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याेजना:ऑनलाइन पढ़ाई के प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव राजभवन में अटका, छात्राें काे नुकसान

भागलपुर25 दिन पहले
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  • यूजीसी ने 60% ऑफलाइन व 40% ऑनलाइन पढ़ाई पर मांगा है सुझाव

टीएमबीयू में ऑनलाइन पढ़ाई के प्लेटफॉर्म स्वयं और स्वयंप्रभा पर पूर्व प्रभारी वीसी एलसी साहा के समय लगभग डेढ़ साल तक काम हुआ था। लेकिन यूजीसी में मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक) के तहत तैयार किए गए इन दोनों प्लेटफॉर्म से आज तक पढ़ाई नहीं हुई। इस कोर्स का फायदा तब यह बताया गया था कि इससे छात्र घर पर रहकर भी ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही अपने या दूसरे यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के क्लास भी कर सकेंगे। अब यूजीसी ने कहा है कि पूरे सिलेबस की 60% ऑफलाइन और 40% ऑनलाइन पढ़ाई होगी। यूजीसी ने इसके लिए छह जून तक सुझाव भी मांगा है।

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मूक कोर्स चल रहे होते तो ऑनलाइन पढ़ाई में आसानी होती
टीएमबीयू का कहना है कि मूक कोर्स चल रहे होते तो ऑनलाइन पढ़ाई में आसानी होती। लेकिन इस कोर्स का प्रस्ताव राजभवन में अटका हुआ है। फिर भी 40% ऑनलाइन पढ़ाई पर काम चल रहा है। जानकार लोगों ने बताया कि ऑनलाइन कोर्स को लेकर टीएमबीयू में लंबे समय से काम चल रहा है लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।

ऑनलाइन पढ़ाई का सिस्टम डेवेलप हो गया रहता तो कोरोना की दोनों लहरों में छात्रों को पढ़ाई का ज्यादा नुकसान नहीं होता।इस बारे में सीडीडीसी डॉ. केएम सिंह ने कहा कि मूक कोर्स से जुड़े स्वयं या स्वयंप्रभा प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव राजभवन से अब तक पास नहीं हुआ है। लेकिन यूजीसी के निर्देश के तहत 40% ऑनलाइन पढ़ाई पर काम चल रहा है जो पहले 25% था। चूंकि टीएमबीयू में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम पीजी में ही लागू है इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई के तहत 20 क्रेडिट प्वाइंट भी पीजी में ही लागू हो सकेगा।

शार्ट टर्म कोर्स एक साल से हैं बंद
टीएमबीयू की एकेडमिक कॉउंसिल ने 22 शर्ट टर्म कोर्स को भी अनुमति दी थी जो सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स थे। इनमें से कुछ कोर्स जनवरी 2020 तक चले। इसके बाद विश्वविद्यालय इन्हें भूल गया। इनमें टैली और जीएसटी कोर्स के भी प्रस्ताव थे जिन्हें अब शुरू करने के लिए फिर से प्रयास किया जा रहा है।

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