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वेबिनार की शुरुआत:संतुलित भोजन करें, बीमारी से बचे रहेंगे

भागलपुर22 दिन पहले
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टीएनबी कॉलेज में कोरोना वायरस के नए स्वरूप तथा म्यूकर माइकोसिस से उभर रही चुनौतियां, परहेज एवं बचाव विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार के अंतिम दिन रविवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना की डॉक्टर निधि प्रसाद भी शरीक हुईं। उन्होंने म्यूकर माइकोसिस या ब्लैक फंगस के लिए एस्ट्रॉयड के अनावश्यक इस्तेमाल, प्रतिरोधक क्षमता में कमी और शुगर लेवल में वृद्धि को प्रमुख कारण बताया।

उन्होंने सलाह दी कि संतुलित भोजन, योग और चिकित्सकों की सही सलाह से ब्लैक फंगस से बचा जा सकता है। साथ ही धूल, मिट्टी वाली स्थानों से बचकर रहें और साफ सफाई का ध्यान रखें। बीएचयू के सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर के डॉ. पवन दुबे ने स्टेम सेल की इलाज में भूमिका पर चर्चा की। उन्हाेंने कहा कि इस प्रकार के शोध से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। एनआईपीजीआर दिल्ली की डॉक्टर प्रियंका जैन ने कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों का फाइलोंजेनेटिक एनालिसिस कर उसकी पहचान तथा उससे उत्पन्न हो रही म्यूटेंट के बारे में बताया। वेबिनार की शुरुआत में संयोजिक तथा बायो टेक्नोलॉजी विभाग की समन्वयक डॉ.

गरिमा त्रिपाठी ने वक्ताओं तथा विषय की जानकारी दी। छात्र, छात्राओं दीक्षा, प्राची प्रभा, मेघा श्री, मिताली राज, कुमारी अंशु, सुरभि, नैंसी तथा अभिजीत ने पोस्टर मेकिंग तथा मौखिक रूप से वेबिनार में विषय पर अपने विचार रखे। बायोटेक्नोलॉजी विभाग के डॉ. अमोद कुमार ने भी विचार रखे। समापन सत्र में प्राचार्य डॉ. संजय चौधरी ने आयोजन को छात्रों के लिए लाभदायक बताया। वेबिनार में डॉ. प्रभात कुमार राय, डॉ. हरिनंदन प्रसाद सिंह, डॉ. श्वेता पाठक, डॉ. जनक श्रीवास्तव, डॉ. शिवानी भारद्वाज, डॉ. निरलेश, डॉ. नवोदिता प्रियदर्शनी, डॉ. देवाशीष, डॉ. फिरोज, डॉ. चंदना, डॉ. रंजीत, डॉ. रवि, डॉ. ऋचा रॉय, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. अभिजीत कुमार भी इसमें शामिल हुए।

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