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पढ़ाई और रोजगार में जान फूंकेगा विद्यायन एप:बाजार में मौजूद दूसरे एजुकेशनल एप्लीकेशन को भी देगा बराबर की टक्कर, बनी नई टीम

भागलपुर15 दिन पहले
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इसी नई टीम के साथ विद्यायन की फिर होगी शुरुआत। - Dainik Bhaskar
इसी नई टीम के साथ विद्यायन की फिर होगी शुरुआत।
  • इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र ने किया था स्टार्टअप, नोएडा की कंपनी से फंडिंग को लेकर हो रही बातचीत

भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पहले स्टार्टअप विद्यायन को अब नए सिरे से उतारने की तैयारी चल रही है। एप्लीकेशन से ऑनलाइन शिक्षा देने और शिक्षकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए तैयार इस स्टार्टअप को 24 घंटे काम करने लायक बनाया जा रहा है। इस पर आईआईटी इलाहाबाद, एनआईटी जयपुर, आईआईईएसटी शिवपुर और कई प्राइवेट कॉलेज के स्टूडेंट्स काम कर रहे हैं। बाजार में मौजूदा एजुकेशनल एप से टक्कर लेने के लिए भी रणनीति बनाई जा रही है।

एप को बेहतर बनाने में जुटे हैं आईआईटी इलाहाबाद समेत 5 बड़े शैक्षणिक संस्थान

7 जनवरी को शुरू हुआ था स्टार्टअप
विद्यायन की शुरुआत 7 जनवरी 2021 को हुई थी। इस स्टार्टअप के फाउंडर सुरेश विद्यार्थी ने बताया, कोरोनाकाल में स्टार्टअप से जुड़े कई टीम मेंबर ने कंपनी छोड़ दी थी। इसे दोबारा शुरू किया जा रहा है। हालांकि यह चुनौतीपूर्ण है। लेकिन कंपनी की एक्टिविटी में सुधार हुआ है। सुरेश के अनुसार, इस स्टार्टअप कंपनी की वैल्यू 30-40 लाख हो गई है। विद्यायन की शुरुआत में इस स्टार्टअप की काफी सराहना हुई थी। जापान के प्रोफेसर ने भी पढ़ाई और रोजगार के इस कॉन्सेप्ट को पसंद किया था।

इन चुनौतियों से निपट रही है कंपनी
नई टीम:
स्टार्टअप को दोबारा स्थापित करने व बाजार में बने रहने में तीन चुनौतियां हैं। पहली चुनौती थी कि कोरोनाकाल में कंपनी छोड़ने वाले टीम मेंबर की जगह काबिल मेंबर जोड़े जाएं। फाउंडर सुरेश विद्यार्थी ने बताया, नई टीम बनी है। इसमें राहुल, करूणा, श्रेया, प्राची, प्राची प्राखर, शाजिया, सप्ना, रिचा, रिमझिम, अभिषेक, तुषार असुप्रिया, मदन कुमार झा अन्य को शामिल किया है।

फंडिंग: कंपनी को प्रतिस्पर्धी दौर में फंडिंग की जरूरत है। इसके लिए फाउंडर सुरेश ने कई कंपनियों से अपने कॉन्सेप्ट साझा किए, लेकिन हर बार बात कंपनी के शेयर प्रॉफिट पर अटक गया। सुरेश ने बताया, नोएडा की एक कंपनी से बात चल रही है। जल्द ही फंडिंग होगी।

पॉपुलरिटी: विद्यायन एप की बाजार में पॉपुलरिटी के लिए कई बदलाव किए गए हैं। बेहतर प्रदर्शन के लिए टीम के सभी मेंबर के लिए लक्ष्य तय नहीं किया गया है। उन्हें क्रिएटिव वर्क के लिए आजादी दी गई है। वर्तमान में 45 से ज्यादा छात्रों को इस एप से रोजगार मिला है।

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