त्योहार का साइड इफेक्ट:दीपावली पर एक दिन में 89 प्रतिशत बढ़ गया शहर का वायु प्रदूषण

लोमस झा | भागलपुरएक महीने पहले
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  • पड़ाेस के पांच जिलाें में भागलपुर की हवा सबसे खराब, खतरनाक की श्रेणी में पहुंची, विजिब्लिटी पर भी असर

दीपावली पर हवा में प्रदूषण का स्तर एक दिन में 89 प्रतिशत बढ़ गया। भागलपुर गुरुवार की रात हवा में पीएम 2.5 का स्तर 303 माइक्राेग्राम प्रति घनमीटर पर पहुंच गया। यह सामान्य से छह गुना ज्यादा है। इस स्तर काे खतरनाक माना जाता है। जबकि बुधवार काे यह 160 और मंगलवार को 156 था। हालांकि दीपावली के दूसरे दिन शुक्रवार काे इसका स्तर 180 पर अा गया। जबकि पीएम 10 का स्तर 323 माइक्राेग्राम प्रति घनमीटर पर पहुंच गया। अगल-बगल के पांच जिलाें में गुरुवार काे भागलपुर का प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बुलेटिन के अनुसार गुरुवार को भागलपुर का पीएम 2.5 का स्तर 303 रहा।

क्या है पीएम 2.5
पीएम 2.5 हवा में घुलने वाला छोटा पदार्थ है। इन कणों का व्यास 2.5 माइक्रो घनमीटर या उससे कम होता है। पीएम 2.5 का स्तर ज्यादा होने पर ही धुंध बढ़ती है। विजिबिलिटी का स्तर भी गिर जाता है। हवा में इसका स्तर 0 से 50 रहे ताे अच्छा माना जाता है। 51-100 संताेषजनक, 101-150 मध्यम, 151-200 खराब, 201-300 गंभीर और 301-500 खतरनाक माना जाता है।

क्या है पीएम 10
पीएम 10 को पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का व्यास 10 माइक्रो घनमीटर या उससे कम होता है। इसमें धूल, धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। हवा में इसका स्तर 0-100 अच्छा, 101-200 मॉडरेट, 201-300 श्वसन संबंधित बीमारियों के मरीजों को तकलीफ देने वाला माना जाता है। 301-400 गंभीर व 401-500 खतरनाक माना जाता है।

स्वास्थ्य पर असर
सांस लेने में दिक्कत
आंखें, नाक और गले में जलन
छाती में खिंचाव
फेफड़ों का सही से काम न करना
अनियमित धड़कन

वायु प्रदूषण से 55 से अधिक उम्र वाले प्रभावित

बुधवार के मुकाबले इसमें 143 अंकों का इजाफा हुआ। भागलपुर की हवा बहुत खराब श्रेणी में रही। दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण प्रदूषण में अचानक इतनी वृद्धि हुई। प्रदूषण का स्तर न बढ़े, इसके लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसकी खरीदारी और जलाने पर कई तरह के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद इसका स्तर काफी बढ़ गया। मेडिकल काॅलेज अस्पताल के पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय झा ने बताया कि इससे बच्चों व 55 साल से ऊपर के व्यक्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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