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बिगड़ा जायका:एक माह में 20 से 25 रुपए की मसूर दाल में आई है तेजी, नई फसल आने के बाद कम होंगी दरें; सरसों तेल और चीनी में भी तेजी, मार्च सेे पहले राहत की उम्मीद नहीं

भागलपुर2 महीने पहलेलेखक: संजय कुमार
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चना और अरहर दाल एक माह में बढ़ा 3 से 5 रुपए प्रति किलो मसूर दाल अब 100 रुपए किलो, यह अब तक का उच्चतम स्तर। - Dainik Bhaskar
चना और अरहर दाल एक माह में बढ़ा 3 से 5 रुपए प्रति किलो मसूर दाल अब 100 रुपए किलो, यह अब तक का उच्चतम स्तर।

दलहन की तेजी में इस बार मसूर दाल नंबर 1 पर है। खुदरा में यह 100 रुपए किलो बिक रही है। यह अब तक का उच्चतम स्तर है। अपने कम कीमत से मसूर सामान्य वर्गों की थाली की शोभा बढ़ाती रही है, लेकिन अब थाली में यह भी कम दिख रही है। अरहर, मूंग, उड़द, चना दाल की कीमत में 3-5 रुपए किलो तक बढ़त हुई।

थोक विक्रेता व खाद्यान व्यवसायी संघ के उपाध्यक्ष अभिषेक जैन ने बताया, मसूर की कीमत में कमी हाेली के बाद ही संभव है। तब तक नई फसल आ जाएगी। दलहन के साथ चीनी व सरसों तेल में तेजी बनी है। एक माह में सरसों तेल 10 रुपए प्रति लीटर तक उछला। यह 200 रुपए लीटर मिल रहा है। खुदरा बाजार में चीनी 4 रुपए तक चढ़ा है। खाद्य व्यापारी व चेंबर सदस्य अशोक कुमार जैन ने बताया कि तेल व चीनी की कीमत में अभी तेजी रहेगी।

दलहन में तेजी की ये 3 बड़ी वजह
1. इम्पोर्ट ड्यूटी 20% रहने से बढ़ी मसूर दाल की कीमत। विदेशी महंगी हो गई है।
2. बारिश ज्यादा होने से एमपी व बिहार में मसूर की पैदावार औसत से कम हुआ।
3. डीजल की कीमतें बढ़ी तो खेत से फैक्ट्री व वहां से भागलपुर लाने का खर्च बढ़ा।
(जैसा अभिषेक जैन ने बताया)

तेल व चीनी की बढ़ी कीमत की ये 3 बड़ी वजह
1. गन्ना मूल्य में वृद्धि होने से चीनी की कीमत फैक्ट्री ने बढ़ा दी है।
2. डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टेशन व उत्पादन खर्च बढ़ा है।
3. कश्मीर मुद्दे पर तनातनी से पाकिस्तान की चीनी इंडिया नहीं आ रही है।
(जैसा अशोक जैन ने बताया)

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