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ये गलत है:डोर-टू-डोर कचरा उठाने को बांटे आधे से ज्यादा ठेले, निगम में हिसाब ही नहीं, सर्वेक्षण के 40 अंक इसी मैनेजमेंट पर मिलते, अब ये भी

भागलपुर2 महीने पहले
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निगम परिसर में आधे से ज्यादा हाथ ठेले हो गए खाली। - Dainik Bhaskar
निगम परिसर में आधे से ज्यादा हाथ ठेले हो गए खाली।

शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए 206 हाथ ठेले की खरीद की गई। इसमें आधे से ज्यादा ठेले वार्डों में बंट गए, लेकिन अब तक इसका डाॅक्यूमेंटेशन नहीं हो सका। यह साफ है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में सही तरीके से डाॅक्यूमेंटेनशन पर ही 30 से 40 अंक मिलते हैं। सभी ठेले पर एक नंबर भी लिखवाना था। साथ ही रजिस्टर में यह भी तय होता कि काैन ठेला किस गली से कचरा उठाने भेजा जाता है।

पार्षदों ने दबाव में निगमकर्मियों ने ठेले तो बांट दिए, लेकिन कागजी प्रक्रिया पूरी न होने से सर्वेक्षण में मिलने वाले अंक पर भी तलवार लटक गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण के नाेडल पदाधिकारी सिटी मैनेजर रवीशचंद्र वर्मा को यह रिपोर्ट तक नहीं मिली कि कितने ठेले किस वार्ड में भेजे गए।

बताते हैं, मेयर सीमा साह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले में जब पार्षदाें का एक धड़ा ठेले के जांच रिपाेर्ट का इंतजार कर रहा था, वहीं सत्ता पक्ष बिना जांच रिपाेर्ट के ही ठेला ले जाने का निगम पर दबाव बना रहा था। इसी बीच बुधवार काे पटना से आई रिपोर्ट में ठेले फिट आए तो पार्षद जबरन ही ठेले ले गए। ओएस माे. रेहान ने ठेले वार्ड में बंटवा दिए। साेमवार काे भी वार्ड 51 के प्रतिनिधि शशि माेदी निगम ठेला लेने पहुंचे।

ये काम होने थे, जो नहीं हुए

  • हर वार्ड में ट्रैकिंग के लिए ठेला में नंबर अंकित होना था।
  • ठेला से कूड़ा उठाव करने वाले मजदूराें काे ट्रेनिंग देना था।
  • गीला और सूखा कचरा कैसे घर-घर से लेकर रखना है।
  • काैन ठेला किस गली-किस वार्ड में जाएगा, रिकाॅर्ड हाेता।

निर्देश के बाद भी नहीं बंटे डस्टबिन

नगर निगम ने पहले 30 हजार डस्टबिन खरीदे थे। इसमें 6 हजार डस्टबिन वार्ड 1 से 5 तक बंटवाए थे। बाकी 24 हजार डस्टबिन बंटवाने का निर्देश स्वास्थ्य शाखा प्रभारी जयप्रकाश यादव काे दिया है। लेकिन अभी तक यह निगम के ओएस माे. रेहान व स्वास्थ्य प्रभारी के कागजी पेच में उलझा है।

वार्डाें में ठेले बंटवाए जाने की विधिवत फाइल मेरे पास अभी नहीं आई है। ऐसे में इस मामले में अभी कुछ नहीं कह सकते। जानकारी आने पर बताएंगे। - रवीशचंद्र वर्मा, सिटी मैनेजर

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