अब मोटिवेशनल गुरु प्रो. देबज्योति मुखर्जी बनेंगे मेयर:प्रो. मुखर्जी बोले - जीरो बजट थ्योरी पर लड़ूंगा चुनाव, धन और बाहुबल ने नगर सरकार को किया बर्बाद

भागलपुर7 महीने पहले
मेयर चुनाव को लेकर लोगों से संवाद करते प्रो. देबज्योति मुखर्जी।

लाइफस्किल ट्रेनर प्रो.देबज्योति मुखर्जी अब भागलपुर के मेयर बनेंगे। उन्होंने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। साथ ही वह इस नगर निकाय की चुनाव में जीरो बजट थ्योरी लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक सुचिता क्या अब सपना या हकीकत भी बन सकता है। आज देश की राजनीति एक बुरे दौर से गुजर रहा है। खास कर जब बिहार की बात हो तो स्थिति और भी गंभीर है। जात धर्म वर्ग समुदाय गुंडई तो था ही, अब इसमें जुड़ गया है पैसा। छोटे से छोटे इलेक्शन भी अब बड़ा पैसा का खेल माने जाने लगा है। एक मुखिया इलेक्शन में लोग लाखों रुपया खर्चा कर रहे हैं। पैसा मानो पानी की तरह बह रहा हो। आम आदमी को लगने लगा है की चुनाव लड़ना अब बमुश्किल ही नहीं असंभवपर सा हो गया है।

लाइफस्किल ट्रेनर प्रोफेसर डॉक्टर देबज्योति मुखर्जी के दो प्रयोग
प्रो.देबज्योति मुखर्जी ने कहा कि वह मेयर चुनाव को लेकर दो प्रयोग कर रहे हैं। लोक उम्मीदवारी तथा जीरो बजट। उन्होंने कहा कि किसी ना किसी को तो सामने आना होगा और एक आमूलचूल परिवर्तन लाने के लिए अगुआ बनना होगा। साथ ही आम जनमानस से गुहार लगा रहें हैं की मुंह खोलिए, अपनी बात रखिए और व्याप्त अराजकता को खत्म करने में खुद कारक बनिए।

क्या है लोक उम्मीदवारी और जीरो बजट

प्रो.मुखर्जी ने बताया कि लोक उम्मीदवारी का मतलब किसी भी चुनाव में आप स्वघोषित उम्मीदवार मत बनिए । लोग अगर चाह रहें हैं की उनका प्रतिनिधित्व आप करें तो आप एक लोक उम्मीदवार के रूप में चुना लड़े। इसके लिए सोशल मीडिया, सामाजिक गोष्ठी, सभा या परिचर्चा के माध्यम से भी लोक उम्मीदवार तय की जा सकती है। जीरो बजट माने इलेक्शन में कोई खर्चा नहीं होना नहीं, बल्कि पूरे चुनाव में प्रत्याशी का एक पैसा भी खर्च ना होना । जो खर्च हकीकत में हो वो लोग चंदा करके करें। प्रत्याशी अगर निजी पैसा खर्च कर इलेक्शन लड़ रहा है तो वो सेवा नहीं बल्कि व्यापार कर रहा है। इसलिए प्रत्याशी का बजट शून्य होगा।

कौन हैं प्रोफेसर देब ज्योति

प्रोफेसर देबज्योति एक्स एल आर आई, जमशेदपुर से उद्यमिता प्रबंधन कर ख्याति प्राप्त लाइफस्किल ट्रेनर , उद्यमिता प्रशिक्षक तथा युवा जागृतकर्ता हैं। देश विदेश के 95 संस्थानों के रिसोर्स पर्सन देबज्योति जिसमें इंडियन आर्मी, बिहार पुलिस अकादमी, यूनिवर्सिटी, बैंक आदि शामिल हैं। भारत सरकार उन्हें युवाओं के मार्गदर्शन के लिए जम्मू कश्मीर बुलाती हैं । उनके द्वारा हाल में आयोजित अखिल भारतीय युवा महोत्सव में लाखों युवाओं ने शिरकत किया था। जहां कोरोना द्वारा उत्पन्न नकारात्मकता से ऊपर उठने का गुड़ सिखाया गया था।