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  • Only BSUSC Will Reinstate The Principals In Colleges, After 1996, The Principals Were Reinstated In 2009 But Removed After Four Years

प्राचार्यों की बहाली:कॉलेजों में बीएसयूएससी ही करेगा प्राचार्यों की बहाली,1996 के बाद 2009 में बहाल हुए थे प्राचार्य पर चार साल बाद हटाए गए

भागलपुर14 दिन पहले
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टीएमबीयू के अंगीभूत काॅलेजाें में बिहार स्टेट यूनिवर्सिटी सर्विस कमिशन (बीएसयूएससी) ही प्राचार्याें की बहाली करेगा। बीते हफ्ते इसकाे लेकर राजभवन से आए पत्र के बाद यह स्पष्ट हाे गया कि इस पद पर टीएमबीयू अपने स्तर से बहाली नहीं करेगा। टीएमबीयू से पूछा गया था कि कितने काॅलेजाें में नियमित प्राचार्य हैं और कितने में नहीं हैं। नियमित प्राचार्य नहीं हाेने की वजह और अब तक बहाली नहीं हाेने का कारण भी पूछा गया था। रजिस्ट्रार डाॅ. निरंजन प्रसाद यादव ने बताया कि मांगा गया डिटेल उपलब्ध करा दिया गया है। विश्वविद्यालय ने जवाबी पत्र में कहा पूर्व में नियुक्ति के हुए प्रयासाें की जानकारी देते हुए कहा है कि राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार अब बीएसयूएससी ही प्राचार्याें की बहाली करेगा। बता दें कि अभी टीएमबीयू के 12 अंगीभूत काॅलेजाें में केवल टीएनबी काॅलेज में नियमित प्राचार्य हैं।

बाकी 11 काॅलेजाें में वहां के वरीयतम शिक्षक ही प्रभारी प्राचार्य हैं। बताया गया कि पूर्व कुलपति डाॅ. प्रेमा झा के समय 2009 में प्राचार्याें की बहाली हुई थी। यह बहाली सिंडिकेट की अनुमति की आशा में की गई जिसे कई कारणाें से वैसे अभ्यर्थियाें ने काेर्ट में चुनाैती दी थी, जिनका चयन नहीं हुआ था। बाद में काेर्ट के आदेश पर इन प्राचार्याें काे हटा दिया गया था। हालांकि काेर्ट का आदेश आने तक ये प्राचार्य करीब चार साल तक इस पद पर रह चुके थे। इसके बाद पूर्व रजिस्ट्रार अरुण कुमार के समय काेर्ट ने प्राचार्याें की बहाली की प्रक्रिया के लिए निर्देश दिया था। तब मुंगेर विवि अलग नहीं हुआ था और टीएमबीयू ने 24 पदाें पर बहाली के लिए आवेदन मांगा था। लेकिन जिन अभ्यर्थियाें ने 2009 में हुई बहाली काे काेर्ट में चुनाैती दी थी, उन्हाेंने इस बार भी कुछआपत्तियां की थी और मामला अटक गया था।

1996 बैच के एक प्राचार्य अब मुंगेर विवि में
2009 से पहले टीएमबीयू में 1996 में प्राचार्याें की बहाली हुई थी। इनमें से एक-दाे ने ज्वाइन नहीं किया। बाकी प्राचार्य धीरे-धीरे रिटायर हाेते गए अाैर संबंधित काॅलेज में वहां के वरीय शिक्षकाें काे प्रभारी प्राचार्य बनाया जाता रहा। इस बैच के एक नियमित शिक्षक अब मुंगेर विवि में हैं।

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