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बिना परीक्षा दिए स्नातक:बिना रिजल्ट एक बैच पहुंचा फाइनल ईयर में, दूसरा बैच बगैर परीक्षा के ही जाएगा

भागलपुरएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • सत्र 2018-21 स्नातक के छात्रों ने पार्ट वन की परीक्षा नहीं दी, टू की दी तो रिजल्ट नहीं

कोरोना ने टीएमबीयू में परीक्षा और मूल्यांकन पर ऐसी रोक लगाई है कि छात्र बिना रिजल्ट के अगली कक्षाओं में चले जा रहे हैं। यहां तक कि बिना परीक्षा दिए स्नातक पार्ट टू में प्रमोट फिर बिना रिजल्ट का फाइनल ईयर में प्रोन्नत। अभी स्नातक पार्ट टू सत्र 2018-21 और सत्र 2019-22 के पार्ट वन के छात्रों के साथ यही हो रहा है। दोनों कक्षा मिलाकर लगभग 65 हजार छात्र परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। सबसे खराब स्थिति स्नातक पार्ट टू के छात्रों की है। पार्ट वन पास कर ये पार्ट टू में पिछले साल ही आ गए थे।

सत्र लेट होने के कारण पिछले साल ही इनके पार्ट टू की परीक्षा भी होनी थी। तभी कोरोना की पहली लहर शुरू हुई और इनकी परीक्षा नहीं हुई। छात्रों को यह कहकर प्रमोट कय्या गया कि जब स्थिति सामान्य होगी तो पार्ट टू की परीक्षा ली जाएगी। यह परीक्षा इस बार अप्रैल में हुई। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण कॉपियों का मूल्यांकन रोक दिया गया। अब बिना रिजल्ट आए एक जून से इन छात्रों के पार्ट थ्री की पढ़ाई शुरू होगी। दूसरी तरफ स्नातक पार्ट वन सत्र 2019-22 के छात्रों की स्थिति यह है कि उनके पार्ट वन की पिछले साल होने वाली परीक्षा तब नहीं हो सकी और छात्र अगली कक्षा में इस शर्त के साथ प्रमोट कर दिए गए कि बाद में परीक्षा ली जाएगी। इन छात्रों की परीक्षा इस साल 26 अप्रैल से तय हुई। लेकिन कोरोना के कारण टाल दी गई है। इनकी अगली कक्षा की पढ़ाई को लेकर टीएमबीयू ने अब तक कोई निर्णय नहीं किया है।

सत्र 2018-21 स्नातक के छात्रों ने पार्ट वन की परीक्षा नहीं दी, टू की दी तो रिजल्ट नहीं

  • सत्र 2019-22 के स्नातक के छात्रों की अब तक एक भी परीक्षा नहीं, प्रमोट हो टू में गए
  • कोरोना ने टीएमबीयू में परीक्षा पर ऐसी रोक लगाई कि बिना पढ़े प्रमोट हो रहे छात्र

जून में परीक्षा लेना भी मुश्किल

राजभवन ने तय होकर टली परीक्षाएं एक से 15 जून तक लेने को कहा है। लेकिन परेशानी यह है कि छात्रों की इतनी बड़ी संख्या के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर परीक्षा लेने के लिए ज्यादा केंद्र और संसाधन की जरूरत होगी जो टीएमबीयू के पास उपलब्ध नहीं है।

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