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यह व्यवस्था किस काम की:मायागंज में ऑक्सीजन पर्याप्त, पर सप्लाई इतनी बदतर कि एक माह में 90 मरीजों की सांस उखड़ी

भागलपुर2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • पाइपलाइन में ऑक्सीजन इतना कम कि मरीज खींच ही नहीं पा रहे

पूर्वी बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मायागंज में कोरोना मरीजों की मौताें का सिलसिला जारी है। पिछले एक माह में सरकार ने इस कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल में 100 मरीजों की मौत बताई है। इनमें 85-90 मरीजों की मौतों का कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी बताई गई है। पांच मई को मायागंज अस्पताल में 14 मरीजों की मौत हुई। इनमें भी मौतों का कारण ऑक्सीजन बताया गया। इन सबके बीच अस्पताल प्रबंधन का पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने का दावा भी दम तोड़ता नजर आ रहा है।

एक ओर परिजनों का बेहतर इलाज न होने की शिकायत और दो दिन पहले दो डॉक्टर की पिटाई व तोड़फोड़ की घटना भी ऑक्सीजन न मिलने के आरोप में की गई। दूसरी ओर अस्पताल के डॉक्टर भी पाइपलाइन में ऑक्सीजन की सप्लाई धीमी होने और स्टाफ की कमी का संकट बता रहे हैं। इससे साफ है कि मरीजों को जितनी मात्रा में ऑक्सीजन मिलनी चाहिए, नहीं मिली। उनका शरीर धीमी ऑक्सीजन सप्लाई को जरूरत के मुताबिक नहीं खींच सका और मौत हो गई। मायागंज अस्पताल के कर्मचारियों की माने तो प्लांट से आए सिलेंडरों में कई खाली भी सिलेंडर सप्लाई हाे रहे हैं। प्लांट से आने के बाद अस्पताल में सिलेंडर का वजन नहीं होता। इससे खाली सिलेंडर का पता नहीं चल पाता। अस्पताल में पाइप से मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले ठेकेदारों ने 11 की बजाय महज 3 कर्मचारी रखे हैं। वे ठीक से सप्लाई की निगरानी नहीं कर पा रहे। आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू, इमरजेंसी आदि में अभी भी 60 प्रतिशत बेडों पर सही तरीके से ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है।

इन दो केस से समझिए अस्पतालों की हालत

केस-1 सोमवार को मायागंज अस्पताल में बांका के एक मरीज के परिजनों ने हंगामा मचाया। परिजनों ने ऑक्सीजन सप्लाई के प्वॉइंट से ऑक्सीजन का फ्लो कम आने की शिकायत की थी। अस्पताल के पास कंसन्ट्रेटर मशीन नहीं होने से मरीज को अॉक्सीजन सुविधा नहीं मिली थी। इससे खफा परिजनों ने डॉक्टरों से हाथापाई भी की थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी दो भाइयों पर कार्रवाई की और जेल भेजा था।
केस-2 सदर अस्पताल में दो दिन पहले ही मुंदीचक के एक युवक ने ऑक्सीजन न मिलने पर डॉक्टर की पिटाई कर दी थी। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इंट्रावीनस कैनुला लगाने के दौरान निकले खून पर हंगामा और मारपीट करने की बात कही थी। मरीज को ऑक्सीजन की दरकार थी, लेकिन परिजनों का आरोप था कि उसे समय पर ऑक्सीजन नहीं मिला।

ऑक्सीजन की पाइपलाइन में स्लो सप्लाई की शिकायत की है

ऑक्सीजन लेवल घटने से मरीजों की मौत की बड़ी वजह देरी से एडमिट होना भी है। मरीजाें की स्थिति कंट्रोल से बाहर हाेने पर परिजन उन्हें एडमिट कराते हैं। ऑक्सीजन पाइपलाइन में स्लो सप्लाई की शिकायत अधीक्षक से की है। मैन पावर की समस्या भी से भी अस्पताल प्रबंधन को अवगत कराया गया है। अभी कोविड के जितने मरीज हैं, उनके हिसाब से डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ काफी कम है।

-डॉ. हेमशंकर शर्मा, नोडल अधिकारी, आइसोलेशन वार्ड, मायागंज अस्पताल

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