मधुबनी और मॉर्डन आर्ट को मिलाकर बनी कोसी शैली:डॉट का होता है ज्यादा यूज, ब्राइट कलर पर रहता है फोकस, कोसी व सीमांचल है अपनी पेंटिंग शैली

भागलपुर3 महीने पहलेलेखक: अमित रंजन
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राजीव राज, कोसी शैली के चित्रकार। - Dainik Bhaskar
राजीव राज, कोसी शैली के चित्रकार।

मिथिला, मधुबनी, मंजूषा शैली की पेंटिंग के बाद अब कोसी की भी अपनी कलाकृति सामने आ रही है। यानी कोसी शैली की पेंटिंग। इस पेंटिंग का इजाद जाने माने पेंटर राजीव राज ने किया है। राजीव ने बताया कि कोसी शैली मधुबनी पेंटिंग और मॉर्डन आर्ट का मिश्रण है। इसमें मधुबनी पेंटिंग के तरह ओरनामेंटल को दर्शाया जाता है। कोसी शैली में प्रोपोशन का ख्याल रखा जाता है। यानी आकृति का बैलेंस रखा जाता है। मधुबनी पेंटिंग में हाथ अलग तरह से बनता है। आंखें बड़ी होती है। हेयर स्टाइल अगल होता है। मधुबनी पेंटिंग में हाथ नहीं होता है। पर कोसी शैली में इसमें हाथ की बारिकी को दिखाया जाता है। डॉट का यूज ज्यादा होता है। डॉट के जरिए ज्यादा से ज्यादा काम होता है।

राजीव राज द्वारा बनाई गई कोसी शैली की पेंटिंग।
राजीव राज द्वारा बनाई गई कोसी शैली की पेंटिंग।

ब्राइट कलर का होता है ज्यादा यूज, चटकिला पेंटिंग बना है
राजीव बताते हैं कि कोसी शैली की पेंटिंग में बैकग्राउंड पर भी ज्यादा काम होता है। ब्राइट कलर का ज्यादा यूज होता है। कलरफूल पेंटिंग होता है। इसमें जो भी पेंटिंग बनता है। वह चटकिला होता है। उन्होंने आगे कहा कि कोसी और सीमांचल की अपनी कोई शैली नहीं थी। इसलिए मैं कोसी शैली पर वर्क करने लगा। सभी आर्टिस्ट का अपना अलग स्टाइल होता है। कोसी और सीमांचल क्षेत्र की अपनी कोई शैली नहीं थी।

कोसी शैली की पेंटिंग के जरिए मैसेज देते चित्रकार राजीव राज।
कोसी शैली की पेंटिंग के जरिए मैसेज देते चित्रकार राजीव राज।

कोसी शैली को आगे बढ़ाने के लिए खुलेगा इंस्टीट्यूट

राजीव ने कहा कि कोसी शैली को आगे बढ़ाने के लिए एक इंस्टीट्यूट तैयार किया जा रहा है। एमजे स्कूल ऑफ क्रियविटी नाम से इंस्टीट्यूट अक्टूबर तक इसको खोल दिया जाएगा। इसमें 1000 से अधिक बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। मैं गांव-गांव से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निकालूंगा।

2008 के कुशहा त्रासदी के बाद इस शैली पर काम किया शुरू

कोसी शैली पर राजीव ने 2008 से काम शुरु किया है। राजीव ने बताया कि कुशहा त्रासदी के बाद से ही मेरे मन में कोसी शैली की कालकृति बनाने का विचार आया। इसके बाद इस पर काम शुरू किया। मिथिलांचल और कोसी की संस्कृति को लेकर काम कर रहा हूं। अबतक 1000 से अधिक कोसी शैली की पेंटिंग बना चुका हूं। इस पेंटिंग को ग्लोबल रुप से लोग पंसद कर रहे हैं।

पूर्व पीएम वाजपेयी की बनाई थी 1406 स्क्वायर फीट की पेंटिंग

राजीव राज ने दिसंबर 2018 में पूर्व पीएम भारत रत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की विश्व की सबसे बड़ी 1406 स्क्वायर फीट की फॉर विजन पेंटिंग बनाई थी। इसको 31 घंटे 17 मिनट में बनाई थी। इसे बनाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। इसके लिए पूर्व में उनका नाम इंटरनेशनल बुक, एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था। अब 2020-22 की लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज किया गया है। राजीव की कोसी पेंटिंग की जापान के टोक्यो, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी प्रदर्शनी में लग चुकी है। इसके लिए राधामोहन पुरस्कार समेत कई पुरस्कार मिले हैं।

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