SSP ऑफिस पहुंचे थानेदार और पुलिसवाले
आज सोमवार को थानाध्यक्ष अजय अजनवी सभी पुलिसकर्मियों को लेकर SSP ऑफिस पहुंचे। काफी देर तक बाहर खड़े रहने के बाद सभी को तलब किया गया। SSP बाबू राम ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आम जनता के साथ थाने में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। ऐसे पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।

SSP ने बाद में पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहा कि कल रात में शहर के थानों का औचक निरीक्षण कर रात्रि कार्य की जानकारी ली गई। इसमें इशाकचक, कोतवाली, तातारपुर, नाथनगर, यूनिवर्सिटी, ललमटिया आदि थाने के संतरी और OD पदाधिकारी ड्यूटी में तत्पर पाए गए। उनका व्यवहार भी शिष्टाचार पूर्ण था। उन्होंने समस्या को सुना और उसके समाधान के लिए प्रयास किया। इन सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुरस्कृत किया जा रहा है।

वहीं जोगसर थाना के OD पदाधिकारी तथा गश्ती ड्यूटी पदाधिकारी ने बाइक चोरी की शिकायत करने पर उसे दर्ज करने की बजाय अशिष्ट व्यवहार किया। इन दोनों पदाधिकारियों को आज बुलाकर काउंसलिंग की गई और भविष्य के लिए चेतावनी दी गई। सभी पुलिस पदाधिकारियों को जनता के साथ अच्छे व्यवहार के लिए निर्देशित किया गया।

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