दरोगा ने SSP को हड़काया VIDEO:भागलपुर SSP सादे ड्रेस में गए थे बाइक चोरी की रिपोर्ट लिखवाने, पुलिसकर्मियों ने डांट दिया

भागलपुर4 महीने पहले

बिहार के भागलपुर जिले में एक दरोगा ने रात में बिना वर्दी के जांच के लिए निकले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ही हड़का दिया। दरोगा के SSP बाबू राम को न पहचान पाने और उनसे अशिष्ट व्यवहार करने की घटना का वीडियो अब सामने आया है।

वीडियो में दिख रहा है कि रात के वक्त निकले SSP बाबू राम थाने के सामने बाइक चोरी की शिकायत लिए खड़े हैं। उनकी बात सुनकर वहां मौजूद दरोगा कह रहे हैं कि, 'अरे साथ में लेकर जाते जहां गए थे। हमको तो नहीं लगता है कि आपका गाड़ी चोरी हुआ है। गाड़ी को कहीं भी छोड़कर आएंगे और कहेंगे कि चोरी हो गया है। यहां कहीं CCTV कैमरा लगा है क्या?'

घटना रविवार देर रात शहर के जोगसर थाने की है। दरअसल SSP कई थानों का निरीक्षण करते हुए जोगसर थाना पहुंचे थे। उन्होंने यहां बाइक चोरी की रिपोर्ट लिखवानी चाही। इस पर उन्हें दारोगा के साथ ही सिपाही की भी लताड़ सुननी पड़ी।

हालांकि तब तक थानाध्यक्ष अजय अजनवी को जानकारी मिल गई कि खुद SSP थाने में पहुंचे हैं। वो भागे-भागे थाने पर पहुंचे। वहां मौजूद पुलिसवालों को खरी-खोटी सुनाते हुए जानकारी दी कि रिपोर्ट लिखवाने आए शख्स और कोई नहीं बल्कि SSP साहब हैं। इस बात का पता चलते ही सभी के होश उड़ गए। थाने के सूत्रों के अनुसार, सर्द रात की कनकनी में भी पुलिसवालों के माथे पर पसीना आ गया था।

सोमवार को SSP ऑफिस पहुंचे थे सभी पुलिसवाले
निरीक्षण के बाद SSP बाबू राम ने कहा कि इशाकचक, कोतवाली, तातारपुर, नाथनगर, यूनिवर्सिटी, ललमटिया आदि थाने के संतरी और OD पदाधिकारी ड्यूटी में तत्पर पाए गए। उनका व्यवहार भी शिष्टाचार पूर्ण था। उन्होंने समस्या को सुना और उसके समाधान के लिए प्रयास किया। इन सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुरस्कृत किया जा रहा है।

आगे कहा कि जोगसर थाना के OD पदाधिकारी तथा गश्ती ड्यूटी पदाधिकारी ने बाइक चोरी की शिकायत करने पर उसे दर्ज करने की बजाए अशिष्ट व्यवहार किया। इन दोनों अधिकारियों को बुलाकर काउंसलिंग की जाएगी।

इसके बाद सोमवार को थानाध्यक्ष अजय अजनवी, ASI पीके पांडेय और सिपाही धर्मेंद्र कुमार के साथ SSP ऑफिस पहुंचे थे। काफी देर तक बाहर खड़े रहने के बाद सभी को तलब किया गया। SSP बाबू राम ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आम जनता के साथ थाने में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। ऐसे पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।