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6 गंभीर मरीजाें काे परिजन ले गए निजी नर्सिंग होम:आईसीयू के डॉक्टर परीक्षा देने गए पटना, मायागंज में मरीजों की बिगड़ी हालत, मचा हंगामा

भागलपुर5 दिन पहले
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मायागंज अस्पताल के आईसीयू में नहीं थे डॉक्टर। - Dainik Bhaskar
मायागंज अस्पताल के आईसीयू में नहीं थे डॉक्टर।

मायागंज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीजाें की जान पर बन आई। आईसीयू में तैनात सभी पीजी डाॅक्टराें काे मेडिसिन विभाग के एचओडी ने मरीजाें की बढ़ती भीड़ देख इंडाेर में बुला लिया। वहीं आईसीयू में तैनात मेडिकल ऑफिसराें में अधिकतर पीजी की प्रवेश परीक्षा के लिए पटना चले गए।

ऐसे में आईसीयू की कमान सीनियर्स के भरोसे रह गई। शनिवार दाेपहर तक सीनियर्स ने मरीजाें का फाॅलाेअप किया, लेकिन दोपहर 3 बजे के बाद यह बंद हो गया। ऐसे में मरीजों की हालत बिगड़ी तो परिजन इमरजेंसी ताे कभी नर्साें के पास जाने लगे। कहीं बात नहीं बनी ताे 24 घंटे में दो बार हंगामा भी मचाया।

एक बार शनिवार रात 12 बजे ताे दूसरी बार तड़के 3 बजे परिजनाें ने हंगामा किया। इस बीच बात नहीं बनी ताे 6 मरीजाें काे लेकर परिजन निजी सेंटर चले गए। रविवार देर शाम एनेस्थिसिया विभाग के एचओडी डाॅ. अर्जुन प्रसाद काे खबर लगी ताे उन्हाेंने आईसीयू इंचार्ज डाॅ. महेश कुमार से बात की। रात 8 बजे वहां भर्ती सभी 20 मरीजाें की जांच डाॅ. महेश कुमार ने की और रात में डाॅक्टर तैनात किए। इसके बाद मरीजों को राहत मिली।

पहले ही दी थी जानकारी, एचओडी ने ध्यान नहीं दिया
बताते हैं, आईसीयू इंचार्ज डाॅ. महेश कुमार ने 10 दिन पहले अस्पताल प्रबंधन और मेडिसिन विभाग के एचओडी काे पत्र भेज 11-12 सितंबर काे डाॅक्टरों के न रहने की जानकारी दी थी। कहा था, नीट की परीक्षा में वे पटना जाएंगे। ऐसे में पीजी डाॅक्टराें काे मेडिसिन विभाग से दाे दिनाें के लिए तैनात करें। लेकिन एचओडी और अधीक्षक ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

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