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  • The ENT Department Of The Medical College Hospital Laid, The Head Of The Same Unit, Dr. Dharmendra Kumar Did The Operation Of The Child In His Clinic By Taking 30 Thousand Rupees

काेराेना प्राॅटाेकाल के तहत ऑपरेशन:मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ईएनटी विभाग ने लाैटाया, उसी यूनिट के हेड डाॅ. धर्मेंद्र कुमार ने 30 हजार रुपए लेकर अपने क्लीनिक में किया बच्चे का ऑपरेशन

भागलपुर19 दिन पहले
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  • सबाैर के सात साल के बच्चे ने निगल लिया था 10 रुपए का सिक्का, एंटीजन जांच में निकला पाॅजिटिव ताे आरटीपीसीआर जांच के नाम पर ईएनटी विभाग ने नहीं की सर्जरी

मेडिकल काॅलेज अस्पताल में बुधवार काे दाेपहर में आरटीपीसीआर जांच के नाम पर ईएनटी विभाग के डाॅक्टर ने सबाैर के सात साल के बच्चे मयंक राज के पेट से निगला हुआ सिक्का निकालने से मना कर दिया, जबकि उसी यूनिट के हेड डाॅ. धर्मेंद्र कुमार ने शाम में अपने निजी क्लीनिक में 30 हजार रुपए लेकर आपरेशन किया और सिक्का निकाल दिया।

सबौर के मिर्जापुर के अभिषेक कुमार का सात साल के बेटे मयंक राज ने मंगलवार की शाम 10 रुपये का सिक्का निगल लिया था। बुधवार की सुबह 10 बजे परिजनाें ने उसे इमरजेंसी में ईएनटी विभाग के डाॅ. धर्मेंद्र कुमार के यूनिट में भर्ती कराया। वहां एंटीजन जांच में बच्चा काेराेना पाॅजिटिव निकल गया ताे उसे इलाज के लिए उसे मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया।

लेकिन परिजन उसे ईएनटी के आपरेशन थियेटर के पास ले गए, ताकि उसके पेट से सिक्का निकाल दिया जाए। बच्चे के दादा योगेंद्र ने डाॅक्टर से यह भी कहा कि वह इसी अस्पताल से रिटायर हुए हैं, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और आरटीपीसीआर रिपाेर्ट आने का इंतजार करने के नाम पर उसे लाैटा दिया। उसे कहा गया किआरटीपीसीआर जांच के बाद काेराेना प्राॅटाेकाल के तहत आपरेशन हाेगा।

पहले कहा-एक दिन बाद बच्चे काे बुलाया था, बाद में बाेले-उसके भर्ती हाेने की नहीं है जानकारी

ईएनटी के डाॅ. धर्मेंद्र कुमार ने अपराह्न तीन बजे बताया कि भाेजन की नली में पांच दिन से ज्यादा तक सिक्का रहने से खतरा हाे सकता है। लेकिन इस बच्चे का केस ताजा है। काेराेना पाॅजिटिव हाेने की वजह से उसका पूरा प्राेटाेकाॅल फाॅलाे करना हाेगा, तभी डाॅक्टर एनेस्थिसिया का डाेज दे पाएंगे। इसलिए उसे एक दिन बाद बुलाया है। उसे लाैटाया नहीं है।

लेकिन जब शाम में निजी अस्पताल में आपरेशन करने का खुलासा हुआ ताे उन्हाेंने कहा कि जब बच्चे काे मायागंज अस्पताल लाया गया था ताे वह आपरेशन थियेटर में थे। बच्चे काे भर्ती करने की जानकारी उन्हें नहीं थी। शाम में निजी क्लीनिक में परिजनाें ने माेबाइल पर काेराेना निगेटिव की रिपाेर्ट दिखाई। इस आधार पर आपरेशन कर सिक्का निकाल दिया।

विभाग में आज डाॅक्टर से करेंगे इस मामले में पूछताछ
इस मामले की जानकारी नहीं है। मरीज ने शिकायत नहीं की है। गुरुवार काे विभाग में डाॅक्टर से पूछताछ करेंगे कि सरकारी अस्पताल अाने के बाद बच्चे काे क्याें लाैटाया गया अाैर निजी क्लीनिक में कैसे उसका आपरेशन कर दिया गया।
डाॅ. एसपी सिंह, एचओडी, ईएनटी

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