• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bhagalpur
  • Devotees Attended The Court Of Mahagauri, Took Corona Vaccines, Queues For Darshan In 65 Pandals Of The City Since Morning; Today Siddhidatri Worship

महाष्टमी पर दो साल बाद लौटी रौनक:महागौरी के दरबार में भक्तों ने लगाई हाजिरी लिए कोरोना के टीके, शहर के 65 पंडालों में सुबह से लगी दर्शन को कतार; आज सिद्धिदात्री की पूजा

भागलपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
परबत्ती में विराजीं मां दुर्गा। - Dainik Bhaskar
परबत्ती में विराजीं मां दुर्गा।

महाष्टमी पर बुधवार को महागौरी की पूजा हुआ। पंडाल, सार्वजनिक दुर्गा मंदिरों के साथ घरों में लोगों ने देवी की आराधना की और आशीष लिया। पंडालों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पंडालों में भीड़ होने के बाद भी सड़कों पर अन्य दिनों की तुलना में लोग कम नजर आए। सुबह से चल रही पूजा, आरती, भोग और प्रसाद का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।

पंडालों के आगे लगी खेल-खिलौने की दुकानें, लजीज व्यंजनों के स्टॉल भी आबाद रहे। शाम ढलने के बाद जब बिजली से रोशन हो रहे बल्बों की चमक बढ़ी तो पंडालाें की खूबसूरती और बढ़ गई। वेपर और ट्यूबलाइट की राेशनी में पंडाल से लेकर मंदिर तक जगमगाते रहे।

इस बीच पंडालों में कोरोना संक्रमण से बचने के संदेश भी लिखे नजर आए, लेकिन 2019 के बाद पहली बार पंडालों में देवी की आराधना के इस मौके पर उत्साह इस कदर रहा कि कुछ स्थानों पर कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन भी होता नजर आया। हालांकि कोरोना टीकाकरण कैंप में लाेगाें ने टीके भी लिए।

पंडालों में उमड़ी आस्था

बड़ी खंजरपुर : अष्टमी पर बूंदी, हलुवा और खीर का भोग लगा। अब नवमीं पर मीठा पोहा, खिचड़ी, आलू की सब्जी बनेगी। यह पंडाल अपने नायाब अंदाज के लिए चर्चा में है। पंडाल में प्लास्टिक से दूरी बनाने के संदेश दिए गए। लोग जैसे ही प्रसाद लेकर पंडाल पहुंचे, समिति सदस्यों ने प्लास्टिक एक जगह जमा की और पत्ते में प्रसाद रख दिए। समिति सचिव अजीत यादव ने बताया, हमने प्लास्टिकमुक्ति को बैनर लगाए हैं।

आदमपुर : सुबह में भीड़ कम थी। रात में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई। देवी के मंत्राें से पूरा क्षेत्र गंूजता रहा। यह पंडाल सड़क किनारे है, इसलिए बाहर मेले सा माहाैल नहीं दिखा। मानिक सरकार चाैक पहुंचते ही कालीबाड़ी में बज रहे ढाक के थाप की आवाज सुनाई देने लगी। मंदिर के पास एक ओर ढाक की थाप ताे दूसरी ओर काेराेना वैक्सीनेशन का कैंप। दाेपहर तक यहां 3 लाेगाें ने टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन कराए।

मारवाड़ी पाठशाला: यहां में पंडाल में पूजा चलती रही। यहां बेलूर मठ की तर्ज पर पूजा से लेकर भोग लगाने की प्रथा है। यहां खिचड़ी और तीन तरह की सब्जी और पुलाव का भोग लगाया गया। पंडाल के बाहर परिसर में चाट-पकाैड़े, गाेलगप्पे, खिलाैने की दुकानों पर बच्चे खरीदारी करते नजर आए। झूले भी लगे थे।

दुर्गाबाड़ी : यहां भाेग लगने के बाद प्रसाद बंट रहा था। भजन की हल्की धुनों के बीच महिलाएं और बच्चे प्रसाद लेते नजर आए। मिरजानहाट और माेहद्दीनगर में श्रद्धालु जुटे रहे। पंडाल के बाहर आइसक्रीम, खिलाैने और ठेले-खाेमचे वाले बच्चाें काे आकर्षित कर रहे थे।

कालीबाड़ी : यहां बंगाली रिवाज के साथ पूजा की गई। यहां माता को पुलाव और सब्जी का भोग लगाने की प्रथा है। यहां सुबह से ही बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने दिनभर मंत्रोच्चार के बीच मां के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया।

खबरें और भी हैं...