अस्पताल में ​​​​​​मरीजाें की लग रही कतार:नंबर-1 सदर अस्पताल में 24 घंटे पैथाेलाॅजी जांच नहीं, राेज दाे दर्जन मरीज हाे रहे वापस

भागलपुर2 महीने पहले
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सदर अस्पताल के पैथोलॉजी में बुधवार को जांच कराने आई महिलाओं की लगी कतार। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल के पैथोलॉजी में बुधवार को जांच कराने आई महिलाओं की लगी कतार।

कायाकल्प याेजना में इस साल मार्च में सदर अस्पताल काे बिहार में नंबर-1 का दर्जा मिला। सिविल सर्जन डाॅ. उमेश कुमार शर्मा ने उसी समय दावा किया था कि प्रखंड के अस्पतालाें से टेक्नीशियन लाकर यहां 24 घंटे जांच की सुविधा बहाल करेंगे।

लेकिन पांच माह बीतने के बाद भी ऐसा नहीं हाे सका है। यहां हर दिन ओपीडी में करीब 400 मरीजाें का इलाज हाेता है। इनमें करीब 100 गर्भवतियां रहती है। इनमें से करीब 100 से ज्यादा लाेगाें काे राेज जांच लिखी जाती है।

एक मरीज काे औसतन तीन-चार जांच लिखी जाती है। यानी करीब 400 सैंपल लेने की जरूरत हाेती है। लैब टेक्नीशियन की कमी से दाेपहर एक बजे तक ही सैंपल लिये जाते हैं। इस कारण करीब दाे दर्जन मरीज राेज वापस हाे रहे हैं।

छह टेक्नीशियन की है जरूरत, हैं केवल दाे, इनमें से एक ट्रेनिंग में

यहां 24 घंटे जांच की सुविधा बहाल करने के लिए 6 लैब टेक्नीशियन की जरूरत है पर यहां सिर्फ दाे ही अभी काम कर रहे हैं। इसलिए यह दिक्कत है। बुधवार काे हेड टेक्नीशियन स्वामी प्रेमानंद मंकी पाॅक्स के इलाज की ट्रेनिंग लेने पटना चले गए ताे केवल एक टेक्नीशियन प्रमाेद ही वहां काम कर रहे थे। इस वजह से मरीजाें काे ज्यादा देर इंतजार करना पड़ा। जगदीशपुर जाेगीवीर गांव की 29 वर्षीया गर्भवती द्राेपदी देवी, जगदीशपुर की सुकमा देवी व चंपानगर की 30 वर्षीया रहमति देती काे डेढ़ घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा। पैथाेलाॅजी में इतनी भीड़ थी कि बैठने के लिए जगह नहीं थी।

भीड़ में उन्हें इंतजार करना पड़ा। डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद 11:30 में उनका सैंपल लिया गया। शाहजंगी की रानी ने बताया कि साेमवार काे बहुत अधिक भीड़ थी। उसका नंबर दाेपहर एक बजे के बाद आया। इसलिए जांच सेंटर बंद हाे गया ताे हमें वापस लाैटना पड़ा। दुबारा मंगलवार काे आने पर बताया कि भूखे पेट आना ताे सभी तरह के जांच हाे जाएगी। इसलिए लाैट गए। बुधवार की सुबह 10 बजे आ गए। एक घंटे से लाइन में हैं। गुड़हट्टा चाैक की गर्भवती पूनम देवी की मां ने बताया कि मंगलवार काे आने पर एक बज गया ताे जांच नहीं हुई।

किट खत्म, ब्लड सुगर की जांच बंद

बुधवार काे पैथाेलाॅजी में ब्लड सुगर की जांच भी नहीं हुई। बुधवार काे पंचायत सचिव की नाैकरी के लिए गया, सीतामढ़ी व अन्य जिलाें से याेगदान देने आए अभ्यर्थियाें की मेडिकल फिटनेस के लिए भी सुगर जांच नहीं हाे सकी। इसके लिए वे मेडिकल काॅलेज अस्पताल गए। टेक्नीशियन ने ब्लड सुगर जांच करवाने आए मरीजाें से कहा कि किट नहीं है और केमिकल भी खत्म हाे गया है।

ये प्रमुख टेस्ट हाेते हैं - हीमाेग्लाेबीन, सीबीसी, ब्लड ग्रुप, यूरिन टेस्ट, प्रेग्नेंसी टेस्ट, एचआईवी, मलेरिया, सीआरपी।

सीधी बात डाॅ. उमेश शर्मा, सीएस

टेक्नीशियन की कमी से है दिक्कत

24 घंटे पैथाेलाॅजी जांच की सुविधा क्याें नहीं मिल रही है?

-टेक्नीशियन की कमी है, इसलिए दिक्कत है

प्रखंड के अस्पतालाें से टेक्नीशियन अब तक क्याें नहीं लाया?

-प्रस्ताव भेजा था, लेकिन काेराेना जांच काे लेकर अनुमति नहीं मिली

नंबर वन अस्पताल ब्लड सुगर की जांच क्याें नहीं हाे रही?

-यहां पर्याप्त किट है, पैथाेलाॅजी इंचार्ज से इसपर बात करेंगे

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