PK का सीएम नीतीश को चैलेंज:प्रशांत किशोर बोले- एक साल में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दीजिए, अपका झंठा उठाऊंगा

भागलपुर5 महीने पहले
प्रशांत किशोर।

एक समय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी रहे प्रशांत किशोर, अब मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी करते नहीं चूकते। दिल्ली में मुख्यमंत्री ने प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए कहा..उनको कुछ मालूम है...बिहार के बारे में ABC भी पता है क्या...। अब इस पर प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री को करारा जवाब दिया है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि मुख्यमंत्री से सबसे ज्यादा महाज्ञानी है। बाकी सब बेवकूफ है। उन्होंने कहा कि हमे नही मालूम बिहार की ABC मुख्यमंत्री को ही A टू Z पता है। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री को चैलेंज कर दिया कि अगर वो एक साल में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे देंगे.. तो मैं ये सारा अभियान बंद कर उनका झंडा उठा लूंगा।

दरअसल, प्रशांत किशोर जन सुराज यात्रा को लेकर भागलपुर में मीडिया से जन संवाद करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने अपने आगे की अभियान के बारे में जानकारी साझा किया। लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में पूछा गया तो PK जमकर बरसने लगे। मुख्यमंत्री को प्रशांत किशोर ने ऐसे खड़ी खोटी सुनाई, जैसे मानों वो इस समय का इंतजार कर रहे थे।

नीतीश के विपक्षी नेताओं से मुलाकात का कोई बड़ा असर नहीं

पीके ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपक्षी एकता पर कहा कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री है। दिल्ली में जाने पर तमाम विपक्षी नेताओं से मिलना आम बात है। कोई भी मुख्यमंत्री अगर दिल्ली जाता है। तो वहां विपक्ष के नेताओं से या दूसरे मुख्यमंत्री से मिलता है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि नीतीश कुमार की बात सबलोग मान रहे है। या उनके मुलाकात से कोई बहुत बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि ये सब बनी बनाई बाते हैं कि नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करेंगे और विपक्ष इनका साथ दे रहा है। क्या सभी नेताओं मे एक मंच पर आकर ये कहा है कि हम नीतीश कुमार के साथ हैं।

जन सुराज के नेता PK नही,जुड़ने वाले लोग होंगे

प्रशांत किशोर ने जन सुराज के विचार को रेखांकित करते हुए बताया कि जन सुराज के माध्यम से वह लोगों के साथ संवाद स्थापित करना चाहते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा, उद्देश्य है बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाना। सत्ता परिवर्तन हमारा मकसद नहीं है। अगर पदयात्रा के बाद सब लोगों की सहमति से कोई दल बनता भी है तो वो बिहार के सभी सही लोगों का दल होगा, प्रशांत किशोर का दल नहीं होगा। सब मिलकर अगर तय करेंगे तो दल बनाया जाएगा। अगर दल बनता है तो प्रशांत किशोर उसके नेता नहीं होंगे। मैं अभी लोगों से बात करने, उनकी समस्याओं को समझने में अपना पूरा वक्त लगा रहा हूं।"

बिहार के हर गली-गांव, शहर-कस्बों के लोगों की सुनेंगे

प्रशांत किशोर ने कहा कि वह 2 अक्तूबर से पाश्चिम चंपारण के गांधी आश्रम से पदयात्रा शुरू करेंगे। इस पदयात्रा के माध्यम से वो बिहार के हर गली-गांव, शहर-कस्बों के लोगों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। उनसे समझेंगे कि कैसे बिहार को बेहतर बनाया जा सकता है। पदयात्रा में जब तक पूरा बिहार पैदल न चल लें तब तक वापस पटना नहीं जाएंगे, समाज में रहेंगे। समाज को समझने का प्रयास करेंगे। इसका एक ही मकसद है कि समाज को मथ कर सही लोगों को एक साथ एक मंच पर लाना। प्रशांत किशोर ने कहा कि पदयात्रा के बाद विकास के 10 सूचकांकों लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट जारी करेंगे और सभी समस्यायों का समाधान भी बताएंगे।