कोरोना से जीते, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए:भागलपुर के सुल्तानगंज BDO का पटना हुआ था ट्रांसफर; कोरोना होने के बाद देर रात बिगड़ गई थी हालत, मौत

भागलपुर4 महीने पहले
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बेटी नयन के साथ नवल किशोर ठाकुर की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
बेटी नयन के साथ नवल किशोर ठाकुर की फाइल फोटो।

भागलपुर के सुल्तानगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) नवल किशोर ठाकुर की अचनाक ही मौत हो गई। कुछ ही दिनों पहले उनको कोरोना हुआ था, जिसके बाद देर रात उनको सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजनों का कहना है कि उनका ट्रांसफर पटना कर दिया गया था, जिसके कारण वह मानसिक तनाव में थे और काफी कमजोर भी महसूस कर रहे थे।

नवल किशोर ठाकुर।
नवल किशोर ठाकुर।

प्रखंड मुख्यालय के कर्मियों ने बताया कि सोमवार को रोजाना की तरह ही उन्होंने मुख्यालय में कामकाज संभाला। इसके बाद पंचायती राज पदाधिकारी रमेश कुमार के विदाई समारोह में भी वे शामिल हुए । कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बताया कि विदाई समारोह को संबोधित करते वक्त प्रखंड विकास पदाधिकारी की तबीयत बिगड़ने लगी। वे काफी भावुक हो गए थे। इधर, देर रात उन्हें अचानक ही सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजनों ने उन्हें तुरंत ऑक्सीजन लगाई और बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे | इसके बाद उन्हें रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विदाई समारोह में गए थे

BDO के संबंधियों ने बताया कि वे पूरी तरह से ठीक थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें थोड़ी कमजोरी थी। परिजनों का कहना है कि उनके ट्रांसफर की खबर आने के बाद से ही वे मानसिक तनाव में रह रहे थे। तबीयत खराब होने के कारण परेशानी अधिक हो गई थी। तबादले के बाद भी कुछ प्रक्रिया पूरी करने के लिए सुल्तानगंज में रुके थे। इसी बीच इनकी अचानक मौत हो गई|

कोरोना के शिकार हुए थे
सुल्तानगंज में कार्यकाल के एक वर्ष के दौरान वे कोरोना से संक्रमित हुए थे| हालत बिगड़ने पर उन्हें पटना रेफर किया गया था। संक्रमण के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली जा रही थी। हालात ऐसे हो गए थे कि इनको पटना में ऑक्सीजन के लिए 50 हजार की कीमत चुका कर ऑक्सीजन उपलब्ध करानी पड़ी।

सहरसा के रहने वाले थे BDO

BDO नवल किशोर ठाकुर का घर सहरसा जिला के नवारा प्रखंड के मकवा में है। प्रखंड विकास पदाधिकारी के तौर पर उन्होंने बीते वर्ष 3 अगस्त को सुल्तानगंज में योगदान दिया था। प्रखंड विकास पदाधिकारी के तौर पर नवल किशोर ठाकुर ने 1 वर्ष का कार्यकाल भी पूरा नहीं किया। बीते दिनों हुए तबादले में इनका भी नाम था। राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर इनको मुख्यालय बुलाया था। उनके पिता खेलन ठाकुर, पत्नी नीतू सहित अन्य परिजन सदमे में हैं। उनकी 3 साल की एक बेटी नयन भी है।

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