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लापरवाही:सीएम काे दिखाने के लिए साहेबगंज में प्लांट का कर दिया उद‌्घाटन पर नहीं बना रहे खाद, सड़क किनारे डंप कर रहे शहर का कचरा

भागलपुरएक महीने पहले
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चंपानाला के पास सड़क के किनारे पड़ा कचरा।
  • शहर के कचरे काे जहां-तहां डंप कर रहा है नगर निगम, दाे साल में भी नहीं बना पाए डंपिंग ग्राउंड जाने के लिए सड़क
  • गीले कचरे से खाद बना लेते ताे निगम की आय भी बढ़ती, 10 लाख खर्च करने के बाद भी फायदा नहीं

सीएम नीतीश काे दिखाने के लिए 28 अगस्त काे निगम के अफसराें ने साहेबगंज में कचरे से खाद बनाने के प्लांट का उद्घाटन ताे कर दिया, लेकिन उसमें काम शुरू नहीं किया। 10 लाख से बना यह प्लांट अगर चालू हाे गया हाेता ताे कम-से-कम चंपानाला पुल के पास बायपास राेड में शहर का कचरा अभी डंप नहीं हाेता। अब अफसर कह रहे हैं कि चुनाव के बाद ही यह काम पूरा हाे पाएगा। हर दिन शहर में दाे से ढाई साै टन कचरा जमा हाेता है और उसे नगर निगम जहां-तहां डंप कर रहा है।
कचरा से खाद बनाने की याेजना चार साल पुरानी है, लेकिन निगम प्रशासन इसे पूरा नहीं कर पा रहा है। साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट काे लेकर 2016 में ही केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर कहा था कि डाेर-टू-डाेर कचरा उठाव कराएं। उस कचरे से खाद बनाकर निगम की आय काे बढ़ाएं। लेकिन कचरा से खाद बनाने की कवायद निगम की तभी शुरू हाेती है, जब दिल्ली या पटना से स्वच्छता की टीम जांच काे शहर आती है। टीम के वापस जाते ही यह सिस्टम बंद हाे जाता है।
तातारपुर गाेदाम का प्लांट भी नहीं हाे सका शुरू
सबसे पहले तातारपुर गाेदाम में पांच लाख की याेजना का प्लांट लगाया गया। इसमें हरी सब्जियाें के वेस्टेज से खाद बनाई जानी थी। यह प्लांट शुरू हाेने से पहले बंद हाे गया। फिर नगर आयुक्त के आवास के बगल में जलकल शाखा के पास 6 लाख की लागत से 30 पिट बनाए गए।

पटना से आई टीम काे दिखाने के बाद वहां भी काम बंद हाे गया। अब तीसरा प्लांट साहेबगंज के पास 10 लाख से ज्यादा की लागत से बनाया गया। इसका उद्घाटन भी कर दिया गया, लेकिन खाद बननी शुरू नहीं हुई है। नतीजा शहर का कचरा शहर के पास ही जहां-तहां डंप हाे रहा है।
गीला व सूखा कचरा रखने के लिए डस्टबिन बांटने का काम बंद
2017 से ही शहर के सभी घराें में दाे-दाे डस्टबिन बांटने की कवायद कागजाें पर शुरू हुई। पिछले साल नाथनगर इलाके से बांटने का भी काम शुरू हुआ। लेकिन कुछ दिन में ही यह व्यवस्था बंद हाे गयी। लिहाजा गीला और सूखा कचरा लेने का कंसेप्ट आगे नहीं बढ़ा। अब लाेग अपनी सुविधा से कचरा डंप कर रहे हैं।

अगर डस्टबिन बांटने के बाद गीले कचरे से खाद बनाने की शुरुआत हाे गई हाेती ताे निगम काे अतिरिक्त आमदनी भी शुरू हाे जाती। जब गीला कचरा से खाद बन जाती ताे प्लास्टिक व सूखे कचरे ही बचते, जिसे डंपिंग ग्राउंड में डंप किया जाता।
ठेकेदार काे नहीं दिया पैसा ताे डंपिंग ग्राउंड में काम हुआ बंद
राज्य में भागलपुर को पहला डंपिंग ग्राउंड अक्टूबर 2018 में जगदीशपुर के कनकैथी मिला पर अब तक जाने के लिए सड़क नहीं बन पायी है। वहां सड़क और बाउंड्री बनाने का कार्य भी शुरू हुआ लेकिन आधे में ही बंद कर दिया। ठेकेदार काे निगम ने काली सूची में डालने की चेतावनी भी दी पर समय पर भुगतान नहीं हाेने की बात काे लेकर काम बंद हाे गया। अब अफसर के पास जबाव ही नहीं है कि कब तक वहां कूड़ा डंप हाेना शुरू हाेगा।
विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हाेगा काम
साहेबगंज के प्लांट में कुछ तकनीकी कमी है। इस पर काम चल रहा है। जल्द ही वहां पिट पूरी तरह तैयार हाे जाएगा। विधानसभा चुनाव के बाद वहां खाद बनेगी। -सत्येंद्र प्रसाद वर्मा, पीआरओ, नगर निगम
जल्द बनाई जाएगी कचरे से खाद
नाथनगर इलाके के दस वार्डाें का कचरा साहेबगंज के प्लांट में जमा हाेना है। दुर्गा पूजा के बाद नगर आयुक्त से बात करेंगे कि प्लांट कब चालू हाेगा। जल्द वहां कचरे से खाद बनाई जाएगी। -सीमा साह, मेयर

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