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सैफ हत्याकांड:15 मिनट पहले सैफ के घर गए थे बदमाश, तब पिता ने लौटाया, दोबारा आए और मारी गोली

भागलपुर20 दिन पहले
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जानकारी देते सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात और सिटी एएसपी पूरन झा। - Dainik Bhaskar
जानकारी देते सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात और सिटी एएसपी पूरन झा।
  • गिरफ्तार आरोपी मो. पिंटू को भेजा गया जेल, फरार 2 की तलाश, छिनतई में पहले जेल भी जा चुका था मो. सैफ, स्मैक को लेकर पैसे के लेन-देन का था विवाद

तातारपुर के हकीम अमीर हसन लेन निवासी टीएमबीयू पीजी (बॉटनी) के रिटायर प्रोफेसर डॉ. शहाब अहमद के पुत्र मो. सैफ शहाब की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी मो. पिंटू (मोअज्जमचक) को पुलिस ने कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पिंटू ने पूछताछ में तातारपुर पुलिस को कई अहम जानकारी दी है। वारदात में पिंटू के अलावा कुख्यात अपराधी आफताब (मोअज्जमचक) और शाहरूख (गनीचक) की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। उक्त तीनों सैफ के दोस्त थे और सभी का उसके घर पर भी आना-जाना था।

अपराधी आफताब की संगति में आकर सैफ भी गलत कार्यो में शामिल हो गया था। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि सैफ और आफताब के बीच स्मैक (नशीला पदार्थ) को लेकर पैसे का लेन-देन होता था। सैफ नशे का आदी था और वह अपनी तलब मिटाने के लिए आफताब से स्मैक लेता था।

पैसे के लेन-देन में ही आफताब से विवाद होने पर सैफ की हत्या की गई है। मामले में फरार आफताब और शाहरूख की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। सैफ पूर्व में छिनतई के मामले में जेल भी जा चुका था।

तातारपुर के हकीम अमिर हसन लेन में 24 घंटे के भीतर 2 युवकों की हत्या के बाद मोहल्ले में पुलिस बलों की तैनाती गई है। दोनों ही हत्याओं के पीछे की वजह नशा है। सैफ नशे का आदी था, जबकि औरंगजेब नशीले पदार्थों का धंधा करता था। जिला दंगा निरोधी बल के जवानों की तैनाती दोनों मृतक के घर के आसपास किया गया है।

पिता ने सैफ के घर से निकलने पर लगा दी थी पाबंदी
नशे के आदी सैफ की सारे हरकतों की जानकारी उसके माता-पिता समेत अन्य घरवालों को भी हो गई थी। इस कारण रिटायर प्रोफेसर (मृतक के पिता) डॉ. शहाब अहमद ने बेटे के घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी थी, ताकि किसी तरह सैफ सुधर जाए और गलत लड़कों की संगति से बचा रहे। लेकिन आफताब के कॉल के कारण सैफ घर से बाहर निकला और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पहले दिन मृतक के पिता ने पुलिस से छिपा ली थी सच्चाई
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि वारदात से करीब 15-20 मिनट पहले आफताब और उसके दोस्त शाहरूख व पिंटू 3 सितंबर की शाम करीब 7.30 बजे सैफ को खोजते हुए उसके घर गए थे। तब रिटायर प्रोफेसर डॉ. शहाब अहमद ने दरवाजा खोला था। आफताब ने डॉ. शहाब अहमद से पूछा था कि सैफ कहां है। इस पर पिता ने सैफ के घर में नहीं होने की बात बताई थी। यह सुनकर तीनों चले गए थे। पहले दिन मृतक के पिता ने पुलिस से उक्त सारी बातें छिपा ली थी और अज्ञात पर केस दर्ज करा दिया था। लेकिन जब दोबारा पुलिस ने मृतक के पिता का बयान लिया तो सारी बातों का खुलासा हो गया।

मो. पिंटू।
मो. पिंटू।

सैफ को खोजते हुए जब्बारचक स्कूल भी गए थे बदमाश
उसके बाद तीनों एक ही बाइक से जब्बारचक मिडिल स्कूल पहुंचे और वहां भी सैफ की तलाश की। लेकिन सैफ नहीं मिला। इस दौरान सैफ का दोस्त मो. विक्की उर्फ शाद अंसारी तीनों को वहां दिख गया। आफताब ने विक्की से सैफ के बारे में पूछा।

आफताब के बोलने के तरीके से विक्की को उसी समय भनक लग गई थी कि मामला कुछ गड़बड़ है। इस कारण उसने तुरंत सैफ के मोबाइल पर मैसेज कर दिया था कि घर से बाहर नहीं निकलना। लेकिन संयोग से सैफ मैसेज नहीं देखा पाया था।

जब्बारचक मीडिया स्कूल से आफताब समेत तीनों पुन: सैफ के घर पहुंच गए। इस समय शाम 7.45 बज रहे थे। आफताब ने मोबाइल से सैफ को फोन किया और घर के बाहर बुलाया। सैफ घर से बाहर निकलकर दरवाजे पर आफताब से बातचीत करने लगे।

इसी बीच आफताब ने पिस्टल निकाल सैफ को सिर में गोली मार दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर आफताब और अपने साथियों के साथ बाइक से भाग निकला। बाइक पिंटू चला रहा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

विक्की में दौड़ते हुए सैफ के घर पहुंचा तो देखा कि आफताब और उसके साथ सैफ पर गोली चला रहे हैं। यह देख विक्की काफी डर गया और वहां से भाग निकला। बाद में उसने पुलिस को सारी बातों की जानकारी दी, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान और एक की गिरफ्तारी हुई।

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