पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

महामारी में महापाप:रेमडेसिविर कालाबाजारी- 2 अस्पतालों की भूमिका संदिग्ध, 4 पर केस; 2 गिरफ्तार

भागलपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • दलाल आलम और ओम न्यूराे के कर्मचारी चंदन काे तलाश रही पुलिस
  • जांच जारी, और खुलेंगे राज, पूरे गिराेह में पल्स अस्पताल का मैनेजर ओम न्यूरो साइंस हॉस्पिटल के दाे कर्मचारी और एक दलाल शामिल

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी मामले में डीएम कोठी के पास स्थित पल्स अस्पताल के कर्मचारियाें के अलावा खंजरपुर के ओम न्यूरो साइंस हॉस्पिटल के कर्मियों की मिलीभगत का खुलासा हुआ है। इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर दयानंद प्रसाद ने पल्स अस्पताल के मैनेजर राहुल राज, ओम न्यूरो साइंस हॉस्पिटल के कर्मचारी पिंटू कुमार ठाकुर व चंदन कुमार और पल्स अस्पताल के दलाल बरहपुरा निवासी आलम के खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया है। राहुल राज इशाकचक बी टाेला और पिंटू ठाकुर बांका के भतकुंडी का रहने वाला है।

पुलिस ने राहुल और पिंटू को गुरुवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि दलाल आलम और चंदन कुमार की तलाश हो रही है। ड्रग इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले में पल्स अस्पताल और ओम न्यूरो साइंस हॉस्पिटल की भूमिका संदेहास्पद है। क्योंकि दोनों अस्पताल के स्टाफ इस कालाबाजारी में शामिल हैं। फर्जी तरीके से सरकार द्वारा अधिकृत मुकुल ट्रेडर्स में रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने आए पिंटू ठाकुर ने पूछताछ में बताया कि उसे अस्पताल के दलाल बरहपुरा निवासी आलम ने भेजा था। आलम के पास पल्स अस्पताल में भर्ती हुए मरीज नागेंद्र प्रसाद भगत का आधार कार्ड और इंजेक्शन के लिए अस्पताल का डिमांड लेटर था। भर्ती मरीज नागेंद्र की मौत के बाद उसके नाम पर रेमडेसिविर की खरीदारी कर उसे ऊंचे दामों में बेचने की तैयारी की जा रही थी, जिसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने पूरे गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया। आलम ने पिंटू से कहा था कि अगर इंजेक्शन खरीदने में किसी तरह की परेशानी हो तो उससे या पल्स अस्पताल के मैनेजर से बात कर लेना।

खबरें और भी हैं...