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पीएचसी ने भेजा मायागंज, एबुलेंस ले आया नर्सिंग होम:500 के लिए बनाया बंधक, नर्सिंग होम संचालक पहुंचे तो छोड़ दिए रुपए, बोले-बंधक बनाने की बात गलत

भागलपुर4 दिन पहले
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सबाैर पीएचसी से सोमवार रात मायागंज रेफर हुई सबौर महेशपुर की रिमझिम देवी काे एंबुलेंस वालाें ने घंटाघर के पास डाॅ. सरिता कुमारी के यहां रात 12 बजे भर्ती करा दिया। रात दाे बजे महिला ने बेटे को जन्म दिया तो महज 500 रुपए न देने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने मंगलवार को उसे दो घंटे तक बंधक बना लिया।

महिला, नवजात और दो परिजनों को कमरे में बंद कर कर्मियों ने बाहर से कुंडी लगा दी। कहा, पैसा जमा कराने पर ही जाने देंगे। प्रसूता समेत परिजन अंदर से दरवाजा पीटने लगे ताे आसपास के लाेग जमा हाे गए। इसके बाद कर्मियों ने दरवाजा खोला। फिर एक परिजन काे पैसा लाने जाने दिया।

रिश्तेदार के घर से पैसे लेकर वे पहुंचे। हालांकि इस बीच सेंटर संचालक डाॅ. धर्मेंद्र कुमार सूचना पाकर पहुंचे और 500 रुपए छोड़ा। तब परिजन व मरीज घर को निकले। डॉ. धर्मेंद्र ने कर्मियों को डांट भी लगाई। दोबारा ऐसी हरकत पर काम से हटाने की चेतावनी दी। मामले में सीएस डॉ. उमेश शर्मा का कहना है कि किस आधार पर एंबुलेंस ने निजी में भर्ती कराया, इसकी जांच होगी।

दुकान का पैसा बाकी था

  • बंधक बनाने की बात गलत है। 1000-500 के लिए कोई ऐसा नहीं कर सकता। दवा दुकान का कुछ पैसा बाकी था। वही मांग रहा था। परिजन नहीं दे रहे थे, इसलिए कहा होगा कि पैसा दें, फिर जाएं। - डाॅ. धर्मेंद्र कुमार, नर्सिंग हाेम संचालक

परिजनों से की धक्कामुक्की
रिमझिम देवी के परिजनों के पास 2500 रुपए ही थे। डॉ. सरिता कुमारी की क्लीनिक में नर्सों ने 8 हजार मांगे। दो हजार तुरंत जमा करने को कहा। परिजनों ने जैसे-तैसे 2600 जमा कर दिए। रात दाे बजे नवजात के जन्म के बाद पता देखा तो बच्चे के बांये हाथ में दो अंगुली ही है। इससे परिजन परेशान थे।

इसी बीच मंगलवार सुबह 11 बजे बाकी पैसे मांगे गए। परिजनाें ने पांच हजार और जमा कर दिया। बाकी 500 रुपए उनके पास नहीं थे। इस पर कर्मियों ने महिला के ससुर प्रकाश सिंह काे कमरे से निकाला और धक्कामुक्की करने लगे। बाद में सभी काे कमरे में बंद कर दिया।

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