नर्स रिटायर:नाम की कार्रवाई; घूसखोर कर्मियों का सिर्फ तबादला व इन्क्रीमेंट रोका

भागलपुरएक महीने पहले
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जगदीशपुर पीएचसी की एक रिटायर नर्स से बिल पास करने समेत अन्य काम के लिए 53 हजार रिश्वत मांगने वाले प्रधान लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मी पर विभाग ने कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की है। जांच के बाद 31 अगस्त काे अपनी रिपाेर्ट में टीम ने नर्स नीलम के लगाए आरोपों को सही पाया। इसके बाद यह कार्रवाई हुई।

विभाग ने प्रधान लिपिक गौतम कुमार को पीरपैंती और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अजय पासवान को नवगछिया के भवानीपुर में अतिरिक्त पीएचसी में ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही दोनों के दो-दो इन्क्रीमेंट भी रोकने की अनुशंसा विभाग से की है। नर्स के आरोप, विभाग की जांच के बाद भी विभाग नर्स को राहत नहीं दिला सका। उसे न तो अब तक पेंशन मिला है और न ही रिटायरमेंट के बाद का कोई लाभ ही मिला।

जगदीशपुर पीएचसी की रिटायर नर्स से मांगे थे 53 हजार

जगदीशपुर पीएचसी की एक रिटायर नर्स से बिल पास करने समेत अन्य काम के लिए 53 हजार रिश्वत मांगने वाले प्रधान लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मी पर विभाग ने कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की है। जांच के बाद 31 अगस्त काे अपनी रिपाेर्ट में टीम ने नर्स नीलम के लगाए आरोपों को सही पाया।

इसके बाद यह कार्रवाई हुई। विभाग ने प्रधान लिपिक गौतम कुमार को पीरपैंती और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अजय पासवान को नवगछिया के भवानीपुर में अतिरिक्त पीएचसी में ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही दोनों के दो-दो इन्क्रीमेंट भी रोकने की अनुशंसा विभाग से की है। नर्स के आरोप, विभाग की जांच के बाद भी विभाग नर्स को राहत नहीं दिला सका। उसे न तो अब तक पेंशन मिला है और न ही रिटायरमेंट के बाद का कोई लाभ ही मिला।

जगदीशपुर पीएचसी की रिटायर नर्स से मांगे थे 53 हजार

ये है मामला
जगदीशपुर पीएचसी की नर्स नीलम कुमारी के मई 2021 में रिटायर हाेने के बाद अस्पताल के प्रधान लिपिक गाैतम कुमार ने कुल 53 हजार रुपए घूस मांगे थे। बिल पास करने के लिए 30 हजार, काेराेनाकाल में एक माह का मूल वेतन प्राेत्साहन राशि देने के लिए 15 हजार और सर्विस बुक लेखा कार्यालय से लाने के लिए 8000 रुपए मांगे थे। फोन कर नर्स से यह भी कहा था कि पैसा न देने पर घूमती रहोगी। कोम नहीं होगा। तंग होकर नर्स ने 13 अगस्त काे डीएम सुब्रत कुमार सेन से शिकायत की और तत्काल डीआईओ डाॅ. मनाेज कुमार चाैधरी, डाॅ. सुनील कुमार सिन्हा, डाॅ. अब्दुल रब्बानी की टीम बना दी गई। इस टीम ने 24 अगस्त काे जांच की और 31 अगस्त काे रिपाेर्ट में सीएस से कहा कि नर्स के लगाए आराेप सही हैं। कर्मचारियाें ने इससे जुड़े सभी सवालाें के सही जबाव नहीं दिए। इसलिए आराेप सिद्ध हाेता है और कार्रवाई हाेनी चाहिए।

मेरे खिलाफ जांच हुई, पता नहीं चला: अजय
इधर, चतुर्थ श्रेणी कर्मी अजय पासवान का कहना है कि जांच टीम आई थी। गाैतम कुमार के मामले में जांच हुई। मुझे नहीं पता चला कि मेरे खिलाफ भी जांच करने आई। बाद में मेरा ट्रांसफर किया गया। मेरा नीलम कुमारी से कभी कोई विवाद नहीं था। रिटायरमेंट के बाद लगे इस आरोप पर कुछ नहीं कह सकता। मामले में प्रधान लिपिक गाैतम कुमार के माेबाइल 9470627943, 9110193220 पर संपर्क करने की काेशिश की गई, पर नंबर बंद मिला। उन्हें एसएमएस भी भेजा, पर जवाब नहीं आया।

लिपिक गाैतम कुमार काे पीरपैंती स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थय केंद्र और फाेर्थ ग्रेड स्टाफ अजय पासवान का नवगछिया के भवानीपुर एपीएचसी में ट्रांसफर किया गया है। दोनों के दाे-दाे इंक्रीमेंट राेकने की अनुशंसा भी विभाग से की है। दोबारा ऐसी शिकायत आई तो कानूनी कार्रवाई होगी।
- डाॅ. उमेश शर्मा, सिविल सर्जन

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