• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bhagalpur
  • Many Dimensions Achieved In The Midst Of Conflicts, Now Angika Language Is Included In The Eighth List Of The Constitution. Madhusudan

स्थापना दिवस समारोह:संघर्षों के बीच हासिल किये कई आयाम, अब अंगिका भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल कराना लक्ष्य : प्रो. मधुसूदन

भागलपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच का 44 वां स्थापना दिवस मनाया गया। - Dainik Bhaskar
अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच का 44 वां स्थापना दिवस मनाया गया।
  • मना अंगिका साहित्य कला मंच का 44वां स्थापना दिवस

अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच का 44 वां स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस मौके पर समारोह की अध्यक्षता कर रहे मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रो. मधुसूदन झा ने कहा कि अंगिका बहुत ही सशक्त और सबल भाषा है। इसने घोर संघर्षों के बीच सफलता के कई आयाम हासिल किये हैं। कोटि -कोटि लोगों के बीच अपनी कामयाबी के अनूठी छाप छोड़ी है। वहीं उन्होंने उम्मीद जतायी कि एक न एक दिन अंगिका भाषा संविधान की आठवीं सूची में अवश्य शामिल होगी। वहीं मुख्य अतिथि प्रो. रामचन्द्र घोष ने ने कहा कि अंगिका जनमानस की भाषा है।

लोक भाषा के रूप में इसकी लोकप्रियता करोड़ों लोगों के बीच है। मंच संरक्षक विद्यावाचस्पति आमोद कुमार मिश्र ने अंगिका भाषा के समग्र विकास के लिए उसे एक मानक स्वरूप में विकसित करने पर बल दिया। वहीं गीतकार राजकुमार ने समारोह का संचालन करते हुए अंगिका के सांगठनिक विकास की आवश्यकता पर बल दिया। इस मौके पर उन्होंने इसके सांगठनिक इतिहास की भी चर्चा की। वहीं महामंत्री हीरा प्रसाद हरेन्द्र ने मंच का प्रतिवेदन पेश करते हुए अंगिका को संविधान की आठवीं सूची में शामिल किये जाने के लिए कारगर प्रयास किये जाने पर जोर दिया। इस मौके पर आमोद कुमार मिश्र द्वारा अंगिका नाटक जागी उठलै गांव का लोकार्पण किया गया।

समारोह को आकाशवाणी भागलपुर की वरीय उद्घोषिका रही डॉ. मीरा झा,अंजनी कुमार शर्मा, दिनेश तपन,संत छोटे लाल दास,अंजनी कुमार सुमन, शशि आनंद अलबेला, सुरेश सूर्य,अनिरूद्ध प्रभाष, कुमार गौरव, भोला बागवानी, डॉ. प्रेम चंद पांडेय और ब्रह्मदेव सत्यम समेत कई वक्ताओं ने भी संबोधित किया। समारोह के दूसरे सत्र में भव्य अंगिका सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें नवगछिया से आयी शिक्षाविद् डॉ.

मीरा झा,डॉ. उलूपी झा,आकाशवाणी उद्घोषक डॉ. विजय कुमार मिश्र,महेन्द्र निशाकर,डॉ. गौतम कुमार यादव, ब्रह्मदेव कुमार रेणु ठाकुर, धीरज पंडित, डॉ. जयंत जलद, महेन्द्र मयंक और कृष्ण मोहन किसलय समेत कई कवियों ने अपनी कविता एवं गीतों को पेश किया।

खबरें और भी हैं...