पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भागलपुर:2-3 माह में एकमुश्त भुगतान तो कभी 6 माह तक लटक जाता है वेतन

भागलपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • राज्यभर के विश्वविद्यालयों में कई बार बदला सिस्टम पर ढर्रा वही रहा
  • बार-बार बदला पेमेंट सिस्टम लेकिन हर महीने वेतन का भुगतान नहीं हुआ

राज्य के विश्वविद्यालयाें में वेतन भुगतान का सिस्टम पूरी तरह अब भी ठीक नहीं हाे सका है। सिस्टम बार-बार बदला गया तब भी कभी तीन ताे कभी दाे महीने पर भुगतान हाे रहा है। अभी ही नियमित शिक्षकों और कर्मचारियाें काे अगस्त तथा सितंबर का वेतन नहीं मिला है। यह हालत राज्यभर के विश्वविद्यालयाें की है। गेस्ट फैकल्टी का अलग ही मामला है। इन्हें ताे जून से ही मानदेय नहीं मिला है।

सरकार का सिस्टम अभी तक तय नहीं कर पाया है कि भुगतान कब करना है। कभी हर दाे या तीन महीने पर इतने महीने का एकमुश्त पेमेंट हाेता है। एक-दाे बार छह महीने का पेमेंट एकसाथ कर दिया गया था। लेकिन हर महीने राशि आवंटित हाे और हर महीने भुगतान हाे यह सिस्टम अब तक पटरी पर नहीं आया है।

पहले चेक, अब सीएफएमएस से भुगतान
वेतन भुगतान पहले चेक से हाेता था। सरकार विश्वविद्यालय के खाते में राशि भेजती थी। विश्वविद्यालय चेक बनाकर काॅलेजाें काे भेजता था तब भुगतान हाेता था। लेकिन अप्रैल 2018 से ट्रेजरी से भुगतान हाेने लगा। इसमें सीएफएमएस कांप्रिहेंसिव फाइनांशियल मैनेजमेंट सिस्टम से भुगतान हाेता है। विश्वविद्यालय प्रशासनिक इकाई से लेकर काॅलेज तक का एडवाइस एकबार बनाता है।
पहले लोन लेकर हर माह मिलता था वेतन
जानकार बताते हैं कि पूर्व वीसी राम आश्रय यादव के समय हर महीने की पहली तारीख काे भुगतान हाेता था। सरकार से राशि मिलने में देरी पर विश्वविद्यालय बैंक से लाेन लेता था जिसे बाद में सामंजित कर लिया जाता था। हालांकि भुस्टा के अध्यक्ष डाॅ. डीएन राय ने कहा कि बजट बनने में देरी हाेने से भी भुगतान अटकता है।
देरी पर आंतरिक स्राेत ही होता है सहारा
कई बार वेतन का आंतरिक स्राेत से भुगतान किया जाता रहा है। भुस्टा के साथ कर्मचारी संघ के सचिव रंजीत कुमार और गेस्ट फैकल्टी संघ के अध्यक्ष डाॅ. आनंद आजाद ने टीएमबीयू से आतंरिक स्राेत से भुगतान की मांग की है। प्रभारी वीसी डाॅ. एके सिंह ने कहा है कि इसके लिए सरकार काे पत्र दिया गया है। अनुमति मिलेगी ताे भुगतान किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...