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शहर में खुले नालों पर अफसरों की आंखें बंद:3 साल बाद भी 800 की बजाय बनाया 268 मीटर नाला, अब भी चचरी ही सहारा, निगम ने 200 मीटर के चार टुकड़ों में काम को बांटा, दो का ही टेंडर

भागलपुर7 दिन पहले
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डिक्सन बस स्टैंड के पास नाला पर ढक्कन न होने से लाेग चचरी रख काम चला रहे हैं। - Dainik Bhaskar
डिक्सन बस स्टैंड के पास नाला पर ढक्कन न होने से लाेग चचरी रख काम चला रहे हैं।

डिक्सन बस स्टैंड से मुंदीचक होते हुए अद्भुत हनुमान मंदिर के सामने तक हथिया नाला का कायाकल्प तीन साल बाद भी नहीं हो सका। खुले नालाें पर ढक्कन चढ़ाने की जगह निगम ने कवर्ड ड्रैनेज का नया प्लान बना लिया। लेकिन 2018 की यह योजना अब तक पूरी नहीं हुई। नगर निगम की सुस्त चाल का खामियाजा लोग उठा रहे हैं।

डिक्सन बस स्टैंड पर रोज करीब 10 हजार यात्रियों की जान सांसत में है। बस पकड़ने और उतरने के दौरान यहां डर बना रहता है कि थोड़ी चूक हुई तो गड्‌ढे में गिरना तय है। यहां से रोज करीब 100 बसें भी खुलती हैं। बैक या टर्न के दौरान बस चालकों को भी एेसा ही डर बना रहता है।

यहां दशकों पुराने हथिया नाला पर ढक्कन नहीं रहने से जब कई हादसा हुए तो नगर निगम की नींद टूटी। 2016-17 में प्लानिंग की शुरुअात हुई व टेंडर प्रक्रिया के बाद 2018 में योजना का वर्क ऑर्डर दिया गया। दोनों पार्ट के लिए 90 लाख की योजना तय हुई और 2021 में काम शुरू हुआ। तय हुआ कि चार हिस्से में 800 मीटर के नाले बनकर तैयार होंगे।

काम शुरू हुआ तो पहले हिस्से में ट्रांसपोर्ट के सामने वाला नाला 200 मीटर बनकर तैयार हो गया। दूसरे हिस्से में 68 मीटर ही नाला बन सका। पैसे की कमी और निगम में हड़ताल को लेकर ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। हालांकि छड़ गिरा हुआ है। कंक्रीट और बालू की कीमत बढ़ने से ठेकेदार अब इसे दुर्गापूजा के बाद शुरू करने की बात कह रहा है।

नाला अब भी साफ नहीं, घरों में घुस रहा है गंदा पानी
बताते हैं कि इस ड्रेनेज योजना पर बुडको काम ना कर सके, इसलिए इसे चार भाग में (200-200 मीटर) निगम ने काम को बांट दिया। नियमत: 500 मीटर से ज्यादा होने पर काम बुडको को करना है। इसलिए निगम ने ऐसा किया। निगम ने हथिया नाला का अस्तित्व खत्म करने के लिए एस्टीमेट भी 4 गुना 5 फीट का ही बनाया।

जबकि हथिया नाला की चौड़ाई 7-8 फीट थी। इस पर क्षेत्रीय पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। फिर भी काम नहीं रुका। वार्ड 36 के रहने वाले अनिल ने बताया कि ठेकेदार ने नाला निर्माण बंद दिया है। जिससे नाले का कचरा नहीं निकल सका और बारिश में गंदा पानी घरों में घुस रहा है। निगम की हड़ताल के चलते नाले की सफाई नहीं हुई है।

निगम की हड़ताल से रुका काम

  • चार फेज में काम होना है। दो फेज का ही करीब 90 लाख में टेंडर हुआ है। इसमेंे एक फेज पूरा है। दूसरे फेज में 68 मीटर बना है। निगम की हड़ताल के चलते काम रुका हुआ है। दोनों काम पूर्ण होने के बाद तीसरे व चौथे फेज का टेंडर होगा। - ज्योति यादव, सहायक अभियंता, नगर निगम
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