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काेराेनाकाल में चुनाव:अफसराें काे वाेटिंग फीसदी मेंटेन करने ताे नेताओं काे सभा में भीड़ जुटाने की चिंता

भागलपुर11 दिन पहले
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  • प्रशासन व नेताओं को विधानसभा चुनाव में कई चुनाैतियाें से गुजरना हाेगा
  • बाढ़ व काेराेना को आयाेग ने दाे चरण में चुनाव कराने का किया है निर्णय

(रूप कुमार) काेराेनाकाल में विधानसभा चुनाव हाेने से जिला प्रशासन और राजनीतिक दलाें के लिए चुनाैतियां बढ़ गई हैं। प्रशासन काे वाेटिंग प्रतिशत बढ़ाने या पिछले चुनाव के प्रतिशत काे मेंटेन करने की चुनाैती है। प्रशासन काे सबसे अधिक चिंता शहरी वाेटराें काे लेकर है। पिछले विस चुनाव में जिले में सबसे कम भागलपुर विस क्षेत्र में वाेटिंग हुई थी। वहीं राजनीतिक दलाें काे चुनावी सभा में भीड़ जुटाने की चिंता सता रही है।

निर्वाचन आयाेग ने चुनावी सभा के लिए जिले में 68 मैदानाें काे चिह्नित किया है। वहां की क्षमता भी तय कर दी गई है। ऐसे में नेताओं काे चिंता सता रही है कि कहीं लाखाें रुपए खर्च कर सभा का आयाेजन किया जाए और काेराेना की वजह से लाेग ही न जुटे।

हालांकि काेराेना व बाढ़ की समस्या काे देखते हुए निर्वाचन आयाेग ने भागलपुर जिले में दाे चरण में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 28 अक्टूबर काे कहलगांव व सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में वाेटिंग हाेगी। जबकि दूसरे चरण में तीन नवंबर काे भागलपुर, गाेपालपुर, बिहपुर, पीरपैंती व नाथनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदान हाेगा।

प्रशासन काे इन 5 चुनाैतियाें से होगा गुजरना
1. वाेटिंग प्रतिशत बढ़ाना या मेंटेन करना चुनाैती है। जिले में 2015 में हुए विस चुनाव में ओवरऑल 54.58 फीसद वाेटिंग हुई थी।
तैयारी : प्रशासन हर विधानसभा में दाे-दाे जागरूकता रथ घूमकर वाेटराें काे जागरूक किया जा रहा है।
2. वाेटिंग के दिन अगर वाेटर बूथ पर आते हैं, ताे वहां भीड़ लगेगी। इससे काेराेना वायरस के संक्रमण के फैलने का खतरा बना रहेगा।
तैयारी: हर बूथ पर दाे गज की दूरी पर गाेला बनेगा। बाएं हाथ में पहनने के लिए ग्लब्स मिलेगा। थर्मल स्क्रीनिंग हाेगी।
3. करीब 26 हजार कर्मी चुनाव कराएंगे। ट्रेनिंग, चुनाव में जब उनका मूवमेंट हाेगा ताे संक्रमण फैलने का भी खतरा हाेगा।
तैयारी: ट्रेनिंग में काेविड-19 से बचाव का भी पाठ पढ़ाया जा रहा है।
4. 3195 पीठासीन अफसराें में उम्रदराज भी शामिल हैं, जिन्हें स्मार्ट फाेन चलाना नहीं आता है। जानकारी एप पर देनी हाेगी।
तैयारी: उम्रदराज पीठासीन पदाधिकारियाें काे स्मार्ट फाेन चलाने काे ट्रेनिंग मिलेगी। बूथ एप के बारे में आसान भाषा में समझाया जाएगा।
5. मतगणना के दाैरान काउंटिंग हाॅल पर भीड़ लगेगी, इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। ऐसे में बेहतर प्रबंधन जरूरी है।
तैयारी : इस बार दाे स्थानाें पाॅलिटेक्निक काॅलेज और महिला आईटीआई काे भी काउंटिंग हाॅल बनाया गया है।

नेताओं काे इन चुनाैतियाें का करना होगा सामना
1. राजनीतिक दलाें के लिए बूथ पर अपने वाेटराें काे घर से निकाल कर वाेट गिराने ले जाने की चुनाैती हाेगी।
तैयारी: राजनीतिक दल साेशल मीडिया के जरिए वाेटराें से अधिक से अधिक जुड़ने की कसरत कर रहे हैं।
2. जिले में चिह्नित 68 मैदानाें की क्षमता तय है। सभा में साेशल डिस्टेसिंग का पालन कराने की जिम्मेवारी राजनीतिक दलाें की है।
तैयारी: चुनावी सभा में काेराेना से बचाव की भी अपील करेंगे। साथ ही वर्चुअल रैली पर इस बार ज्यादा फाेकस कर रहे हैं।
3. चुनावी सभा में लाखाें रुपए खर्च हाेते हैं राजनीतिक दलाें के लिए चुनाैती हाेगी कि कैसे ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटे।
तैयारी: राजनीतिक दल इस बार कम खर्च में आयाेजन और ज्यादा लाेगाें सभा में शामिल करने की तैयारी है।
4. नामांकन से चुनावी सभा तक के लिए परमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन हाेगी। कई एप भी लांच किए गए हैं।
तैयारी: विभिन्न राजनीतिक दल की ओर से आईटी एक्सपर्ट वर्कराें की टीम बनाई जा रही है।
5. डाेर टू डाेर कैंपेन में पांच से अधिक लाेग नहीं घूम पाएंगे। राेड शाे में पांच ही वाहन तीस मिनट के अंतराल में मूव कर सकेंगे।
तैयारी: राजनीतिक दल डाेर टू डाेर कैंपेन और राेड शाे कम करेंगे।

हर बूथ पर वाेटराें की तीन अलग-अलग लाइन बनेगी
^हर बूथ काे वाेटिंग के दिन व वाेटिंग के एक दिन पहले सेनिटाइज कराया जाएगा। बूथ पर मतदाताओं की तीन कतार रहेगी। चुनाव की हर प्रक्रिया में काेविड-19 की गाइड लाइन का पालन हाेगा।
-प्रणव कुमार, डीएम

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