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इलाज करने में डॉक्टरों को होगी आसानी:महज एक एक्स-रे से ट्रिपल आईटी का सॉफ्टवेयर ढूंढ लेगा 15 तरह की बीमारियां; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है सॉफ्टवेयर, पटना एम्स के विशेषज्ञ ने भी तकनीक पर लगाई मुहर

भागलपुर2 महीने पहलेलेखक: लोमस झा
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ट्रिपल आईटी। - Dainik Bhaskar
ट्रिपल आईटी।

ट्रिपल आईटी भागलपुर अब 15 तरह की गंभीर बीमारियों काे अपनी नई तकनीक से ढूंढने जा रहा है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्निक) से संस्थान का विशेष सॉफ्टवेयर बीमाारियों की पहचान कर लेगा। महज एक्स-रे की मदद से कैंसर, हार्निया, निमोनिया, फाइब्रोसिस जैसी बीमारियां डायग्नोस होंगी।

इसके बाद डॉक्टर समय रहते उक्त बीमारियों का इलाज कर मरीजों की जान बचा सकेंगे। ट्रिपल आईटी की इस तकनीक से मेडिकल साइंस को बड़ी मदद मिलेगी। ट्रिपल आईटी के इस नई तकनीक पर एम्स पटना के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के एचओडी डॉ. प्रेम कुमार ने भी मुहर लगाई।

उन्होंने कहा, यह नया सिस्टम काफी उपयोगी है। इससे बीमारी के पैटर्न को ढूंढा जाता है। जिस बीमारी का कई बार पता नहीं चल पाता, उसे एक्स-रे और एआई टेक्नोलॉजी ढूंढ लेती है। ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर प्रो.अरविंद चौबे ने बताया, यह टेक्नोलॉजी उक्त बीमारियों को शुरुआती दिनों में ही ढूंढने में सक्षम होगी।

मरीज को समय रहते इलाज मिलेगा और सरकार को भी जांच पर कम खर्च करना होगा। बताते हैं, उक्त बीमारियों की जांच के लिए सरकार मोटी रकम खर्च करती है। डायरेक्टर प्रो. अरविंद चौबे का दावा है कि आने वाले समय में इस टेक्नोलॉजी से ट्रिपल आईटी मेडिकल के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करेगा। फिलहाल उक्त बीमारियों को ढूंढने के लिए टेस्टिंग हो रही है। जल्द ही आईसीएमआर को इसे स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

पकड़ में आएंगी ये बीमारियां
एडिमा, वातस्फीति, कार्डियोमेगाली, फुफ्फुस-मोटा होना (फेफड़ों का कैंसर), संक्रमण, न्यूमोथोरैक्स, मांसपेशियां, नोड्यूल, एटेलेक्टैसिस, इफ्यूजन, मानव शरीर के सेल के कैंसर और सामान्य बीमारी को आसानी से खोज निकालेगा।

ऐसे करेगा काम
इस प्रणाली में एक्स-रे और एआई मेथर्ड से बीमारी के पैटर्न को ढूंढेगा। इसके लिए कम्प्यूटर में कई तरह के बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद मेडिकल सॉफ्टवेयर को अपग्रेड कर कंम्प्यूटर में बीमारियों का डाटा फीड किया जाएगा। इसमें पहले से स्टोर डाटा से एक्स-रे से लिए गए डाटा को एआई डाटा से मैच करेगा। इसके बाद परिणाम आएगा।

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