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कंट्रीब्यूशन:नए शिक्षकों के एनपीएस में विवि का कंट्रीब्यूशन तीन साल से शून्य

भागलपुरएक महीने पहले
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  • सिस्टम हुआ इंस्टाॅल, प्रान के लिए कुछ शिक्षकाें काे भेजा गया ओटीप

टीएमबीयू में बहाल नए असिस्टेंट प्राेफेसर ज्वाइनिंग में देरी और प्राेबेशन पीरियड की सीमा में ताे उलझे ही थे, इनकी नेशनल पेंशन स्कीम में यूनिवर्सिटी का अंशदान भी जमा नहीं हाे रहा है। 150 से ज्यादा शिक्षकाें में अधिकतर की ज्वाइनिंग 2017 में हुई है। बीपीएससी से इनके इंटरव्यू का रिजल्ट तैयार हाेने के लंबे समय बाद इनका पैनल टीएमबीयू काे मिला। टीएमबीयू ने भी ज्वाइन कराने में काफी समय लिया। फिर बात प्राेबेशन पीरियड की आई ताे मामला इसकी अवधि दाे की जगह एक साल की जाए या नहीं, इसमें फंसा रहा। अब इनपर तीसरी मार एनपीस कंट्रीब्यूशन नहीं हाेने की पड़ रही है। इन चार वर्षाें में ज्यादा असिस्टेंट प्राेफेसर के एनपीएस के लिए न ताे प्रान बना और न टीएमबीयू ने अपना अंशदान जमा किया। हालांकि अब इसकी प्रक्रिया शुरू की गई है।

असिस्टेंट प्राेफेसर ने एनपीएस में टीएमबीयू का अंशदान जमा कराने के लिए पूर्व के प्रभारी कुलपतियों और रजिस्ट्रार काे कई बार आवेदन दिया लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बीच कुछ शिक्षकाें ने मामले की जानकारी भूटा काे दी अाैर सहयाेग करने की अपील की। भूटा के महासचिव डाॅ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि एनपीएस में विश्वविद्यालय का अंशदान जमा हाेने का नियम है ताे अंशदान जमा हाेना चाहिए।

अब प्रक्रिया शुरू हुई है ताे जब से अंशदान जमा हाेना चाहिए था तब से जमा हाे। शिक्षकाें ने बताया कि एक सितंबर 2005 काे या इसके बाद नियुक्त हुए कर्मियाें के प्रान एकाउंट में कर्मी के बेसिक और डीए का 10 प्रतिशत तथा यूनिवर्सिटी का 10 प्रतिशत अंशदान जमा हाेने का नियम है। लेकिन टीएमबीयू में केवल शिक्षकाें का अंशदान ही जमा हाे रहा है। इस बारे में पीआरओ डाॅ. दीपक कुमार दिनकर ने बताया कि सिस्टम गुरुवार काे इंस्टाॅल हाे गया था। यह एनएसडीएल मुंबई से नियंत्रित हाेता है। प्रान के लिए शुक्रवार काे ट्रायल के ताैर पर कुछ शिक्षकाें काे वन टाइम पासवर्ड का मैसेज भेजा गया है। सब ठीक रहा ताे जल्द व्यवस्था शुरू हाे जाएगी।

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