पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bhagalpur
  • Sadar Hospital Employee Gave Karena Positive Report With The Money, Disclosure Was Made In The Company's Verification

गड़बड़ी:पैसे लेकर सदर अस्पताल के कर्मचारी ने दे दी काेराेना पाॅजिटिव रिपाेर्ट, कंपनी के वैरिफिकेशन में हुआ खुलासा

भागलपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कोरोना का यही फर्जी रिपोर्ट सदर अस्पताल से जारी हुई है। - Dainik Bhaskar
कोरोना का यही फर्जी रिपोर्ट सदर अस्पताल से जारी हुई है।
  • फ्लू काॅर्नर के फाेर्थ ग्रेड के कर्मचारी ने ओपीडी पर्चे पर बना दी रिपाेर्ट, मामले की हाेगी जांच

सदर अस्पताल के फ्लू काॅर्नर से पैसे लेकर काेराेना पाॅजिटिव की फर्जी रिपाेर्ट देने का खुलासा हुआ है। एक प्राइवेट कंपनी ने शक हाेने पर जब सदर अस्पताल से जारी रिपाेर्ट के वैरिफिकेशन के लिए अपने तीन अधिकारियाें काे वहां भेजा ताे पूरे मामले का पता चला। फ्लू काॅर्नर में तैनात फाेर्थ ग्रेड कर्मचारी पुरुषाेत्तम झा ने हाथ से लिखकर पाॅजिटिव हाेने की रिपाेर्ट प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी काे दी थी। उस पर अस्पताल प्रभारी का हस्ताक्षर व मुहर है। चूंकि वह रिपाेर्ट निर्धारित फार्मेट में नहीं थी इसलिए कंपनी काे उस पर शक हुआ था।
सदर अस्पताल के प्रभारी डाॅ. एके मंडल ने बताया कि उनके हस्ताक्षर से फ्लू काॅर्नर के कर्मचारी पुरुषाेत्तम झा ने फर्जी तरीके से काेविड पाॅजिटिव की रिपाेर्ट बनाकर आदमपुर के एक निजी कंपनी के 42 साल के कर्मचारी ऋषि राज रंजन के नाम से दी है। साफ जाहिर है कि उसने पैसे लेकर यह रिपाेर्ट दी हाेगी। इस पूरे मामले की जांच हाेगी और दाेषियाें पर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रभारी का हस्ताक्षर कर मुहर भी लगा दी
जानकारी के अनुसार, निजी कंपनी ने कर्मचारी ने अस्पताल प्रभारी डाॅ. एके मंडल से दिखाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्चा कटाया था। इसमें कर्मचारी का तापमान 98.1 डिग्री लिखा गया। इसमें कर्मचारी पुरुषाेत्तम झा ने रिपाेर्ट पाॅजिटिव लिखकर 21 दिन का हाेम क्वारेंटाइन लिख दिया। इस पर अस्पताल प्रभारी का हस्ताक्षर कर मुहर भी लगा दी।

जबकि अभी काेविड हाेने पर डाॅक्टराें काे 10 दिन का हाेम क्वारेंटाइन लिखने का निर्देश है। इसके अलावा काेविड की जांच रिपाेर्ट भी ओपीडी के पर्चे पर नहीं लिखी जाती है। इसकी रिपाेर्ट का अलग फार्मेट है। जब कंपनी के तीन कर्मचारियाें ने अस्पताल पहुंचकर प्रभारी डाॅ. एके मंडल काे रिपाेर्ट दिखाई ताे वे चाैंक गए। अब अस्पताल प्रशासन काे आशंका है और लाेगाें काे ऐसी रिपाेर्ट दी गयी हाेगी।
गड़बड़ी का खुलासा हाेते ही कर्मचारी घर गया, बंद कर लिया माेबाइल: जब कर्मचारी पुरुषाेत्तम झा काे गड़बड़ी के खुलासे की जानकारी मिली ताे वह वह समय से पहले अस्पताल से घर चला गया और अपना माेबाइल बंद कर लिया। अस्पताल के कुछ कर्मचारियाें ने बताया कि पुरुषाेत्तम झा पर पहले भी गड़बड़ी करने के आराेप लगे हैं, लेकिन काेई प्रमाण नहीं मिलने की वजह से एक्शन नहीं लिया जा सका था। अस्पताल के एक सीनियर अधिकारी ने जब उससे पूछा कि ऐसा क्याें किया ताे वह संताेषजनक जबाव नहीं दे सका।
पूरे मामले की हाेगी जांच
फर्जी रिपाेर्ट देने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हाेगी। यह गंभीर मामला है। पूरे मामले की जांच कराएंगे। -डाॅ. विजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन

काेविड कंट्राेल सेंटर का नंबर चालू पर सूचना अपडेट नहीं

जिले के काेविड कंट्राेल सेंटर के टाेल फ्री नंबर बुधवार काे चालू ताे हुए पर वहां जानकारी के नाम पर कुछ भी अपडेट नहीं है। बुधवार काे शाम साढ़े चार बजे काॅल करने पर दूसरी ओर से एक कर्मचारी ने काॅल उठाया और कहा कि काेविड कंट्राेल सेंटर से बाेल रहे हैं पर जब उनसे पूछा गया कि जिले में कितने काेराेना के मरीज मिले हैं ताे कहा कि इसकी जानकारी नहीं है।

जब उनसे पूछा गया कि अब तक जिले में काेराेना से कितने मरीज हाेम आइसाेलेशन में रहते हुए स्वस्थ्य हाे चुके हैं ताे बताया कि अभी नेट सही से काम नहीं कर रहा है। कुल मिलाकर कंट्राेल रूम अब केवल नाममात्र का है। साेमवार काे जब स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने कंट्राेल रूम में फाेन किया था ताे एक कर्मचारी ने फाेन किया था। प्रधान सचिव ने जब उसे अपना परिचय दिया ताे यह कहते हुए फाेन काट दिया था कि वह किसी प्रधान सचिव काे नहीं जानता है।

खबरें और भी हैं...