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टीएमबीयू:पहले बिना कुलपति के आदेश के काम से रोका अब बिना टर्मिनेट किए पूर्व कर्मचारी लिख दिया

भागलपुर5 दिन पहले
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  • टीएनबी कॉलेज के 14 कर्मियों पर कार्रवाई के मामले में विश्वविद्यालय खुद फंस रहा

काम और वेतन से राेके गए 14 कर्मचारियाें के मामले की जांच गुरुवार काे शुरू नहीं हो सकी। जांच की अधिसूचना की काॅपी कमेटी काे गुरुवार काे ही मिली, इसलिए जांच शुरू नहीं हाे पाई। कमेटी के संयाेजक डाॅ. रामप्रवेश सिंह ने कहा, शनिवार काे बैठक होगी और मामले से जुड़ी फाइल मांगी जाएगी। इसके बाद जांच जल्द पूरी की जाएगी।

इधर, जांच की अधिसूचना में इन कर्मचारियाें के लिए उपयाेग किए गए अंग्रेजी के शब्द एक्स (पूर्व) पर भी आपत्ति हाे रही है। खुद एक वरीय अधिकारी ने कहा कि जब टीएमबीयू ने इन कर्मचारियाें काे टर्मिनेट ही नहीं किया ताे ये एक्स कैसे हुए। प्रभावित टीएनबी काॅलेज के पूर्व एसओ अमरेन्द्र झा ने भी कहा, टीएमबीयू या काॅलेज से उनलाेगाें काे कभी हटाए जाने का पत्र जारी नहीं हुआ है। सिर्फ काम और वेतन से राेकने का पत्र जारी हुअ था। इसलिए वे पहले भी कई बार मांग भी करते रहे कि विश्वविद्यालय टर्मिनेट करने का पत्र क्याें नहीं जारी करता। अब जांच की अधिसूचना में एक्स इंप्लाइज लिखना ठीक नहीं है।

2019 में बिना कुलपति के आदेश के काम से रोकने का पत्र किया जारी
दूसरी तरफ प्रभावित कर्मियों ने यह आराेप भी लगाया है कि सितंबर 2019 में उन्हें कुलपति के बिना आदेश के ही काम से रोकने के आदेश जारी किए गए। तब नियमित रजिस्ट्रार अरुण कुमार सिंह के अवकाश पर होने से जिन्हें रजिस्ट्रार का प्रभार मिला, उन्हाेंने काम से राेकने का पत्र जारी किया था। हालांकि बाद में नियमित रजिस्ट्रार अरुण कुमार सिंह भी टीएनबी काॅलेज काे पत्र देकर काम से राेकने काे कहते रहे थे।

सूत्राें ने बताया कि सभी बिंदुओं की जांच हाे ताे टीएमबीयू लीगल सेल औरा स्थापना शाखा के एक कर्मचारी की भूमिका भी सवालाें में आएगी। उक्त कर्मी ने लीगल सेल के पदाधिकारी से एक अन्य कर्मी को लेकर पहले जारी हुई व्यवस्था का हवाला देकर कर्मियों के बारे में मंतव्य मांग लिया था और लीगल सेल के कहने पर काम व वेतन से राेकने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी।

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