• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bhagalpur
  • Thara Bhai Joginder In The Online Class Of Private Schools, Now Guarded Teachers Are Being Deployed In The Class To Drive Them Away

अजब-गजब:निजी स्कूलों की ऑनलाइन कक्षा में थारा भाई जोगिंदर, इन्हें भगाने के लिए अब क्लास में तैनात हाे रहे हैं पहरेदार शिक्षक

भागलपुर4 महीने पहलेलेखक: अभिषेक
  • कॉपी लिंक
यूट्यूबर के नाम का आईडी देख दूसरे छात्रों का भटकता है ध्यान। - Dainik Bhaskar
यूट्यूबर के नाम का आईडी देख दूसरे छात्रों का भटकता है ध्यान।

जिले के निजी स्कूलों में कई यूट्यूबर पढ़ाई कर रहे हैं। कहीं थारा भाई जोगिंदर तो कहीं कृष के रोहित, बैकबेंचर और कैरी मिनाटी। दरअसल ऑनलाइन चल रही कक्षा में कई स्कूलों के छात्र इन्हीं नाम के आईडी से शामिल हो रहे हैं। कुछ के आईडी तो अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर वाई ए वाई (येय) और डब्लू ओ डब्लू (वाओ) जैसे भी हैं। जूम, मीट, डुओ जैसे प्लेटफॉर्म पर एक साथ छात्रों को प्रवेश देने में अक्सर शिक्षक नहीं जान पाते कि आईडी किसका है। जब हाजिरी ली जाती है तब पता चलता है।
बाहरी भी कक्षा से जुड़ रहे, करते हैं भद्दे कमेंट

अब निगरानी के लिए भी शिक्षक एक स्कूल के शिक्षक ने बताया कि इस तरह के आईडी से शामिल हो रहे लोग पढ़ाई से इतर कमेंट भी करते हैं। ऐसे में हाजिरी सही ढंग से बनाने में ही कक्षा का समय बीत जाता है। ऑनलाइन पढ़ाई के साथ कुछ और भी समस्याएं सामने आ रही हैं।

एक बड़े निजी स्कूल के छात्र ने बताया कि हफ्ते में दो से तीन दिन यह समस्या हो ही जाती है। यूट्यूबर के नाम का आईडी देख व सुनकर दूसरे छात्रों का ध्यान भी भटकता है। एक निजी स्कूल की वरीय शिक्षक ने कहा कि दूसरे आईडी से प्रायः छात्र ही जुड़ते हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसे आईडी से बाहरी लोग भी जुड़ जाते हैं जो भद्दे कमेंट भी करते हैं। हालांकि ऐसे आईडी को तब बाहर कर दिया जाता है।

अब निगरानी के लिए भी शिक्षक

एसकेपी विद्या विहार के मणिकांत विक्रम ने कहा कि इस तरह की परेशानी से बचने के लिए उनके यहां दो शिक्षक एक कक्षा में लगाए जाते हैं। इनमें से एक शिक्षक पढ़ाते हैं और दूसरे शिक्षक यह निगरानी करते हैं कि जिन बच्चों की सूची है वही शामिल हों। बाहरी लोग प्रवेश नहीं कर सकें।

आनंद राम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर के प्राचार्य अनंत कुमार सिन्हा ने कहा कि नाम और आईडी देख कर ही कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। इससे गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हुई है। एक आईसीएसई स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि इस बार ऐसे बच्चों को तुरंत ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया जाता है।

आवाज ठीक से न आने व ब्लैक बोर्ड न दिखने की भी है समस्या
आईसीएसई बोर्ड के एक स्कूल के छात्रों ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई में समय काफी खर्च होता है और पढ़ाई कम हो पाती है। टीचर एक ही पीरियड में सभी छात्रों की हाजिरी लेते हैं। किसी सेक्शन में 55 या 60 छात्र हैं तो उन सभी की हाजिरी लेने में ही वह पीरियड ही खत्म हो जाता है।

कई बार इंटरनेट का प्रॉब्लम हो जाता है। शिक्षक ने क्या कहा, सुनाई नहीं पड़ता है। कभी-कभी हाजिरी भी छूट जाती है। बोर्ड भी नहीं दिखता है। ऐसी परेशानियों को लेकर स्कूलों के प्राचार्य ने अलग-अलग व्यवस्था बनाई है।

खबरें और भी हैं...