पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

ग्राउंड रिपोर्ट गोपालपुर:गोपाल मंडल की राह में लोजपा की चुनौती, इस बार चुनाव मैदान में त्रिकोणीय हाेगा मुकाबला

भागलपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
यहां की महिला वोटर उधर ही वोट करती हैं, जहां घर के पुरूष वोट डालते हैं।
  • जानिये गंगा पार के इस विधानसभा क्षेत्र में कैसा है चुनावी माहौल

मदन | भागलपुर गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार से जीत की हैट्रिक लगा रहे वर्तमान विधायक व एनडीए से जदयू प्रत्याशी नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल की जीत की राह इस बार मुश्किलों से भरी है। कारण यह है कि लोजपा के सुरेश भगत ने गोपाल मंडल के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। वैसे तो मुख्य मुकाबले में एनडीए से जदयू उम्मीदवार गोपाल मंडल और महागठबंधन से राजद प्रत्याशी शैलेश कुमार हैं, लेकिन चुनावी मैदान में लोजपा ने सुरेश भगत को उतारा है। इससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से इस बार मैदान में आठ प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस विस क्षेत्र में चार प्रखंड-नवगछिया, गोपालपुर, रंगरा और इस्माइलपुर शामिल हैं। नवगछिया यादव व वैश्य बहुल इलाका है। गोपालपुर भूमिहार, रंगरा और इस्माइलपुर गंगोता बहुल क्षेत्र है। जदयू प्रत्याशी गोपाल मंडल गंगोता जबकि राजद के शैलेश कुमार यादव जाति से आते हैं। दोनों का जाति के हिसाब से अपना-अपना वोट बैंक है। लेकिन क्षेत्र में वैश्य और सवर्ण वोटर निर्णायक होते हैं। ये लोग जिधर वोट डालते हैं, उसकी जीत तय होती है। ये दोनों ही वर्ग के वोट भाजपा का वोट बैंक माना जाता रहा है, लेकिन इस बार इसमें सेंधमारी हो सकती है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि भाजपा को यहां से टिकट नहीं मिलने से कई नेता और कार्यकर्ता जदयू प्रत्याशी के लिए इलाके में सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। साथ ही 15 साल से लगातार विधायक रहने से एंटी इनकंबेंसी भी है। इसके साथ ही लोजपा के सुरेश भगत वैश्य वोट बैंक में सेंधमारी कर सकते हैं और इसका नुकसान गोपाल मंडल को हो सकता है। हालांकि एनडीए में जदयू के शामिल होने से भाजपा का भी वोट गोपाल मंडल को मिलता रहा है। इधर, राजद के परंपरागत वोट बैंक में अब तक सेंधमारी होती नजर नहीं आ रही है। अब लोजपा के सुरेश भगत पर निर्भर करता है कि वे वैश्य का कितना वोट काटते हैं, उतने ही वोटों से जीत-हार की कहानी तय होने की संभावना है। मुद्दा जो लोगों की जुबान पर| बाढ़ और कटाव वाले इस इलाके में मुख्य मुद्दे गौण हैं। यहां राजद के 10 लाख नौकरी देने की घोषणा और एनडीए की ओर से राजद के 15 साल पहले के जंगलराज को मुद्दा बनाने के प्रयास की चर्चा जोरों पर है। इसके साथ ही इस बार क्षेत्र में बन रहे जातीय समीकरण की भी चर्चा लोगों की जुबान पर है।

डिसाइडिंग फैक्टर 2020 सवर्ण वोटर

वैसे गोपालपुर क्षेत्र गंगोता बहुल है। लेकिन यहां इस बार सबकी नजर सवर्ण वोटरों पर है। इस बार सवर्ण वोटर निर्णायक की भूमिका हैं। इन लोगों के वोट से ही जीत व हार तय होगी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर-परिवार से संबंधित कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी। तथा आप अपने बुद्धि चातुर्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करने में सक्षम भी रहेंगे। आध्यात्मिक तथा ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ने में भी ...

और पढ़ें