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अलर्ट:तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक ; डरें नहीं, यह दूसरी लहर जैसी घातक नहीं, नाैनिहालाें काे पैकेज्ड फूड मत दीजिए

भागलपुर22 दिन पहले
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  • ध्यान रखें...जब बच्चे सुस्त हों तो तुरंत सतर्क हो जाएं, डॉक्टर से करें संपर्क

कोरोना की तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए पैरेंट्स में उहापोह की स्थिति है। वे संशय में हैं कि आखिर तीसरी लहर में बच्चों को सुरक्षित कैसे रखें। एक ओर वे अपने नौनिहालों को संक्रमण से बचाने के लिए कई तरह के घरेलू उपाए कर रहे हैं। परिचित हेल्थ वर्कर्स से भी रायशुमारी कर रहे हैं।

2020 से अब तक लॉकडाउन में स्कूल यूं तो बंद हैं, लेकिन पैरेंट्स में पढ़ाई के साथ बच्चों की थमी शारीरिक गतिविधियां भी चिंता बढ़ा रही हैं। ऐसी ही स्थिति को लेकर भास्कर ने शहर के पांच चाइल्ड स्पेश्यिलिस्ट डॉक्टरों से जाना बच्चों को सुरक्षित रखने के तरीके। एक्सपर्ट ने एक ओर जहां घर के सभी बड़े-बुजुर्गों को टीका लेने की सलाह दी, दूसरी ओर बीमारी से लड़ने के लिए बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के भी टिप्स दिए।

कोरोना से बचाव के लिए हर वह बात जो आपके लिए जानना जरूरी है

Q काेराना की तीसरी लहर की सुगबुगाहट के बीच बच्चाें की रूटीन में कौन से बदलाव जरूरी हैं
Aपहले घर के बड़े लोग कोरोना का टीका लें। इससे घरों में संक्रमण का खतरा कम होगा, क्योंकि बच्चे बाहर नहीं निकलते।
Q बच्चाें की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए खानपान में क्या जाेड़ा जाए?
Aपैक्ड फूड, जूस, या अन्य सामान बंद करें। घर में ताजा जूस बनाकर दें। बिस्कुट की जगह ठेकुआ व नमकीन बनाकर दें। हरी सब्जी-फल खिलाएं।
Q बच्चे अभी फिजिकल एक्टिविटी से दूर हैं। वे क्या करें कि इम्युनिटी कमजाेर न हाे?
Aउन्हें खुली हवा में ले जाएं, पार्क बंद हैं। उन्हें छत पर ले जाएं। कुछ देर खेल-कूद करवाएं और एक्सरसाइज नियमित कराएं।
Q क्या डीआरडीओ की नई दवा बच्चाें के भी काम आएगी?
A अभी सामान्य मरीजों पर इस्तेमाल होना बाकी है। वैसे ताे 90% मरीज दवा से ठीक हाे रहे हैं। काेराेना की विशेष दवा नहीं है।
Q क्या बच्चाें पर वायरस का नया स्ट्रेन हमला करने वाला है या काेराेना का यही रूप रहेगा?
A काेई नया स्ट्रेन नहीं आने वाला है पर यह अभी बताना मुश्किल है। एक वायरस म्यूटेंट कर दूसरा बनाता है।
Q बच्चाें के इलाज के लिए हमारा हेल्थ सिस्टम कितना तैयार है?
A बच्चाें के इलाज के लिए हेल्थ सिस्टम तैयार हो रहा है। महत्वपूर्ण यह है कि बीमारी की पहचान समय से और गंभीर काे सही समय पर सही अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था हाे तो दिक्कत नहीं हाेगी।
Q लाॅकडाउन खत्म हाेने के बाद स्कूल खुलना चाहिए या तीसरी लहर का इंतजार करना हाेगा?
A जब तक वैक्सीनेशन पूरा न हो, स्कूल ताे खुलना ही नहीं चाहिए।
Q अगर माता-पिता पॉजिटिव होकर ठीक हो चुके हैं तो बच्चों पर खतरा कम है?
A एक प्रतिशत भी बच्चाें काे मां-पिता से खतरा नहीं है। ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली मां से भी उनके बच्चाें में एंटी बाॅडी बन रही है।
Q बच्चों में अगर संक्रमण के लक्षण हैं और कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव तो आगे संक्रमित होने का खतरा अधिक है?
A रिपोर्ट निगेटिव हो तो भी 14 दिन ताे इंतजार करना ही चाहिए। इसमें बच्चे सुस्त हाे जाते हैं, इसे वाच करते रहें।
Q आसानी से सर्दी-जुकाम से ग्रस्त बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए क्या करना चाहिए?
A इंफ्लूएंजा का टीका सभी बच्चाें काे लगवाना चाहिए। यह सभी सरकारी व निजी अस्पतालाें में उपलब्ध है।
Q फिलहाल यदि बच्चों को वैक्सीन ना दिलाऊं तो बीसीजी, हेपेटाइटिस बी, रूबेला आदि कितने साल तक कोविड वायरस से बचाएगा।
A बीसीजी या रुबेला जैसी वैक्सीन लेने से काेविड-19 का बचाव नहीं हाे सकता।
Q जिनके पैरेंट्स ने पॉजिटिव होने से अब तक कोई डोज ली है। ऐसे में बच्चों को वैक्सीन देने से बच्चे या उनके पैरेंट्स को कोई तकलीफ भी होगी ?
A पैरेंट्स यदि पॉजिटिव हुए हैं तो दिक्कत हो सकती है, लेकिन जो निगेटिव हैं, वे वैक्सीन ले सकते हैं।

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