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लापरवाही:डिप्टी सीएम ने दिया था निर्देश-जून तक कर लें उड़ाही, शहर के नाले दे रहे गवाही-निगम ने पानी में बहाए 38 लाख रुपए

भागलपुर16 दिन पहले
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यह इशाकचक की बाैंसी पुल के पास की तस्वीर है। निगम ने इस नाले की भी उड़ाही की है, लेकिन इसका पानी ओवरफ्लाे हाेकर सड़क पर बहता रहता है। - Dainik Bhaskar
यह इशाकचक की बाैंसी पुल के पास की तस्वीर है। निगम ने इस नाले की भी उड़ाही की है, लेकिन इसका पानी ओवरफ्लाे हाेकर सड़क पर बहता रहता है।

शहर में समय से नालाें की उड़ाही नहीं हाेने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जम जाता है। बारिश हाेते ही शहर में लाेगाें बाहर निकलना मुश्किल हाे जाता है। इस कारण डिप्टी सीएम तारकिशाेर प्रसाद मई में ही नगर निगम काे निर्देश दिया था िक जून से पहले सभी नालाें की उड़ाही करवा लें ताकि बरसात में शहर में जलजमाव की समस्या न हाे।

लेकिन उनके निर्देश का निगम के अफसराें ने ठीक से पालन नहीं किया। नालाें की उड़ाही कराई गई, लेकिन समय से गाद काे नहीं उठाया गया। इससे बारिश हाेते ही गाद फिर नाले में ही चली गई। पिछले तीन माह में निगम ने इस पर करीब 38 लाख रुपए खर्च किये, लेकिन ये पैसे पानी में बह गए। सबसे खराब स्थिति शहर के दक्षिणी क्षेत्र की है।

कचहरी चाैक से मिरजानहाट के शीतला स्थान चाैक तक कच्चे नाले हैं। वहां नाले की गाद कई दिनाें तक सड़क पर ही रही। इससे इस उड़ाही का काेई फायदा नहीं हुआ। अब भी नाले बारिश के पानी से अाेवरफ्लाे हाे जाते हैं और गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है। भाेलानाथ पुल के पास ताे थाेड़ी बारिश हाेते ही पानी जम जाता है।

अफसराें ने काम की नहीं की माॅनिटरिंग, पहले जैसे ही हालात

अब बुधवार काे डिप्टी सीएम शहर आ रहे हैं। वह गुरुवार काे अफसराें के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। स्मार्ट सिटी के काम का जायजा भी लेंगे। नगर निगम और स्मार्ट सिटी सीएम काे दिखाने के लिए कई काम कर रहा है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने सैंडिस में चल रहे काम में गति लाई है। कचहरी और घूरन पीरबाबा चाैक पर ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए कंपनियाें से डिमांस्ट्रेशन करा रहा है। नगर निगम जीराेमाइल से लेकर उन सभी रास्ताें में सफाई करवा रहा है, जहां से डिप्टी सीएम का काफिला गुजरेगा।

लेकिन जिन जगहाें से डिप्टी सीएम नहीं गुजरेंगे वहां की सफाई की स्थिति काफी खराब है। गलियाें में कूड़ा जमा है। जलजमाव है। दक्षिणी क्षेत्र में कच्चे नाले इसकी गवाही दे रहे हैं कि उसकी ढंग से सफाई नहीं हुई है। नाले में जहां तीन फीट तक नाले में गाद जमी थी, वहां एक फीट ही उड़ाही हुई। अफसराें ने इसकी माॅनिटरिंग नहीं की।

इससे अब भी वहां गाद जमी है। पानी अाेवरफ्लाे हाे रहा है। डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद निगम ने 120 मजदूराें का दल बनाकर नाला उड़ाही का काम शुरू किया था। तीन महीने में 37 लाख 90,800 रुपए खर्च किये, लेकिन हालात पहले जैसे ही रहे। मंगलवार काे भी बारिश हाेने से शीतला स्थान चाैक, भाेलानाथ पुल के पास, इशाकचक विषहरी स्थान, सस्तु भगत काली मंदिर के पास, वारसलीगंज, बढ़ई टाेला, अानंदबाग, बुनियादी स्कूल गली, विषहरी स्थान राेड के पास नाले का पानी सड़क पर बहता रहा।

बारिश हाेते ही फिर डूबा एनएच, लालबाग में घुसा पानी, दाे माह बाद निगम काे आई याद कि नाले पर है अतिक्रमण

इधर, सैंडिस गेट के पास बुडकाे ने पानी के लिए पाइपलाइन बिछायी है। इस कारण वहां मिट्टी खाेदी गई थी। इस काम में बुडकाे काे वहां 40 फीट और नाला बनाना था, जाे उसने नहीं किया। इस कारण इस बारिश में करीब दाे माह से एनएच पर पानी जम रहा है। इसे खत्म करने के लिए वहां साेख्ता बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन बारिश के कारण काम बंद हाे गया।

मंगलवार काे बारिश हुई ताे वहां का पानी लालबाग माेहल्ले में सड़क व लाेगाें के घराें में घुसने लगा। वार्ड 32 के पार्षद हंसल सिंह ने स्मार्ट सिटी व बुडकाे के दफ्तर में ताला मारने की चेतावनी दी ताे अपराह्न तीन बजे नगर आयुक्त प्रफुल्ल चंद्र यादव व बुडकाे के इंजीनियर वहां पहुंचे। वहां एक समस्या नाले पर अतिक्रमण भी है, जिस कारण पानी नहीं निकल पा रहा है। उन्हाेंने दाे लाेगाें के अस्थायी अतिक्रमण काे जेसीबी से हटावाया और 14 लाेगाें काे नाेटिस दिया है। इसकी सूची जगदीशपुर सीओ काे देकर स्थायी अतिक्रमण हटावाने के लिए कहा है। जबकि एनएच के पास जलजमाव दाे माह से हाे रहा है।

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