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  • Superintendent's Reply On Notice I Act Like A Mother, All The Allegations Are Wrong, The Girl Students Said Nahida Nasreen Since The Hostel Did Not Come, There Was No Problem

भागलपुर अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल मामला:नाेटिस पर अधीक्षक का जवाब- मैं तो मां की तरह पेश आती हूं, सभी आराेप गलत, छात्राओं ने कहा- नाहिदा नसरीन जबसे हॉस्टल नहीं आई, नहीं हुई कोई परेशानी

भागलपुर5 दिन पहले
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डीएसडब्ल्यू से मिलने पहुंची छात्राएं। - Dainik Bhaskar
डीएसडब्ल्यू से मिलने पहुंची छात्राएं।
  • बवाल बढ़ने के बाद डीएसडब्ल्यू ने अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल की अधीक्षक को किया था शोकॉज, छात्राएं अब भी अधीक्षक काे हटाने पर अड़ी

बीएन काॅलेज के पास स्थित अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं काे हमेशा बुर्के में रहने और ट्राउजर नहीं पहनने का तालिबानी फरमान जारी करने के आराेप पर अधीक्षक नाहिदा नसरीन ने खुद काे बेदाग बताया है। उन्हाेंने टीएमबीयू के डीएसडब्ल्यू डाॅ. रामप्रवेश सिंह की ओर से किए गए शाेकाॅज का जवाब मंगलवार काे दिया जिसमें कहा कि छात्राओं ने उन पर जितने भी आराेप लगाए हैं, गलत हैं।

उन्हाेंने कभी भी छात्राओं पर किसी चीज के लिए दबाव नहीं बनाया है। उनके साथ मां की तरह पेश आती हूं। बस नियमाें का पालन करने के लिए कहती हूं। डीएसडब्ल्यू ने उनके लिखित जवाब काे संचिका में शामिल करने का निर्देश दिया। हॉस्टल संचालन समिति की बैठक में इसे भी रखा जाएगा।

छात्राओं ने कहा- नाहिदा नसरीन जबसे हॉस्टल नहीं आई, नहीं हुई कोई परेशानी

किसी और काे अधीक्षक बनाने की मांग
छात्राएं भी टीएमबीयू प्रशासनिक भवन पहुंच गईं। वे भी डीएसडब्ल्यू से मिलीं और अधीक्षक काे हटाने की मांग की। छात्राओं ने डीएसडब्ल्यू से कहा कि उन्हें अधीक्षक के रूप में नाहिदा नसरीन नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि जब से अधीक्षक हॉस्टल नहीं आई हैं, तब से उनलाेगाें काे काेई परेशानी नहीं हाे रही है।

जब छात्राएं डीएसडब्ल्यू से मिल रही थीं, अधीक्षक उनके चेंबर के बगल वाले कार्यालय में बैठी थीं। लेकिन छात्राओं के निकलने से पहले वह अपना शाेकाॅज सहायक काे देकर चलीं गईं।

अधीक्षक ने दी गलत जानकारी
डीएसडब्ल्यू ने कहा कि एक छात्रा के हॉस्टल में रहने काे लेकर अधीक्षक यह भी कहती रही हैं कि उसका घर हॉस्टल से तीन किमी की दूरी पर है जबकि नियमत: 10 किमी के दायरे के बाहर की छात्रा काे ही हॉस्टल में रखना है।

लेकिन उन्हाेंने जब अधीक्षक से पूछा कि इस नियम के उलट छात्रा काे हॉस्टल में दाखिला कैसे दिया गया ताे अधीक्षक काेई जवाब नहीं दे पाईं। सूत्राें ने बताया कि अल्पसंख्यक हॉस्टल से जुड़ी समस्या दूर नहीं हुई ताे विवि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग या मंत्रालय के स्तर पर बात करेगा।

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