छठ घाटाें पर दलदल:बालू व कसाल डालकर चलने लायक बनाएगा निगम

भागलपुर23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मुसहरी घाट से गंगा का पानी दूर जाने पर बना दलदल - Dainik Bhaskar
मुसहरी घाट से गंगा का पानी दूर जाने पर बना दलदल

शहर के प्रमुख घाटाें से गंगा 10 से 20 फीट दूर चली गयी है। इस वजह से वहां दलदल बढ़ गए हैं। इससे घाट बनाने में भी परेशानी हाेगी। निगम प्रशासन उन दलदली घाटाें के धूप से सूखने का इंतजार कर रहा है। इसके बाद वहां बालू व कसाल देकर व्रतियाें के चलने लायक बनाया जाएगा। शनिवार काे प्रारंभिक चरण में घाटाें की सफाई शुरू हाेगी। प्रतिमा विसर्जन के बाद रविवार से मुसहरी घाट, बूढ़ानाथ, पुल घाट व चंपानगर घाट पर कार्य हाेगा।

शहर में 49 घाट बनाए जाने हैं जिसकी साफ-सफाई, रास्ते का निर्माण, बैरिकेडिंग की व्यवस्था नगर निगम करेगा। नगर आयुक्त प्रफुल्ल चंद्र यादव ने बताया कि लगातार जलस्तर घटने से परेशानी हो रही है, लेकिन उसे दूर किया जाएगा। सभी घाटों के लिए पर्यवक्षक की नियुक्ति हाे चुकी है। शनिवार से घाटों की सफाई का कार्य तेजी से शुरू हाे जाएगा।

इन घाटाें के ये हैं हालात

  • 1. पुल घाट : यहां की सीढ़ियाें पर कीचड़ जमा हाे गयी थी। पानी नीचे उतरने पर कीचड़ की मात्रा बढ़ती जा रही है। यहां करीब 50 मीटर लंब घाट बनाया जाता है। शनिवार से घाट तैयार किया जाएगा।
  • 2. मुसहरी घाट- यहां 100 मीटर लंबा घाट बनेगा। 20 फीट तक यहां दलदल है। सीढ़ी के बादी करीब 15 फीट तक कीचड़ है।
  • 3. मानिक सरकार घाट : यहां 15 फीट चाैड़ी जगह पर दलदल है। करीब 70 मीटर से ज्यादा लंबा घाट बनेगा। 2020 में यहां शहर का सबसे लंबा घाट तैयार हुअा था।
  • 4. बूढ़ानाथ घाट : यहां पूजा-पाठ की सामग्री से घाट किनारे गंदगी बहुत अधिक है। पहले से जमा कूड़ा-कचरा रहने की वजह से दलदल के अलावा व्रतियाें के पैराें काे घायल हाेने से बचाने के लिए बालू ज्यादा देना हाेगा।
खबरें और भी हैं...