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कार्रवाई:सीएस ने भी निजी अस्पताल जाकर की जांच, कागजात नहीं दिखा पाए संचालक

भागलपुर10 दिन पहले
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मायागंज अस्पताल में इलाजरत गीता पंडित। - Dainik Bhaskar
मायागंज अस्पताल में इलाजरत गीता पंडित।

मायागंज अस्पताल के कर्मचारी की मिलीभगत से दलालाें द्वारा हड्डी वार्ड से सबाैर के मिर्जापुर के मरीज सुभाष कुमार काे जीराेमाइल के पास स्थित आयुष्मान अस्पताल ले जाने के मामले की जांच सिविल सर्जन ने भी शुरू की है। सीएस डाॅ. उमेश शर्मा मंगलवार काे जांच के लिए निजी अस्पताल अायुष्मान पहुंचेे। सीएस के वहां पहुंचते ही eधे घंटे में दाे पैरवीकाराें ने फाेन भी आ गए। सीएस ने अस्पताल के संचालक से पूछा कि अापने सरकारी अस्पताल से मरीज काे अपने यहां कैसे भर्ती किया। अस्पताल में मरीज का पैर काटा गया था। इलाज में कुल एक लाख 85 हजार खर्च हुए थे।

सीएस ने ज्यादा फीस पर भी आपत्ति जताई। संचालक नर्सिंग हाेम के रजिस्ट्रेशन की काॅपी भी नहीं दिखा पाए। सीएस ने उन्हें कागजात लेकर बुधवार काे आफिस आने काे कहा है। सीएस ने कहा का कि मरीज का आपरेशन करने वाले डाॅ. माखनलाल से भी लिखित जबाव मांगेंगे। मायागंज अस्पताल के अधीक्षक काे भी पत्र लिखेंगे कि वहां से मरीज कैसे निजी अस्पताल भेजे जा रहे हैं।

मायागंज अस्पताल अधीक्षक ने मरीज की मां से आराेपी कर्मचारी की कराई पहचान
दूसरी ओर मंगलवार काे मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. एके दास ने मरीज की मां काे अपने चैंबर में बुलाकर आराेपी कर्मचारी की पहचान कराई। उसने तीन-चार में से एक कर्मचारी की पहचान की जिसने उसे कहा था कि मरीज काे आयुष्मान अस्पताल में भर्ती कराइए, वहीं ठीक से इलाज हाेगा। दूसरी ओर वार्ड में भर्ती मरीज ने कहा वह अस्पताल प्रबंधन काे लिखित शिकायत देगा। अधीक्षक ने कहा है कि दाेषी के खिलाफ कार्रवाई हाेगी।

इधर, नाथनगर अस्पताल की डाॅक्टर ने मरीज काे निजी क्लीनिक बुलाया 50 हजार नहीं दिया ताे मायागंज भेजा

अब नाथनगर रेफरल अस्पताल में तैनात डाॅ. अनुपमा सहाय द्वारा अस्पताल में भर्ती मरीज काे अपने निजी क्लीनिक में बुलाने का मामला सामने आया है। उन्हाेंने नाथनगर के भताैड़िया के किसान श्याम यादव की गर्भवती बेटी गीता पंडित काे अपने निजी क्लीनिक में बुलाया। जांच के नाम पर उससे चार हजार रुपए जमा करवाए।

गीता की मां रेणु देवी ने बताया कि 15 जुलाई काे बेटी काे नाथनगर अस्पताल में भर्ती करवाया था। 19 काे डाॅ. अनुपमा सहाय ने कहा कि मेरे मुंदीचक स्थित क्लीनिक में अा जाना, वहीं अच्छे से इलाज कर देंगे। क्लीनिक में जाने पर कहा कि जुड़वां बच्चे के बचने की गारंटी नहीं लेंगे पर बेटी काे जरूर बचा लेंगे।

क्याेंकि उसके शरीर में खून की भी कमी है। अाॅपरेशन के लिए 50 हजार रुपए मांगे। जब मैंने कहा कि इतने पैसे नहीं हैं ताे मायागंज अस्पताल जाने की सलाह दे दी। साेमवार की रात उसे लेकर मायागंज आए। इस मामले में डाॅ. अनुपमा सहाय ने कहा कि मरीज के परिजनाें के आराेप निराधार हैं। नाथनगर अस्पताल में अाॅपरेशन की सुविधा नहीं है। इस मामले में सिविल सर्जन डाॅ. उमेश शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच हाेगी। मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई हाेगी।

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