मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 80% उपस्थिति अनिवार्य:अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान विशेष परिस्थिति में अधिकतम 02 दिनों का मिलेगा अवकाश

भागलपुर3 महीने पहले
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उद्योग विभाग भागलपुर। - Dainik Bhaskar
उद्योग विभाग भागलपुर।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणरत अभ्यर्थियों की न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। यह जानकारी जिला उद्योग विभाग द्वारा जारी की गई है। साथ ही यह भी बताया है की अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान विशेष परिस्थिति में अधिकतम 2 दिनों का अवकाश मिलेगा। अवकाश के लिए प्रशिक्षण संस्थान को पूर्व में सूचना देना आवश्यक होगा।

मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के हत 114 अभ्यर्थी चयनित, खाते में गई 3.08 करोड़ की राशि
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत 114 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। जिसमें प्रथम व द्वितीय बैच में कुल 80 महिला अभ्यर्थियों की सूची प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण संस्थान को भेजी में गई थी। जिसमें से कुल 03 अभ्यर्थी प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहे। वहीं 77 का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। जिसे प्रथम किस्त के रूप में 3 करोड़ 08 लाख उनके बैंक खाते में भेजा जा चुका है। वर्तमान में कुल 32 महिला अभ्यर्थी प्रशिक्षण ले रही हैं। यह 26 मई 2022 को समाप्त होगा।

युवा उद्यमी व एससी-एसटी उद्यमी योजना में 196 चयनित
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनान्तर्गत कुल चयनित 120 अभ्यर्थियों में से 02 बैच के अन्तर्गत कुल 80 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण निदेशक यूको आर सेटी एवं सिपेट भागलपुर के द्वारा दिया जा रहा है। यह 04 जून .2022 व 23 मई 2022 को समाप्त होगा। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना अन्तर्गत कुल 76 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था । जिसमें से कुल 73 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने हेतु प्रशिक्षण संस्थान को सूची भेजी गई थी। प्रशिक्षण के दौरान कुल 05 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे एवं 68 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण पूर्ण हुआ। जिसे प्रथम किस्त के रूप में 02 करोड़ 72 लाख रुपया उनके बैंक खाते में भेजाा चुका है।

इन योजनाओं के लिए निम्न मापदंड विभाग ने अपनाया

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अति पिछड़ा वर्ग / महिला एवं युवा उद्यमी योजनान्तर्गत अयोग्यता संबंधी निम्न मापदंड पर विभागीय स्तर से सर्वसम्मति से सहमति प्रदान की गई है। आवेदक कान्ट्रैक्चुअल / सरकारी नौकरी में हो जिनका मासिक वेतन 15,000 से अधिक हो। पूर्व से उद्योग विभाग संबंधित योजना का लाभार्थी हो तथा पीएमईजीपी. मुद्रा लोन, एसआईपीबी, स्टार्टअप आदि से लाभ लिया हो। किसी सक्षम न्यायालय से दिवालिया या पागल घोषित किया गया हो। किसी सक्षम न्यायालय द्वारा 06 माह या उससे अधिक के कारावास का सजा सुनाया गया हो। निर्वाचित जनप्रतिनिधि तथा M.P., M.L.A., M.L.C. मुखिया पंचायत समिति के सदस्य प्रमुख, सरपंच, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, पैक्स अध्यक्ष, नगर परिषद के सदस्य, नगर निगम के सदस्य, जिला परिषद के अध्यक्ष / सदस्य, जन वितरण प्रणाली के डीलर आदि । चयनित जिला के अलावा अन्य जिला में इकाई स्थापित करना चाहता हो। यह योजना विनिर्माण एवं सेवा प्रक्षेत्र के लिए है। व्यापार (बिजनेस) के लिए नहीं है।

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