भागलपुर के शाहकुंड में झमाझम बरसात के बीच 65% मतदान:19 पंचायतों में 1999 प्रत्याशियों की किस्मत बक्सों में बंद, बारिश रही बेअसर

भागलपुरएक महीने पहले
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मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते भागलपुर के डीएम और एसएसपी। - Dainik Bhaskar
मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते भागलपुर के डीएम और एसएसपी।

पंचायत चुनाव का चौथा चरण बुधवार को शाहकुंड प्रखंड में झमाझम बारिश के बीच शुरू होकर शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया। खास बात यह रही कि झमाझम बारिशों के बाद भी मतदान केंद्र पर मतदाताओं का उत्साह अपने चरम पर रहा।

शाहकुंड प्रखंड के 19 पंचायतों में मुखिया, जिला परिषद पंचायत समिति एवं अन्य पदों के लिए 1999 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 139545 मतदाताओं द्वारा ईवीएम और बैलट बॉक्स में बंद हो गया। पंचायत चुनाव को लेकर शाहकुंड प्रखंड में कुल 246 मतदान केंद्र बनाये गये थे। तहबल नगर के उच्च विद्यालय में बनाए गए बूथ संख्या 36 और मध्य विद्यालय सुखसरोवर में आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिन पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही थी। दिन की समाप्ति पर यहां कुल मतदान 65.10% हुआ, जिसमें 66.88% महिला तथा 63.32% पुरुषों ने मतदान किया।

केंद्र पर लगी मतदाताओं की भीड़।
केंद्र पर लगी मतदाताओं की भीड़।

शुरुआती दौर में आधे घण्टे तक बाधित रहा मतदान

शाहकुंड में तेज बारिश के बीच मतदान शुरू हुआ, लेकिन पिपरा डोमिनिया माल पंचायत के मिल्की गांव के बूथ संख्या 36 पर सुबह 8 बजे ईवीएम खराब हो जाने की वजह से आधा घंटा मतदान बाधित रहा। इस वजह से थोड़ी देर मतदान केंद्र पर शोरगुल भी हुआ, जिसके बाद वहां पर फिर से ईवीएम ठीक करा कर मतदान को चालू कराया गया। शाम के करीब साढ़े तीन बजे तक उस मतदान केंद्र पर मतदाताओं की भीड़ 62 फीसदी मतदान पूरा कर खत्म हो गई।

एक भी नही लगा टीका

इस मतदान केन्द्र पर टीकाकरण के लिए लगाए गए टेबल पर सुबह से शाम तक एक भी शख्स टीका लगवाने नही पहुंचे। उस स्वास्थ्य टेबल पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी पूजा कुमारी ने बताया कि एक भी शख्स यह भी कहने नहीं आया कि उसे वैक्सीन लेनी है।

वैक्सीनेशन टेबल पर खाली बैठी नर्स।
वैक्सीनेशन टेबल पर खाली बैठी नर्स।

गांव से दूर बने मतदान केंद्र, इसलिए ई-रिक्शा से जाना मजबूरी

मानिकपुर गांव में गांव की आबादी से 500 मीटर मतदान केंद्र दूर होने की वजह से लोगों को बारिश की वजह से काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। मतदाता टेंपो और इलेक्ट्रिक रिक्शा से मतदान केंद्र पर पहुंचते दिखे। मानिकपुर गांव में उच्च विद्यालय में एक ही जगह पर 3 मतदान केंद्र बनाए गए थे। वहीं मानिकपुर गांव के कुछ स्थानीय ने बताया कि कुछ उम्मीदवारों के द्वारा भी यहां पर ऑटो टेंपो की व्यवस्था मतदान केंद्र पर पहुंचने के लिए करवाई गई है। हालांकि उन्होंने उम्मीदवार का नाम नहीं बताया। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मौसम खराब है तो कोई क्या करे, लेकिन वोट तो डालना ही है न।

महिलाओं ने पैदल एक किलोमीटर चलकर किया मतदान

भास्कर को कुछ ऐसी भी महिलाएं मिली, जो भट्ठाचक की रहने वाली थी। इन्होंने बताया कि ये एक किलोमीटर से बारिश में भींग कर वोट डालने जा रही है। उन्होंने बताया कि घर मे छाते नही हैं, लेकिन वोट डालना जरूरी है। इसलिए भींगकर भी जा रही हैं।

मौसम विभाग द्वारा बारिश की सूचना पहले से होने के बावजूद भी मतदान केंद्र पर बारिश को देखते हुए किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं की गई थी।

पुलिस को करनी पड़ी सख्ती

सादपुर गांव के बूथ संख्या 99 और 100 पर लोग कतार बंद नहीं होने की वजह से चुनाव प्रक्रिया में देरी हो रही थी। इस वजह से लोग वहां हल्लागुल्ला करने लगे। जिसके बाद पुलिस ने वहां पर अनावश्यक मौजूद भीड़ को खदेड़ कर भगाया। जिसके बाद मतदान केंद्र पर फिर से शांति बहाल की गई।

क्या बोले अधिकारी

भागलपुर-बांका के सीमावर्ती इलाके में शाहकुंड के डोहराडीह मतदान केंद्र पर संध्या 4 बजे जिला अधिकारी अपने दल बल के साथ दिखे। इस दौरान जिलाधिकारी सुव्रत सेन ने भास्कर को बताया कि शाहकुंड प्रखंड में सभी जगहों का मैंने खुद से निरीक्षण किया है। मतदान पूरी शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। कुछ कुछ जगहों पर ईवीएम को लेकर सूचनाएं मिली थी, लेकिन उसे तत्काल दुरुस्त करवा लिया गया।

उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से थोड़ी परेशानी हुई है, लेकिन मतदाता अपना मत प्रयोग करने के लिए बारिश में भींग कर भी मतदान केंद्र तक पहुंच रहे हैं। यह मतदाताओं के पंचायत की सरकार चुनने के दिलचस्पी को दिखा रहा है।

एसएसपी नताशा गुड़िया ने बताया कि इतनी बारिश के बावजूद भी मतदाताओं में उत्साह दिखा। खासकर भ्रमण के दौरान दिखा कि महिलाएं काफी बढ़ चढ़कर पंचायत चुनाव में हिस्सा ले रही हैं। चुनाव के दौरान सभी जगहों पर विधि व्यवस्था शांतिपूर्ण रही। कहीं से भी किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

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